रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के बिलरियागंज थाना क्षेत्र के बिलरियागंज बाजार में कथित रूप से अवैध ढंग से संचालित अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग ने शिकंजा कस दिया है। महिला की इलाज के दौरान मौत के मामले के बाद हुई जांच में अस्पताल के संचालन से संबंधित वैध अभिलेख नहीं मिलने पर अधिकारियों ने अस्पताल को सील कर दिया। साथ ही भवन स्वामी राजेश कुमार मधेशिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई के लिए बिलरियागंज कोतवाली में तहरीर दी गई है।
स्वास्थ्य विभाग की ओर से पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र के मुताबिक, बिलरियागंज बाजार में राजेश कुमार मधेशिया पुत्र रामचंद्र मधेशिया के मकान में कथित रूप से अवैध अस्पताल संचालित किया जा रहा था। शिकायत और प्राप्त सूचना के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने मामले की जांच शुरू की। बताया गया कि एक महिला को उपचार के लिए उक्त अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ने और विवाद की स्थिति उत्पन्न होने के बाद मामला पुलिस तक पहुंचा। महिला को उपचार के लिए आजमगढ़ ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
घटना की जानकारी मिलने पर मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों और सीएचसी बिलरियागंज की टीम ने अस्पताल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान मौके पर अस्पताल संचालन से संबंधित वैध पंजीकरण और जरूरी अभिलेख उपलब्ध नहीं कराए जा सके। निरीक्षण के समय अस्पताल में कोई जिम्मेदार व्यक्ति भी मौजूद नहीं मिला। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने परिस्थितियों और जांच के आधार पर अस्पताल को तत्काल सील कर दिया। अधिकारियों ने बिलरियागंज पुलिस से कथित अवैध अस्पताल के संचालन के मामले में भवन स्वामी राजेश कुमार मधेशिया के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। मामले में पुलिस को तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जा रही है। महिला की मौत और कथित अवैध अस्पताल के संचालन का मामला सामने आने से क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है।
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रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जिले से एक ऐसी झकझोर देने वाली खबर आ रही है, जिसे सुनकर आपकी रूह कांप जाएगी। अस्पताल, जिसे हम जिंदगी बचाने का मंदिर कहते हैं, वहीं पर जिंदगी का सौदा करने वाले कुछ सफेदपोश लोग सक्रिय हैं! मामला मंडलीय जिला अस्पताल के ब्लड बैंक का है, जहाँ सिर्फ भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि मरीजों की मौत का सामान तैयार किया जा रहा था!
शिकायत मिली है कि यहाँ खून की भारी कालाबाजारी हो रही है। और बात सिर्फ पैसों के अवैध लेन-देन तक ही सीमित नहीं है… आरोप इससे भी कहीं ज्यादा संगीन और घिनौना है! आरोप है कि यहाँ खून को ‘डाइल्यूट’ यानी पानी मिलाकर पतला किया जा रहा था! जी हां, आपने सही सुना… मरीजों की रगों में दौड़ने वाले जीवन रक्षक खून में मिलावट का खेल चल रहा था।
सोचिए, एक लाचार मरीज जो जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है, उसका परिवार पाई-पाई जोड़कर खून का इंतजाम करता है। लेकिन उसे क्या मिल रहा है? मिलावटी और पतला किया हुआ खून! यह सीधा-सीधा हत्या का प्रयास है। इस सनसनीखेज शिकायत के बाद जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के निर्देश पर आनन-फानन में सीएमओ डॉ. एनआर वर्मा और एसआईसी डॉ. सतीश चंद्र कन्नौजिया ने पूरी टीम के साथ ब्लड बैंक पर धावा बोल दिया।
