संकेतिक फोटो
आजमगढ़। जिले में 6 अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन तैयारियों में जुटा हुआ है। कंधरापुर थाना क्षेत्र के मिरिया रेहड़ा गांव में गोरक्षनाथ डेयरी के उद्घाटन के साथ जनसभा का कार्यक्रम संभावित है।
लखनऊ में भाजपा के वरिष्ठ सूत्रो के मुताबिक 6 अप्रैल को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ आजमगढ़ पहुंचेंगे, जहां कंधरापुर थाना क्षेत्र के मिरिया रेहड़ा गांव में गोरक्षनाथ डेयरी का उद्घाटन करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
सीएम के संभावित आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस विभाग पूरी तरह अलर्ट है और कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के साथ-साथ अन्य तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा कार्यक्रम को व्यवस्थित कर ताकि कार्यक्रम सुचारू रूप से संपन्न कराया जा सके।
गौरतलब है कि इससे पहले भी संभावित सीएम का कार्यक्रम एक बार स्थगित भी हो गया था।
]]>इसी कार्यक्रम के दौरान अहरौला–कप्तानगंज 21 किलोमीटर लंबे मार्ग का शिलान्यास भी किया जाना है। यह सड़क पिछले करीब 15 वर्षों से बदहाल स्थिति में है और बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है। सड़क निर्माण के लिए शासन स्तर से 58 करोड़ रुपये का बजट जारी किया जा चुका है।
कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर एवं सुभासपा के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता अरुण राजभर ने 27 जनवरी को जनता इंटर कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया था।
अरुण राजभर ने बताया कि 22 फरवरी को समरसता रैली प्रस्तावित है, जिसमें मुख्यमंत्री और दोनों उपमुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। कार्यक्रम में करीब दो लाख लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही कार्यक्रम की आधिकारिक घोषणा कर दी जाएगी।
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निरीक्षण के बाद अधिकारियों ने समीप स्थित कंपोजिट विद्यालय के बगल की लगभग 10 बीघा नवीन परती भूमि का भी अवलोकन किया, जहां मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान हेलीपैड और जनसभा स्थल बनाए जाने की संभावनाओं पर विचार किया गया। जिलाधिकारी ने साफ-सफाई के निर्देश देने के साथ ही नवीन परती भूमि पर कब्जे की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए पैमाइश कराकर सीमांकन कराने के आदेश दिए।
इसके बाद जिलाधिकारी ने हरिहरपुर के कलाकारों के साथ बैठक कर मुख्यमंत्री के संभावित कार्यक्रम को लेकर सुझाव भी मांगे। उन्होंने कलाकारों से कहा कि मुख्यमंत्री के समक्ष हरिहरपुर की सुर-संगीत परंपरा की झलक प्रस्तुत की जाएगी, इसलिए अभी से अपने सुर-संगीत की विशेष तैयारी शुरू कर दें।
उधर, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री का 28 दिसंबर को भी हरिहरपुर भ्रमण हो सकता है। इस दौरान वे नवनिर्मित संगीत महाविद्यालय का निरीक्षण करने के साथ-साथ अधिकारियों के साथ विकास कार्यों और कानून व्यवस्था की मंडलीय समीक्षा बैठक भी कर सकते हैं। मुख्यमंत्री के संभावित आगमन को लेकर हरिहरपुर गांव से लेकर जिला प्रशासन तक पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है।

कलेक्ट्रेट सभागार में मुख्यमंत्री एसआईआर को लेकर मंडल के जनप्रतिनिधियों, भाजपा नेताओं और एसआईआर संयोजकों के साथ महत्वपूर्ण बैठक करेंगे। इस दौरान मंडल में एसआईआर से जुड़े सभी कार्यों की विस्तृत समीक्षा की जाएगी। करीब एक घंटे तक चलने वाली इस बैठक में मुख्यमंत्री मंडल के तीनों जिलों आज़मगढ़, मऊ और बलिया में एसआईआर की प्रगति को बारीकी से परखेंगे।
