रिपोर्ट_______अरुण यादव
आजमगढ़। बरदह थाना क्षेत्र के तमरपुर गांव में गाली-गलौज को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने से कई लोग घायल हो गए। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने हालात नियंत्रित करने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि दोनों पक्षों के लोगों ने पुलिसकर्मियों से भी धक्का-मुक्की की और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। पुलिस ने इस मामले में दोनों पक्षों के कुल नौ लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस के अनुसार, घटना 4 अगस्त 2026 की रात की है। सूचना मिलने पर थाना बरदह की पीआरवी टीम तमरपुर गांव पहुंची, जहां प्रथम पक्ष और द्वितीय पक्ष के लोग आपस में गाली-गलौज के बाद लाठी-डंडों से मारपीट कर रहे थे। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाने और विवाद शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने पुलिस की बात नहीं मानी। आरोप है कि इस दौरान पुलिस के साथ भी अभद्र व्यवहार करते हुए धक्का-मुक्की की गई, जिससे सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
मारपीट की घटना में ममता देवी, रजनीश गौड़ और प्रदीप गौड़ घायल हुए हैं। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई थी और समय रहते हस्तक्षेप नहीं किया जाता तो कोई बड़ी घटना हो सकती थी तथा क्षेत्र की कानून-व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी।
इस मामले में पुलिस ने श्याम राजभर, ममता देवी, विकास राजभर, करण राजभर, रजनीश गौड़, सन्नी गौड़, मनीष गौड़, अंगनू गौड़ और प्रदीप गौड़ के खिलाफ बीएनएस की धारा 3(5), 115(2), 352, 351(3) एवं 132 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक पुनीत कुमार को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद के रौनापार थाना क्षेत्र में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर दो अलग-अलग पासपोर्ट बनवाने का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से प्राप्त जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई कार्रवाई के बाद पुलिस मामले की विस्तृत विवेचना में जुट गई है।
पुलिस के अनुसार, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय से प्राप्त पत्र के क्रम में उपनिरीक्षक सुभाष तिवारी ने मामले की जांच की। जांच के दौरान पता चला कि ग्राम दाम महुला, थाना रौनापार निवासी अजय यादव ने कथित रूप से कूटरचित एवं भ्रामक दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दो अलग-अलग पासपोर्ट जारी करा लिए। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पहले से पासपोर्ट होने के बावजूद फ्रेश श्रेणी में दोबारा आवेदन कर नया पासपोर्ट भी बनवा लिया, जो पासपोर्ट नियमों के विपरीत पाया गया।
जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ रौनापार थाने में मुकदमा संख्या 0227/2026 दर्ज किया है। उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता/भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराएं 419, 420, 467, 468 और 471 के साथ ही पासपोर्ट अधिनियम, 1967 की धारा 12(1)(बी) के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है।
पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना उपनिरीक्षक अनुराग कुमार पांडेय को सौंपी गई है। जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि फर्जी दस्तावेज तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति या गिरोह की भूमिका तो नहीं रही। यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेजों को फर्जी तरीके से प्राप्त करने के मामलों को गंभीरता से लिया जा रहा है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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रिपोर्ट____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के निजामाबाद थाना क्षेत्र के तेलीपुर गांव में फर्जी हिब्बानामा के जरिए जमीन पर अवैध कब्जा करने, तोड़फोड़, गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में कोर्ट के आदेश पर सात नामजद आरोपियों समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
एफआईआर के अनुसार, मोतील अहमद, फैजान, रिहाना, अब्दुल, उस्मान, फाम और फहद निवासी तेलीपुर, थाना निजामाबाद को नामजद किया गया है। वहीं, संतोष कुमार शर्मा (तत्कालीन लेखपाल) पर भी कथित रूप से फर्जी रिपोर्ट तैयार कर मामले में सहयोग करने का आरोप लगाया गया है।