छापेमारी के दौरान स्टॉक रजिस्टर, ब्लड स्टोरेज और डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम की बारीकी से जांच की गई है। कर्मचारियों से पूछताछ हो रही है, फाइलों को खंगाला जा रहा है। हालांकि, अधिकारी अभी कैमरे पर खुलकर कुछ भी बोलने से बच रहे हैं। सीएमओ का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पुष्टि होगी और दोषियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज कर जेल भेजा जाएगा। लेकिन सवाल यह उठता है कि,आखिर किसकी शह पर ब्लड बैंक में यह मौत का खेल इतने दिनों से चल रहा था? क्या चंद रुपयों के लालच में इंसानी जिंदगियों को दांव पर लगाने वाले इन गिद्धों को कानून का कोई खौफ नहीं है? और सबसे बड़ा सवाल—यह इस ब्लड बैंक का पहला विवाद नहीं है, तो फिर पहले हुई शिकायतों पर इतनी ढील क्यों दी गई कि इनके हौसले इतने बुलंद हो गए?प्रशासन भले ही अब सख्त कार्रवाई का दावा कर रहा हो, लेकिन इस मामले ने स्वास्थ्य विभाग की साख पर एक बड़ा धब्बा लगा दिया है। हम इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। जांच में क्या निकलकर आता है और इन दोषियों को क्या सजा मिलती है, यह देखना बाकी है।
]]>आजमगढ़। सीएमओ कार्यालय के छत पर स्थित स्टोर कक्ष में रविवार को दरवाजे की वेल्डिंग के दौरान निकली चिंगारी आग के शोले में तब्दील हो गई। घंटों की मशक्कत के बाद किसी तरह से फायर ब्रिगेड कर्मियों ने आग पर काबू पाया। लेकिन उस दौरान कमरे में रखा फर्नीचर, कागजात जलकर राख हो गए।
सीएमओ कार्यालय के ऊपर स्टोर रूम स्थित है। वही।पर दरवजा लगाने के लिए वेल्डिंग का कार्य चल रहा था। इसी दौरान निकली चिंगारी से अचानक आग लग गई। घटना के बाद हड़कंप मच गया । इसके बाद कुछ ही देर में सूचना पर मौके पर फायर ब्रिगेड की दो गाड़ियां भी पहुंच गई। मौके पर पहुंचे कर्मचारी व फायर ब्रिगेड कर्मियों की मदद से किसी प्रकार से आग पर काबू पाया गया। लेकिन इस दौरान कक्ष में मौजूद फर्नीचर कागजात सभी कुछ जलकर खाक हो गया। सीएमओ डॉ अशोक कुमार का मानना है कि इस कक्ष में बहुत महत्वपूर्ण कागज नहीं थे। लेकिन अभी यह जांच का विषय है कि क्या नुकसान हुआ है। राहत की बात रही कि इस घटना में आग ने किसी व्यक्ति को क्षति नहीं पहुंचाई। हालांकि कई घंटे तक हड़कंप की स्थिति बनी रही।
]]>आज़मगढ़ । मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार ने रविवार को दो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और एक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कहीं चिकित्सक तो कहीं फार्मासिस्ट व एएनएम अनुपस्थित मिले। सीएमओ ने सभी का एक दिन का वेतन रोकने का आदेश देते हुए इनके स्पष्टीकरण भी मांगा है।
बता दें कि रविवार को मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. अशोक कुमार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बेलऊं का निरीक्षण करने पहुंचे। जहां चिकित्सक डाॅ. विरेंद्र प्रसाद अनुपस्थित थे। फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वाय उपस्थित रहे। जहां उन्होंने चिकित्सक का एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही स्पष्टीकरण मांगा है।
वहीं दूसरी तरफ प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र नंदावं पर स्वास्थ्य मेला का आयोजन किया जा रहा था। यहां निरीक्षण के समय फार्मासिस्ट एवं एएनएम अनुपस्थित थीं। जहां उन्होंने अनुपस्थिति कर्मचारियों का संबंधित दिवस का वेतन रोकते हुए स्पष्टीकरण मांगा। वहीं यह भी निर्देश दिए कि आनलाइन ही अवकाश प्रदान किए। इसके अलावा कोई और किसी भी दशा में अवकाश स्वीकार नहीं किया जाएगा। वहीं उन्होंने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छाऊं का भी निरीक्षण किया।