बैठक में तीनों जिलों के डीएम और एसपी मौजूद रहेंगे, जबकि मुख्य विषय पूरी तरह एसआईआर पर केंद्रित रहेगा। जानकारी के अनुसार बैठक में मंडल से ऊर्जा मंत्री एके शर्मा, कारागार मंत्री दारा सिंह चौहान और परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह भी शामिल होंगे।
इसके अलावा भाजपा के क्षेत्रीय अध्यक्ष सहजानंद राय, तीनों जिलों के जिलाध्यक्ष, मंडल एसआईआर प्रभारी प्रदेश मंत्री शिवभूषण, एसआईआर आजमगढ़ संयोजक नन्हकू राम सरोज, सभी जिला प्रवासी, जिलों के प्रभारी, एसआईआर संयोजक, सभी सांसद, विधायक, एमएलसी और 2022 के चुनावों में प्रत्याशी रहे नेता भी हिस्सा लेंगे।
बैठक में सभी विधानसभाओं के BLA भी उपस्थित रहेंगे। बताया जा रहा है कि यह पूरा सत्र लगभग एक घंटे चलेगा और मुख्यमंत्री व्यक्तिगत तौर पर मंडल में एसआईआर की रफ्तार को मापेंगे और आगे की रणनीति तय करेंगे।
]]>आज़मगढ़ । जिले में गुरुवार को होने वाले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दौरे को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह हाई-अलर्ट मोड में है। कलेक्ट्रेट से लेकर शहर की सड़कों तक तैयारियों को तेजी से अंतिम रूप दिया गया है। सुरक्षा और व्यवस्थाओं की समीक्षा के लिए प्रशासन तथा पुलिस दिनभर सक्रिय रहे और सभी विभागों को सख्त निर्देश जारी किए गए।
मुख्यमंत्री के आगमन से पहले तैयारियां अंतिम दौर में
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार सुबह 10 बजे जनपद पहुंचेंगे और कलेक्ट्रेट सभागार में मंडलीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक करेंगे। जिसमे आज़मगढ़ के अलावा मऊ और बलिया जिले के अधिकारी शामिल होंगे। जिला प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था, यातायात नियंत्रण और साफ-सफाई से संबंधित सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। नगर पालिका की टीमों द्वारा पिछले तीन दिनों से शहर में विशेष साफ-सफाई अभियान चलाया जा रहा है। कलेक्ट्रेट परिसर, मार्गों और महत्वपूर्ण स्थानों पर पेंटिंग व सफाई कार्यों को भी अंतिम रूप दिया गया है।
मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर को उतारने के लिए पुलिस लाइन ग्राउंड पर हेलीपैड तैयार किया गया है।
पुलिस लाइन में उच्चस्तरीय ब्रीफिंग, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद
मुख्यमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए पुलिस लाइन आज़मगढ़ में जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय ब्रीफिंग हुई। बैठक में जनपद के सभी अन्य जिलों के राजपत्रित व अराजपत्रित पुलिस अधिकारियों-कर्मचारियों की उपस्थिति रही।
एसएसपी ने निर्देश दिया कि वीवीआईपी मूवमेंट के दौरान कानून-व्यवस्था पूर्णतः नियंत्रित रहे और कहीं भी भीड़, जाम या अव्यवस्था जैसी स्थिति न होने पाए। सभी ड्यूटी प्वाइंटों पर पुलिस कर्मियों को अधिकतम सतर्कता और अनुशासन के साथ तैनाती के निर्देश दिए गए।
उन्होंने जनता से शालीन व्यवहार पर बल देते हुए कहा कि पुलिस की संवेदनशील और सकारात्मक छवि हर स्थिति में बरकरार रहनी चाहिए। डीएम ने प्रशासन और पुलिस के बीच समन्वय को मजबूत बनाए रखने तथा सभी तैयारियों को समयबद्ध रूप से पूरा करने पर जोर दिया।
कलेक्ट्रेट से 5 किमी क्षेत्र नो फ्लाइंग जोन घोषित
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का 11 दिसंबर को कलेक्ट्रेट, थाना कोतवाली क्षेत्र में दौरा प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर को नो-फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। कार्यक्रम स्थल के 5 किलोमीटर क्षेत्र में सभी प्रकार के ड्रोन उड़ान/संचालन पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। आदेश का कड़ाई से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।

गुरुवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कलेक्ट सभागार में अधिकारियों के साथ मंडलीय समीक्षा बैठक करेंगे इसके लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है । मुख्यमंत्री का करीब एक घंटे का कार्यक्रम है।
रविन्द्र कुमार, जिलाधिकारी आज़मगढ़

मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह से चाक चौबंद रहेगी। इसके लिए सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को ब्रीफ कर दिया गया है, सुरक्षा में जनपद के अलावा अन्य जिलों से भी फोर्स मंगाई गई है।
डॉ अनिल कुमार, एसएसपी
]]>आजमगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नौ जुलाई को आजमगढ़ आ सकते हैं। वे सठियांव इलाके में केरमा गांव के पास पूर्वांचल एक्सप्रेव-वे के किनारे बृहद पौधरोपण अभियान में शामिल होंगे। इसके आसपास ही मुख्यमंत्री की जनसभा भी हो सकती है।
मुख्यमंत्री के आगमन की जानकारी मिलने के बाद शनिवार को डीएम-एसपी मौके पर पहुंचे और कार्यक्रम स्थल का जायजा लिया। मुबारकपुर थाना क्षेत्र के केरमा गांव में प्रदेश के मुखिया का आगमन हो सकता है। इसकी तैयारिया शुरू हो चुकी हैं। सीएम कार्यालय से सूचना मिलने के बाद शनिवार को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार और एसएसपी हेमराज मीना केरमा गांव पहुंचे।
डीएम ने हेलीपैड और कार्यक्रम स्थल के लिए जमीन का सर्वे कराया। उनके साथ कई अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे के पास यूपीडा की करीब 17 हेक्टेयर जमीन खाली पड़ी है। नौ जुलाई को बृहद पौधरोपण अभियान के तहत इस जमीन में 12 हजार पौधे लगाए जाएंगे। मुख्यमंत्री पौधरोपण करने के साथ ही जनसभा को भी संबोधित करेंगे। उनके आगमन को लेकर प्रशासन पूरी तरह से तैयारियों में जुट गया है। शनिवार को डीएम-एसपी के अलावा डीसी मनरेगा रामउदरेज यादव, खंड विकास अधिकारी राजकिशोर सिंह, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता शंकर्षण लाल, तहसीलदार विवेकानंद, एपीओ निर्भय राय आदि ने भी सीएम के कार्यक्रम को लेकर व्यवस्था का जायजा लिया।
]]>लखनऊ। गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के शुभारंभ के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी और अध्यक्ष अखिलेश यादव पर बड़ा हमला बोला। सपा की पिछली सरकार के संबंध डी-कंपनी और दाउद इब्राहिम से जोड़ दिया। इस पर अखिलेश यादव ने भी पलटवार किया है। अखिलेश यादव ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे को सबसे महंगा हाईवे करार देते हुए दावा किया कि यह एक्सप्रेसवे नहीं बल्कि चार-लेन वाला राजमार्ग है। अखिलेश यादव ने लखनऊ में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जो लोग दूसरों के बनाए राजमार्ग पर उंगली उठाते हैं, वे अपनी सरकार बनने के बाद तरह-तरह के बयान देते हैं। भ्रष्टाचार पर कितनी बातें की गईं। आज सबसे महंगा राजमार्ग बना है। अखिलेश ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री को एक्सप्रेसवे और राजमार्ग का अंतर ही नहीं पता है।
अखिलेश ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की लागत पर उठाए सवाल
अखिलेश ने गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण की लागत पर सवाल उठाते हुए कहा कि कल तक हम अखबारों में खोजते थे कि कितने हजार करोड़ रुपये में राजमार्ग बना है। लेकिन, मैं धन्यवाद देना चाहता हूं कि आज सभी अखबारों ने बताया है कि राजमार्ग सात हजार करोड़ रुपये में बना है और इसे कब बनना चाहिए था? अगर किसानों का मुआवजा दो हजार करोड़ रुपये है, तो पांच हजार करोड़ रुपये (बचे हुए) हैं। अगर हम पांच हजार करोड़ रुपये को 91 किलोमीटर सड़क (लंबाई) से विभाजित करते हैं, तो इसकी लागत 50 करोड़ रुपये प्रति किलोमीटर से अधिक होगी, और वह भी चार-लेन।
