रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जिले की अहरौला पुलिस ने फर्जी एवं कूटरचित खतौनी के आधार पर जमीन बेचने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का शुक्रवार को पर्दाफाश किया। कोर्ट के आदेश पर बृहस्पतिवार/शुक्रवार की देर रात अहरौला थाने में मुकदमा पंजीकृत किया गया था। शुक्रवार को अहरौला थाना पुलिस में मुख्य आरोपी समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। जिनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त क्रेटा कार और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए है।
वहीं कोर्ट के आदेश पर ठगी का मुकदमा दर्ज होने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन व अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन और क्षेत्राधिकारी बूढ़नपुर के पर्यवेक्षण में अहरौला थाना पुलिस सक्रिय हुई। मुकदमा संख्या 241/2026 की विवेचना के दौरान अहरौला पुलिस को सूचना मिली कि फर्जी खतौनी के जरिए जमीन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी बरामदपुर पुलिया की ओर आ रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने घेराबंदी कर क्रेटा कार को रोककर उसमें सवार चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शोभनाथ सेठ, सुधीर सेठ, इन्द्रभूषण सेठ और मुन्नीलाल शर्मा के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि वे फर्जी खतौनी दिखाकर लोगों को जमीन बेचने का झांसा देते थे। विश्वास में लेकर आरटीजीएस और नकद के माध्यम से रुपये वसूलने के बाद न तो जमीन का बैनामा करते थे और न ही रकम वापस करते थे। रुपये मांगने पर पीड़ितों को धमकी भी इनके द्वारा दिया जाता था।
विदित हो कि पीड़ित दुर्गेश कुमार पाण्डेय की तहरीर पर अहरौला थाने में धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेज के इस्तेमाल, गाली-गलौज और धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। वहीं पुलिस के मुताबिक, मुख्य आरोपी शोभनाथ सेठ के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा एनआई एक्ट के तहत उसके विरुद्ध करीब 20 मामले न्यायालय में विचाराधीन बताए गए हैं।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक चन्द्रशेखर सिंह समेत थाना अहरौला के पुलिसकर्मी शामिल रहे।
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रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद के अहरौला थाने में जमीन के नाम पर 35 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज एफआईआर में आरोप है कि फर्जी खतौनी और फर्जी एग्रीमेंट के जरिए जमीन बेचने का झांसा देकर वादी से लाखों रुपये वसूल लिए गए। बाद में न तो जमीन का बैनामा किया गया और न ही रकम वापस की गई।
वहीं पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार अतरौलिया थाना क्षेत्र के ईश्वरपुर पवनी निवासी दुर्गेश कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2019 में परिचित के माध्यम से उसकी मुलाकात शोभनाथ सेठ और अन्य लोगों से हुई। आरोप है कि इन लोगों ने ग्राम मोहिउद्दीनपुर की आराजी संख्या 193 की जमीन अपनी बताकर खतौनी दिखाई और बैनामा कराने का भरोसा दिया।
वहीं वादी का कहना है कि विश्वास में लेकर 24 फरवरी 2020 को 19 लाख रुपये, 4 सितंबर 2020 को 10 लाख रुपये तथा 5 सितंबर 2020 को 6 लाख रुपये, कुल 35 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए। इसके बाद 6 सितंबर 2020 को एक एग्रीमेंट भी कराया गया, लेकिन कई बार कहने के बावजूद जमीन का बैनामा नहीं किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जांच कराने पर पता चला कि जिस गाटा संख्या की जमीन दिखाई गई थी, वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है। आरोप है कि फर्जी खतौनी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की गई। जब पीड़ित ने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
वहीं कोर्ट के आदेश पर अहरौला थाने में शोभनाथ सेठ सहित नामजद और अन्य आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना एवं धमकी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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आजमगढ़। जमीन का बैनामा कराने के बहाने लखनऊ के दवा व्यवसायी से 60 लाख रुपये ठगने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर शहर कोतवाली पुलिस ने चार आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
मिली जानकारी के अनुसार, लखनऊ निवासी दवा व्यवसायी अनिल कुमार वर्मा के परिचित दिनेश सिंह राठौर ने उन्हें आजमगढ़ के कुछ लोगों से मिलवाया। उसने सिधारी क्षेत्र के खैरातपुर गांव निवासी नागेंद्र कुमार सिंह, दादनपुर निवासी रामबचन, मऊ के अहिरौली अरियोसी घोसी निवासी रामबचन और महराजगंज थाना क्षेत्र के सिकंदरपुर आइमा गांव निवासी अजमल खां को जमीन कारोबारी बताते हुए रायबरेली रोड स्थित 3000 वर्ग फीट प्लॉट दिखाया।
आरोप है कि इन लोगों ने जमीन की कीमत 60 लाख रुपये बताई और पीड़ित से रकम ऐंठ ली। अनिल वर्मा ने 59 लाख 20 हजार रुपये चेक से और 80 हजार रुपये नकद दिए। बाद में चेक बाउंस हो गए और पैसे वापस नहीं किए गए। जब पीड़ित ने रकम लौटाने की मांग की तो आरोपियों ने टालमटोल किया। आरोप है कि नागेंद्र सिंह ने धमकी दी कि दोबारा पैसे मांगे तो जान से हाथ धो बैठोगे।
पुलिस ने तहरीर के आधार पर सभी आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
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