]]>आजमगढ़ । शासन के निर्देश पर व जन शिकायतों के आधार पर जनपद भर में संचालित अवैध अस्पतालों, एक्स रे, सोनोग्राफी जांच केंद्रों व पैथोलॉजी सेंटरों पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई जारी है।
इसी क्रम में शनिवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बिलरियागंज क्षेत्र में कार्रवाई की। सीएमओ डॉक्टर अशोक कुमार ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तीन टीमों ने पांच अवैध रूप से संचालित अस्पताल, जांच केंद्र व पैथोलॉजी सेंटरों को सील करने की कार्रवाई की है। बिलरियागंज में पूर्वांचल डिजिटल एक्सरे पैथोलॉजी सेंटर, मुकर्रम हॉस्पिटल शहाबुद्दीनपुर बिलरियागंज, शांति नर्सिंग होम भीमबर रोड बघैला, अक्सा असरा मैटरनिटी क्लिनिक हसनपुर बाग रोड बिलरियागंज, श्री साई नाथ चाइल्ड केयर महाराजगंज रोड बिलरियागंज, सक्षम महिला क्लिनिक बघैला आरा मशीन के सामने रौनापार रोड पर कार्रवाई की गाज गिरी। दो अन्य केंद्रों को नोटिस दिया गया है। इसके अलावा अन्य केंद्रों पर भी जांच की गई है।
सीएमओ ने बताया कि यह सब करवाई शासन के निर्देश के क्रम में की जा रही है और यह आगे भी जारी रहेगी। वहीं बता दें कि पिछले लगभग एक माह में 30 से ज्यादा अवैध नर्सिंग होम जांच केंद्र व पैथोलॉजी सेंटरों पर कार्रवाई की गाज गिरी है। सीएमओ ने बताया कि अवैध पाए जाने पर सीधे केंद्रों को सील किया जा रहा है। इसमें जुर्माना जैसी कोई कार्रवाई की नहीं की जाती है।
आजमगढ़। अतरौलिया सीएचसी में प्रेरणा कैंटीन चलाने वाली महिला ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर अस्पताल कर्मचारी पर रिश्वत लेने का लगाया आरोप, तैनात कर्मचारी ने मामले को बताया निराधार। अतरौलिया थाना क्षेत्र के सेल्हरा पट्टी गांव निवासिनी संध्या गौड़ पत्नी रवि गौड़ ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी आजमगढ़ को शिकायती पत्र देकर अस्पताल के ही कर्मचारी पर गंभीर आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि वह प्राथमिक चिकित्सा केंद्र अतरौलिया में स्वयं सहायता समूह दीदी कैंप चलाती है , सीएचसी अतरौलिया में तैनात कर्मचारी शिवकुमार यादव कैंटीन चलाने के एवज में मुझे आए दिन लगभग 1 वर्ष से रिश्वत लेते आ रहे हैं अभी तक 1 लाख 32 हज़ार की रिश्वत ले चुके हैं। दिनांक 20/ 3/2024 को भी कर्मचारी शिवकुमार ने पीड़िता से 20 हज़ार रिश्वत लिए जिसका ऑडियो/ वीडियो क्लिप वायरल हो रहा है। पीड़ित महिला का आरोप है कि कर्मचारी शिवकुमार कहते हैं कि इस रकम से सीएससी चिकित्सा अधीक्षक अतरौलिया को भी हिस्सा जाता है। जब पीड़िता ने रिश्वत देने से मना कर दिया तो शिवकुमार द्वारा कैंटीन को फेंक देने व उच्च अधिकारियों से शिकायत करने पर जान से मरवाने की धमकी दी जा रही है। इस प्रकरण को संज्ञान में लेते हुए भाजपा नेता रमाकांत मिश्रा (क्षेत्रीय संयोजक गोरखपुर क्षेत्र) ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी आजमगढ़/ जिलाधिकारी आजमगढ़ /आयुक्त आजमगढ़ मंडल /प्रमुख सचिव उत्तर प्रदेश /सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवा को इस मामले में पत्र लिखकर अवगत कराते हए कार्यवाही की मांग की है।
इस संदर्भ में कर्मचारी शिवकुमार ने बताया कि मेरे द्वारा उक्त महिला को जो हमारे यहाँ खाना बनाती है,उनके पास पैसा नही था उनको मेरे द्वारा व्यवस्था चलाने हेतु पैसा दिया गया था। उक्त महिला ने कहा कि जब मेरे अकाउंट में पैसा आ जाएगा तो मैं इसे वापस कर दूंगी ,काफी दिनों तक वह पैसा मुझे मांगने पर भी नहीं मिला ।वह महिला वही पैसा मुझे वापस की और उसी का फर्जी तरीके से वीडियो क्लिप बनाकर मुझे परेशान किया जा रहा है जो बिल्कुल तथ्यहीन व निराधार है। यह मेरे खिलाफ एक बड़ी साजिश रची जा रही है
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