उन्होंने कहा कि यह 4-लेन राजमार्ग है, एक्सप्रेसवे नहीं। अखिलेश ने कहा कि हमारे मुख्यमंत्री को 4-लेन राजमार्ग और एक्सप्रेसवे के बीच का अंतर नहीं पता है। यह सड़क भारतीय सड़क कांग्रेस के मानकों के अनुसार नहीं बनाई गई है। और जिसने भी मानकों के साथ खिलवाड़ किया है, क्या यह सरकार ऐसे अधिकारियों के खिलाफ कभी कार्रवाई करेगी।
डी कंपनी पर अखिलेश ने दिया जबाब
डी कंपनी पर एक सवाल के जवाब में सपा प्रमुख ने कहा कि डी कंपनी क्या है, यह बताइए। आप किस डी कंपनी का जिक्र कर रहे हैं? मैं आपको बता रहा हूं कि डी कंपनी क्या है, यह एक विकास कंपनी है। उन्होंने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे किसी नेता ने नहीं मांगा था। जब आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे बना था, उस समय नेताजी (मुलायम सिंह यादव) की बदौलत, जिन्हें आजमगढ़ ने (अपने लोकसभा सांसद के रूप में) चुना था, मैंने इसकी घोषणा की थी, शिलान्यास किया था और भूमि अधिग्रहण किया था। अखिलेश ने यह भी कहा कि यदि सपा सत्ता में आती है, तो हम आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे की तुलना में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर बेहतर काम करेंगे, ताकि यह बेहतर दिखे।
क्या बोले थे सीएम योगी
गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का शुभारंभ करते समय सीएम योगी ने अखिलेश की पिछली सराकर पर निशाना साधते हुए कहा कि 2017 से पहले सड़कों का हाल ऐसा था कि गड्ढे में सड़क थी या सड़क में गड्डा, पता ही नहीं चलता था। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का शिलान्यास तो हो गया था, लेकिन जमीन तक नहीं खरीदी गई थी। 15,200 करोड़ रुपए में 110 मीटर चौड़ा एक्सप्रेसवे बनाना चाहते थे, हमने उसे 120 मीटर चौड़ा करके 11,800 करोड़ रुपये में बनवाया। बचे हुए पैसों की डकैती किसकी होती, जनता समझती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें विकास की बजाय डी-कंपनी और दाऊद गिरोह के साथ साझेदारी करती थीं, सुरक्षा में सेंध लगाती थीं और आजमगढ़ को आतंक का गढ़ बना दिया था। 2007-08 में शिबली नेशनल कॉलेज में अजीत राय की हत्या वंदे मातरम गाने की वकालत के लिए हुई थी, लेकिन अब ऐसा दुस्साहस कोई नहीं कर सकता। आज कोई प्रदेश की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने की कोशिश करता है तो उसके लिए यमराज का टिकट पहले से कट जाता है।
]]>आजमगढ़ । मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रोड कनेक्टिविटी की शानदार सौगात गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण फुलपुर तहसील के सलारपुर टोलप्लाजा के पास किया। लोकार्पण के बाद सीएम ने जनसभा को संबोधित किया। इस दौरान सीएम ने आज़मगढ़ में सरकार द्वारा किए गए विकास कार्यों को गिनाया तो वही समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला बोला।
जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम ने कहा कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के गोरखपुर से आजमगढ़ की अंबेडकर नगर और संत कबीर नगर को वर्ल्ड क्लास कनेक्टिविटी का उपहार आज आपको प्राप्त हो रहा है। इसके लिए सीएम ने सभी को बधाई देते हुए कहा कि देश के प्रधानमंत्री मोदी ने देशवासियों के सामने आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के अवसर पर जो लक्ष्य तय किया था और उसे लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए कीवर्ष 2047 में भारत एक विकसित भारत होगा। उसे विकसित भारत के लिए विकसित और आत्मनिर्भर उत्तर प्रदेश बनाने की दिशा में डबल इंजन की भारतीय जनता पार्टी की सरकार के द्वारा किए गए प्रयासों से आज उत्तर प्रदेश एक्सप्रेस वे प्रदेश के रूप में अपनी पहचान बना रहा है ।