वादी अबु अकबरशाह का आरोप है कि विवादित भूमि पर वर्षों से न्यायालय में मुकदमा चल रहा है। इसके बावजूद विपक्षियों ने कथित रूप से फर्जी एवं कूटरचित हिब्बानामा तैयार कर संपत्ति पर अपना दावा जताया। आरोप है कि 1 मई 2026 को आरोपी अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे, जबरन कब्जे का प्रयास किया, विरोध करने पर गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी दी तथा मकान की दीवार और घरेलू सामान को नुकसान पहुंचाया।
पीड़ित का कहना है कि स्थानीय पुलिस से शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट (सीजेएम) न्यायालय की शरण ली गई। न्यायालय के आदेश पर निजामाबाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
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रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद के अहरौला थाने में जमीन के नाम पर 35 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला दर्ज किया गया है। कोर्ट के आदेश पर दर्ज एफआईआर में आरोप है कि फर्जी खतौनी और फर्जी एग्रीमेंट के जरिए जमीन बेचने का झांसा देकर वादी से लाखों रुपये वसूल लिए गए। बाद में न तो जमीन का बैनामा किया गया और न ही रकम वापस की गई।
वहीं पुलिस में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार अतरौलिया थाना क्षेत्र के ईश्वरपुर पवनी निवासी दुर्गेश कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2019 में परिचित के माध्यम से उसकी मुलाकात शोभनाथ सेठ और अन्य लोगों से हुई। आरोप है कि इन लोगों ने ग्राम मोहिउद्दीनपुर की आराजी संख्या 193 की जमीन अपनी बताकर खतौनी दिखाई और बैनामा कराने का भरोसा दिया।
वहीं वादी का कहना है कि विश्वास में लेकर 24 फरवरी 2020 को 19 लाख रुपये, 4 सितंबर 2020 को 10 लाख रुपये तथा 5 सितंबर 2020 को 6 लाख रुपये, कुल 35 लाख रुपये आरोपियों को दिए गए। इसके बाद 6 सितंबर 2020 को एक एग्रीमेंट भी कराया गया, लेकिन कई बार कहने के बावजूद जमीन का बैनामा नहीं किया गया।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जांच कराने पर पता चला कि जिस गाटा संख्या की जमीन दिखाई गई थी, वह किसी अन्य व्यक्ति के नाम दर्ज है। आरोप है कि फर्जी खतौनी और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी की गई। जब पीड़ित ने रुपये वापस मांगे तो आरोपियों ने जान से मारने और झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी।
वहीं कोर्ट के आदेश पर अहरौला थाने में शोभनाथ सेठ सहित नामजद और अन्य आरोपितों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना एवं धमकी समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
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रिपोर्ट_____राजू कुमार
आजमगढ़। जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र में सार्वजनिक रास्ते पर जलभराव की समस्या दूर करने पहुंची राजस्व और पुलिस टीम के साथ अभद्रता तथा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच शुरू कर दी गई है। मिली जानकारी के अनुसार, मुबारकपुर मंडल के भीलमपुर छपरा गांव निवासी सूबेदार यादव ने उपजिलाधिकारी बूढ़नपुर को शिकायती पत्र देकर सार्वजनिक रास्ते पर जलभराव और अतिक्रमण की शिकायत की थी। शिकायत के निस्तारण के लिए बुधवार को हल्का लेखपाल मुकेश कुमार राजस्व टीम एवं पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। टीम द्वारा सार्वजनिक रास्ते पर जलभराव समाप्त करने के उद्देश्य से मिट्टी डलवाकर रास्ते को दुरुस्त करने का कार्य कराया जा रहा था।आरोप है कि इसी दौरान गांव के सत्यदेव, दिनेश यादव और संदीप यादव मौके पर पहुंच गए और कार्य को रुकवा दिया। लेखपाल की तहरीर के अनुसार तीनों आरोपियों ने सरकारी कर्मचारियों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया तथा सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न की। तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि सत्यदेव हंसुआ लेकर मौके पर पहुंचा और राजस्व टीम को धमकी देने लगा। इतना ही नहीं, उसने आत्मदाह की धमकी देकर प्रशासनिक कार्रवाई पर दबाव बनाने का प्रयास किया। घटना के बाद हल्का लेखपाल मुकेश कुमार ने अतरौलिया थाने में लिखित तहरीर दी। पुलिस ने तहरीर के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना उपनिरीक्षक विश्वजीत पांडेय को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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