उन्होंने बताया कि सरकारी योजनाओं का लाभ बिना किसी जाति या मजहब के भेदभाव के, केवल गरीबी को आधार मानकर दिया जा रहा है। आज के कार्यक्रम में जनपद के 2304 पात्र लाभार्थियों के खातों में आवास की पहली किश्त की राशि भेजी गई है।
उन्होंने लोगों से आत्मनिर्भर बनने की अपील करते हुए कहा कि परिवार की आर्थिक मजबूती के लिए स्वयं भी प्रयास जरूरी है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री द्वारा स्वयं सहायता समूहों के लिए शुरू की गई योजनाओं का उल्लेख करते हुए लोगों से समूहों से जुड़ने का आह्वान किया, ताकि प्रत्येक परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बन सके।
कार्यक्रम के दौरान यह भी बताया गया कि प्रदेश भर में 2 लाख लोगों को सीधे उनके खातों में आवास की धनराशि भेजी जा रही है, जो प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी के लिए घर के संकल्प को साकार करने की दिशा में बड़ा कदम है। लाभार्थियों को यह राशि बिना किसी सिफारिश के सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जा रही है।
इस अवसर पर विजय बहादुर पाठक और रामसूरत राजभर द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना–शहरी के तहत लाभार्थियों को प्रतीकात्मक रूप से आवास स्वीकृति पत्र भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा, उप जिलाधिकारी सहित अन्य संबंधित अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जिला विकास अधिकारी ने कहा कि 25 नवंबर से 25 दिसंबर, 2025 तक चलने वाले अभियान के तहत छूटे हुए सभी पात्र लाभार्थियों का शत-प्रतिशत आयुष्मान कार्ड बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि योजना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसके अंतर्गत पात्र परिवार के सभी सदस्यों को कार्ड जारी करना आवश्यक है। विशेष रूप से 70 वर्ष से अधिक वरिष्ठ नागरिकों का पंजीकरण भी अनिवार्य है।
बैठक में निर्णय हुआ कि प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना, अंत्योदय/पात्र गृहस्थी राशन कार्ड धारक और श्रम विभाग में पंजीकृत श्रमिकों के लिए गोल्डेन कार्ड बनाना सुनिश्चित किया जाएगा। इसके लिए पंचायत भवन, आयुष्मान आरोग्य मंदिर और कोटे की दुकानों में रोस्टरवार कैम्प आयोजित होंगे। ब्लॉकवार और ग्रामवार माइक्रोप्लान तैयार कर सभी संबंधित विभागों को उपलब्ध कराया जाएगा।
डी०आई०यू० टीम द्वारा पोर्टल से निकाली गई अपडेटेड सूची फ्रंटलाइन वर्कर्स को उपलब्ध कराई जाएगी। इससे छूटे हुए परिवार और वरिष्ठ नागरिकों का शत-प्रतिशत कार्ड बन सकेगा। डी०पी०सी० टीम कैम्प की योजना तैयार कर संबंधित विभाग को अभियान से पहले उपलब्ध कराएगी।
माइक्रोप्लान में कार्ड बनाने वाली टीम में आशा, आंगनबाड़ी, फील्ड लेवल वर्कर, कोटेदार, पंचायत सहायक और स्वयं सहायता समूह की महिलाएँ शामिल होंगी। टीम अभियान से एक दिन पहले लाभार्थियों को सूचित करेगी। अभियान के दौरान प्रतिदिन कार्यक्षेत्र में आने वाले परिवारों के छूटे हुए सदस्यों के कार्ड बनाए जाएंगे।
जिला विकास अधिकारी ने स्पष्ट किया कि राज्य स्तर से पोर्टल पर अपडेटेड डाटा अपलोड होता रहेगा, जिससे सभी विभाग छूटे हुए लाभार्थियों को आसानी से ट्रैक और कार्ड जारी कर सकेंगे।
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