आज आजमगढ़ अदम्य साहस का गढ़ बन चुका है
सीएम ने कहा कि आज से 8 वर्ष पहले पहचान का संकट होता था। लोग आजमगढ़ का नाम लेने से घबराते थे । उत्तर प्रदेश का नाम लेने से घबराते थे। आज़मगढ़ ने एक नहीं दो-दो मुख्यमंत्री दिए और इस आज़मगढ़ को पहचान का मोहताज होना पड़ा था। लेकिन आज 8 वर्ष के अंदर प्रधानमंत्री मोदी जी के मार्गदर्शन में आजमगढ़ पहचान का मोहताज नहीं है। आज आजमगढ़ से अदम्य साहस का गढ़ बन चुका है। अब यह विकास की मुख्य धारा के साथ जुड़ चुका है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि याद करिए कितने विकास की योजनाएं पिछले 8 वर्ष में आजमगढ़ में आई। पूर्वांचल एक्सप्रेस वे का शिलान्यास भी जुलाई 2018 में प्रधानमंत्री जी ने किया था और उद्घाटन भी 2021 में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे का उद्घाटन भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया था। अब मैं देखता हूं आजमगढ, मऊ, गाजीपुर, बलिया के लोग सुबह जाते हैं लखनऊ और दोपहर में अपना कार्य निपटा करके वापस अपने गांव , अपने शहर में वापस आ जाते हैं । यह होती है गति और यही होती है प्रगति।
2017 में डेढ़ एक्सप्रेस वे , 2025 में 6 एक्सप्रेस वे
जब हम लोग 2017 में आए थे हमारे पास डेढ एक्सप्रेसवे थे। यमुना एक्सप्रेस वे और आगरा- लखनऊ एक्सप्रेसवे का काम आधा हुआ था । आज मुझे बताते हुए प्रसन्नता है कि आधे काम को तो हमने पूरा किया ही, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे की यात्रा का साक्षी आप बन रहे हैं। 2021 से लगातार बना रहे हैं। 2022 में बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे चालू हो गया है। 300 किलोमीटर का है, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे 340 किलोमीटर का बनकर पहले तैयार हो चुका है। अब इसकी कनेक्टिविटी सीधे पटना तक के लिए पूरी पूरी होने जा रही है । पटना से लेकर के लखनऊ तक और लखनऊ से लेकर दिल्ली तक की पूरी कनेक्टिविटी कितनी आसान हो जाएगी।
पटना से लेकर के दिल्ली तक की कनेक्टिविटी
। 1857 के प्रथम स्वतंत्र समर के नायक वीर कुंवर सिंह ने जब अंग्रेजों को पछाड़ने के लिए आजमगढ़ तक अंग्रेजों का मुकाबला किया था , तब कनेक्टिविटी नहीं थी । अगर उस समय यह पूर्वांचल एक्सप्रेसवे होता तो आजमगढ़ के लोग वीर कुंवर सिंह के साथ मिलकर के अंग्रेजों को मार-मार करकेखदेड़े होते और फिर यह देश 1857 में ही स्वाधीन हो गया होता । लेकिन आज पटना से लेकर के दिल्ली तक की कनेक्टिविटी पूर्वांचल एक्सप्रेसवे देने जा रही है । बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे दिल्ली से आगरा होते हुए, हम इसको सीधे चित्रकूट तक जोड़ रहे हैं । 300 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे बन चुका है । यातायात फर्राटा भर रहा है । और आज 91 किलोमीटर का एक्सप्रेसवे आजमगढ़ से गोरखपुर की कनेक्टिविटी को पूरा करने जा रहा है। बीच में अंबेडकर नगर जनपद और संत कबीर नगर जनपद में इसका लाभ प्राप्त करेगा । दिल्ली से मेरठ के बीच में एक्सप्रेसवे का निर्माण 12 लेन का एक्सप्रेस वे पहले ही प्रारंभ हो चुका है । एक्सप्रेसवे बनने के पहले दिल्ली से मेरठ की दूरी को तय करने में लगते थे 3 घंटे और आज एक्सप्रेस वे हो गया है तो मात्र 40 से 45 मिनट में दूरी को तय किया जा सकता है । गंगा एक्सप्रेसवे लगभग 600 किलोमीटर लंबा बन रहा है। मेरठ से लेकर के प्रयागराज तक इसकी बेहतरीन कनेक्टिविटी हो रही है। इस वर्ष के अंत तक हम उसको भी प्रधानमंत्री जी के कर कमलों से लोकार्पित करने वाले हैं । लखनऊ से कानपुर के बीच का एक्सप्रेस वे, बलिया लिंक एक्सप्रेस वे और इस प्रकार के लगभग 6 एक्सप्रेस वे निर्माणाधीन है । शेष पर कार्य होने जा रहा है। यानी इंफ्रास्ट्रक्चर को इतना मजबूत कर देंगे , इतना मजबूत कर देंगे कि उत्तर प्रदेश को समृद्ध होने से कोई रोक नहीं सकता है, कोई वंचित नहीं कर सकता है । और यही तो इस नए भारत के नए उत्तर प्रदेश की पहचान है ।
2017 से पहले सड़क में गड्ढे या गड्ढे में सड़क
वर्ष 2017 के पहले पता ही नहीं लगता था, गड्ढे में सड़क है कि सड़क में गड्ढे।लेकिन आज गड्ढा मुक्त सड़के है। इंटर इस्टेट कनेक्टविट फोरलेन के साथ है,हर जनपद मुख्यालय फोरलेन कनेक्टिविटी के साथ, तहसील और ब्लॉक मुख्यालय टू लाइन की कनेक्टिविटी के साथ है।
आज 16 एयरपोर्ट क्रियाशील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि याद करिए वर्ष 2017 के पहले दो एयरपोर्ट थे आज उत्तर प्रदेश के अंदर 16 एयरपोर्ट क्रियाशील है । उसमें से चार इंटरनेशनल एयरपोर्ट है, अयोध्या का इंटरनेशनल एयरपोर्ट महर्षि वाल्मीकि के नाम पर है और सफलतापूर्वक संचालित हो रहा है एक्सप्रेसवे के किनारे औद्योगिक क्लस्टर विकसित किया जा रहा है। उद्योग यही लगेंगे, यहीं पर इसका लाभ मिलेगा पहचान का मोहताज नहीं होना पड़ेगा। हमारे यहां के नौजवानों को उसी के गांव उसी के क्षेत्र में रोजगार भी मिलेगा । प्रधानमंत्री मोदी जी के संकल्प के अनुसार विकसित भारत के सपने को साकार करने का जो लक्ष्य उन्होंने हमें दिया है उसे लक्ष्य को प्राप्त करने में उत्तर प्रदेश अपनी भूमिका का निर्माण करेगा। आज इंफ्रास्ट्रक्चर इसी को लेकर के आपको समर्पित किया जा रहा है।
सत्ता में आने पर परिवार की बात करते
सीएम ने समाजवादी पार्टी पर हमला बोलते हुए कहा कि विकास का कोई विकल्प नहीं हो सकता। जो लोग जाति के नाम पर बांटने वाले लोग हैं यह वही लोग हैं जिनको सत्ता मिली थी। जाति के नाम पर तो बांधते थे लेकिन जब सत्ता में आते थे तो सत्ता में आने पर तब यह लोग अपने परिवार की बात करते थे। अभी आप मुझे बताइए 60244 पुलिस भर्ती हुई है ना । आजमगढ़ के लोग भर्ती हुए हैं कि नहीं हुए हैं, मुझे बताओ आप मुझे बताओ किसी से कोई पैसा मांगा है क्या। कोई सिफारिश करवानी पड़ी है क्या। अरे हर जाति हर संप्रदाय से जुड़े हुए लोग भर्ती हुए हैं ,और इसमें भी 12045 केवल बेटियां भर्ती हुई है । उनकी ट्रेनिंग भी होने जा रही है। उत्तर प्रदेश का नौजवान एक साथ 60244 एक साथ भर्ती हो गया, कोई सिफारिश नहीं । वर्ष 2017 के पहले हुआ होता तो चाचा और भतीजा झोला लेकर के वसूली के लिए निकल गए होते। यानी वहा पर भी भेद होता था। पैसा लेकर के किसी की भर्ती नहीं होती थी उसके बगैर तो होती नहीं थी। लेकिन अब कोई भेदभाव नहीं ।अब तो सबकी अवसर मिल रहा है । सबका साथ और सबके विकास का यही भाव है। जिसमें सब की भागीदारी होगी कोई भेदभाव नहीं होगा अब तो आजमगढ़ का नौजवान कहीं जाएगा देश के अंदर और दुनिया के अंदर केवल उत्तर प्रदेश से हूं तो लोग बड़े सम्मान के साथ देखेंगे। उत्तर प्रदेश जिसने विरासत विकास का एक अद्भुत संबंध में स्थापित किया है, महाकुंभ प्रयागराज अयोध्या में राम जन्म भूमि पर भगवान राम लाल के भव्य मंदिर का निर्माण होना, काशी में काशी विश्वनाथ धाम का होना, मां विंध्यवासिनी धाम का विकसित होना, चित्रकूट धाम का विकसित होना यह सभी आज एक नई पहचान दिला रहे हैं और अब तो मथुरा वृंदावन की तरफ हम भिड़ चुके हैं। मथुरा वृंदावन में भी हमारा कार्य प्रारंभ हो चुका है।
सीएम योगी ने कहा कि एक्सप्रेस वे और हाईवे, रेलवे की कनेक्टिविटी, एयर कनेक्टिविटी ,महाराज सुहेलदेव के नाम पर आजमगढ़ में आज विश्वविद्यालय बन गया है। यहां के मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग कॉलेज का भी निर्माण हो चुका है।
निरहुआ और नीलम के जीतने पर द्रुत गति से हुआ था विकास
सीएम ने सपा पर हमला बोलते हुए कहा कि इन्होंने अपने परिवार की चिंता की, अपनी जाति की भी चिंता नहीं कि केवल परिवार की चिंता की। किसी गैर सफाई वासी को यहां से सांसद बनाकर के भेजने का काम किया था, तो भारतीय जनता पार्टी ने ही किया था । निरहुआ, नीलम सोनकर सांसद बानी तो आज़मगढ़ में विकास द्रुत गति से आगे बढ़ा।
पूर्वांचल एक्सप्रेस वे के नाम पर बनाया था बेवकूफ
सीएम ने कहा कि आपने मुख्यमंत्री को जीतकर भेजा वे भी विश्विद्यालय, पूर्वांचल एक्सप्रेस वे नहीं दे पाए थे। कितना बेवकूफ बनाया था पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के नाम पर । 340 किलोमीटर का लंबा एक्सप्रेस शिलान्यास कर दिया, एलाइनमेंट भी नहीं पता और जमीन एक भी इंच नहीं खरीदी। जब 6 महीने के बाद 20 17 में में आया मैंने कहा कि क्या हुआ क्या प्रोग्रेस है तो पता चला जीरो तो बनेगा कहां पर , मैंने कहा फिर यह टेंडर कैसे हो गए टेंडर कर दिए गए थे। 15200 करोड़ के एक्सप्रेसवे की चौड़ाई थी मात्र 110 मीटर। हमने चौड़ाई को 110 नहीं 120 मीटर चौड़ा किया। जिससे की बाई चांस हमें एक्सप्रेसवे के साथ जब हम हाई स्पीड सेमी हाई स्पीड ट्रेन का संचालन भी करेंगे, उसके लिए हमें जमीन चाहिए होगी । हम उसके साथ एक्सप्रेसवे के साथ उसको भी दौड़ा सके । हमने जमीन खरीदे, पुराने टेंडर को कैंसिल किया और फिर इस कार्य को आगे बढ़ाते हुए वही एक्सप्रेस में 11800 करोड रुपए में बना करके हमने समर्पित कर दिया। ये 3000- 4000 करोड रुपए की डकैती डालने वाले कौन लोग थे । यह वही लोग हैं जो आज आपको गुमराह करने के लिए फिर से ईमानदारी का चेहरा दिखाने के लिए आपके पास आएंगे।
विकास नहीं दाऊद को पालते व पार्टनरशिप करते थे
सीएम ने समाजवादी पार्टी पर जोरदार हमला बोलते हुए कहा किवे पूर्वांचल एक्सप्रेस वे नहीं बनवाये, महाराज सुहेलदेव के नाम पर विश्वविद्यालय नहीं बनाये। वे विकास नहीं करते थे, वे तो मुंबई की डी कंपनी को पालते थे। दाऊद गिरोह को पालते थे, पार्टनरशिप करते थे । उनके साथ मिलकर बंदरबांट करते थे, सुरक्षा में सेंध लगते थे, कोई आतंकी वारदात होती थी बदनाम आजमगढ़ होता था। पहचान का संकट मेरे नौजवानों के सामने आता था । आज तो ऐसा नहीं है। देश की सुरक्षा में सेंध कोई लगाएगा तो आज़मगढ़ की पहचान पर संकट नहीं आएगा बल्कि संकट पैदा करने वालो को पहले से ही जहन्नुम का टिकट दे दिया जाएगा ।
यह नया भारत है
देश की सुरक्षा पर कोई खिलवाड़ नहीं यह नया भारत है। प्रधानमंत्री मोदी जी ने ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से देश के दुश्मनों को स्पष्ट संदेश भी दे दिया है, कि कोई भारत की सुरक्षा में सेंध लगाएगा, आतंकवाद को भड़काएगा, प्रेरित और प्रोत्साहित करेगा तो घुस करके मारेंगे चाहे वह सर्जिकल स्ट्राइक, एयर स्ट्राइक हो या ऑपरेशन सिंदूर हो। भारत के बहादुर जवान दुश्मन की मांद में घुसकर के निकाल बाहर करेंगे और देश के सुरक्षा वालों का काम तमाम करेंगे।
गौरतलब है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़े गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 91.35 किमी है। यह गोरखपुर के एनएच-27 पर जैतपुर के पास शुरू होकर आजमगढ़ के सलारपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिलता है।
चार जिलों गोरखपुर,संतकबीरनगर, आंबेडकरनगर और आजमगढ़ से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे भविष्य में छह लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण सहित 7283.28 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसका निर्माण दो भाग में गोरखपुर के जैतपुर से अंबेडकरनगर के फुलवरिया तक (48.317 किमी) और फुलवरिया से आजमगढ़ के सलारपुर तक (43.035 किमी) किया गया है।
]]>आज़मगढ़। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अब से कुछ देर बाद सलारपुर में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण करेंगे। जनसभास्थल पर में लोग धीरे- धीरे पहुच रहे है। मौसम सुहाना होने से लोगो को जनसभा स्थल पर पहुचने में कोई समस्या नही आ रही है।वीआईपी गैलरी को छोड़कर पंडाल लगभग भर गया है। सीएम सुबह 10:15 बजे सलारपुर पहुचेगें और एक्सप्रेस-वे का लोकार्पण करेंगे।

गौरतलब है कि पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जुड़े गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे की कुल लंबाई 91.35 किमी है। यह गोरखपुर के एनएच-27 पर जैतपुर के पास शुरू होकर आजमगढ़ के सलारपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मिलता है। चार जिलों गोरखपुर, संतकबीरनगर, आंबेडकरनगर और आजमगढ़ से होकर गुजरने वाला यह एक्सप्रेस-वे भविष्य में छह लेन तक विस्तारित किया जा सकता है। एक्सप्रेस-वे निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण सहित 7283.28 करोड़ रुपये की लागत आई है। इसका निर्माण दो भाग में गोरखपुर के जैतपुर से अंबेडकरनगर के फुलवरिया तक (48.317 किमी) और फुलवरिया से आजमगढ़ के सलारपुर तक (43.035 किमी) किया गया है।

पूरे एक्सप्रेस-वे का सीएम करेंगे निरीक्षण
शुक्रवार सुबह आजमगढ़ के सलारपुर में गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे का लोकार्पण और जनसभा के बाद सीएम योगी इस एक्सप्रेस-वे से होकर गोरखपुर आएंगे। मार्ग में वह सरयू नदी पर कम्हरियाघाट में बने पुल पर उतरेंगे और करीब 10 मिनट तक रुककर पुल का निरीक्षण करेंगे। सीएम सरयू नदी की धारा बदलने के काम को देखेंगे। वहां से काफिला गोरखपुर के भगवानपुर टोल प्लाजा के बने कार्यक्रम स्थल पर पहुचेगा।
समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल होंगे। वह स्वच्छता कर्मियों, नाविकों व पुलिसकर्मियों को सम्मानित भी करेंगे। इसके अलावा वह नेत्र कुंभ में भी जाएंगे।
गुरुवार को मुख्यमंत्री पूरे दिन महाकुंभनगर में रहेंगे। वह दिन में लगभग 11 बजे हेलीकॉप्टर से डीपीएस हेलीपैड पर आएंगे। वहां से कार से परेड मैदान स्थित गंगा पंडाल में जाएंगे, जहां स्वच्छता कर्मियों, नाविकों, पुलिसकर्मियों समेत अन्य विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों का सम्मान होगा।
मुख्यमंत्री का दोपहर का भोज (बड़ा खाना) पुलिसकर्मियों के साथ होगा। एक साथ लगभग तीन हजार पुलिसकर्मी बड़ा खाना में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री सेक्टर 6 में नेत्र कुंभ में जाएंगे। इसके बाद वह मीडिया सेंटर जाएंगे। शाम को वह प्लेन से लखनऊ लौट जाएंगे।
समापन समारोह में कई मंत्री और उच्चाधिकारी शामिल होंगे
मुख्यमंत्री के इन कार्यक्रमों में कई मंत्री और शासन के उच्चाधिकारी भी शामिल होंगे। महाकुंभ मेलाधिकारी विजय किरन आनंद ने बताया कि महाकुंभ का समापन महाशिवरात्रि स्नान पर्व के साथ हो गया। समापन समारोह गुरुवार को होगा। उन्होंने बताया कि संगम पर वर्ष पर्यंत सुविधाएं रहेंगी। अगले माह तक तक संगम के पास के तीन पांटून पुल तथा दो थानों का संचालन किया जाएगा। बिजली, पानी के साथ टॉयलेट्स की भी सुविधा संगम पर रहेगी। चकर्ड प्लेटें भी बिछी रहेंगी।
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