अतरौलिया/आज़मगढ़। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर क्षेत्र में देशभक्ति और उल्लास का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर अतरौलिया क्षेत्र के सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों में ध्वजारोहण कर संविधान दिवस के रूप में गणतंत्र दिवस बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया।
इसी क्रम में पटेल चौक पर समाजसेवी शिवमूर्ति सिंह एवं पूर्व सैनिक शिव प्रसाद सिंह के नेतृत्व में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। वहीं मदियापार स्थित शहीद उपवन में वर्ष 1962 के अमर शहीद भगवती प्रसाद सिंह की प्रतिमा के समीप डॉ. राजेंद्र प्रसाद सिंह के नेतृत्व में तिरंगा झंडा फहराकर वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अतरौलिया में स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. हरिश्चंद्र के नेतृत्व में ध्वजारोहण किया गया।
इसी क्रम में अमर शहीद राजा जयलाल सिंह 100 सैया अस्पताल में स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. दिनेश सिन्हा एवं राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में तिरंगा फहराया गया, जिसके उपरांत अस्पताल परिसर में प्रभात फेरी निकाली गई।
इसके अलावा खंड विकास कार्यालय, थाना परिसर, राजकीय बालिका इंटर कॉलेज, मदरसा बसीरतुल उलूम सहित अन्य शिक्षण एवं शासकीय संस्थानों में भी ध्वजारोहण कर 77वां गणतंत्र दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालयों में बच्चों द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
समारोहों के दौरान लोगों ने एकजुट होकर देश की एकता, अखंडता एवं संविधान के प्रति आस्था व्यक्त की।
कार्यक्रमों की शुरुआत पुलिस मार्डन स्कूल द्वारा देशभक्ति मिक्स सांग से हुई। इसके बाद राजकीय बालिका इंटर कॉलेज ने तिरंगा आधारित गीत प्रस्तुत किया। चिल्ड्रेन कॉलेज ने घूमर-घूमर सांग, राहुल चिल्ड्रेन एकेडमी ने झांसी की रानी की शौर्यगाथा, अटल आवासीय विद्यालय ने देशभक्ति गीत, ताइक्वांडो टीम पुलिस लाइन ने ‘जलवा तेरा जलवा’, सर्वोदया पब्लिक स्कूल ने हरियाणवी देशभक्ति सांग, ज्योति निकेतन स्कूल एवं बीबीएस इंटर कॉलेज ने देशभक्ति मिक्स सांग प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद अधिकारियों, अभिभावकों एवं दर्शकों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना की। सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने पूरे माहौल को देशभक्ति से सराबोर कर दिया। अंत में प्रतिभागी छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं पुलिस अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही। बच्चों की मनमोहक प्रस्तुतियों ने उपस्थित लोगों को भावविभोर कर दिया। अभिभावकों ने भी अपने बच्चों का उत्साहवर्धन किया। आयोजन स्थल पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।
अतरौलिया/आज़मगढ़। कैलाशी महिला विकास समिति, आजमगढ़ द्वारा संचालित ध्यानीपुर (लोहरा) स्थित बौद्धिक दिव्यांग आवासीय विद्यालय में बसंत पंचमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर विद्यालय परिसर में अखंड कीर्तन पाठ और मां सरस्वती पूजन का विशेष आयोजन किया गया, जिसमें दिव्यांग बच्चों की आस्था और उत्साह देखते ही बनी।विधि-विधान से हुआ पूजन और हवन कार्यक्रम का शुभारंभ पंडित राजेश पांडेय द्वारा विधि-पूर्वक संपन्न कराया गया।
संस्था की संस्थापक कैलाशी देवी, प्रबंधक सुनीता देवी और संचालक योगेंद्र ने मुख्य यजमान के रूप में कीर्तन और मां शारदे की आराधना की। इस दौरान विद्यालय के सभी बौद्धिक दिव्यांग बच्चों ने श्रद्धा भाव से सरस्वती पूजन किया और हवन कुंड में आहुति देकर विद्या व बुद्धि की कामना की।
बच्चों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मोहा मन,
धार्मिक अनुष्ठान के पश्चात बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन विशेष बच्चों ने गीत-संगीत और नृत्य के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनके द्वारा प्रस्तुत नाच-गायन ने उपस्थित अतिथियों और अभिभावकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में अभिभावक मौजूद रहे। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रियंका राय, सुमित, विनीता, दिवाकर, रेनू, नीलम मौर्या, निलेश, प्रवीन गिरी, संगीता सरोज, रंजना और वन्दना का विशेष सहयोग रहा।
पूर्वांचल के शिक्षाविद पंडित बजरंग त्रिपाठी की स्मृति में आयोजित यह महोत्सव श्री अग्रसेन महिला महाविद्यालय में चल रहा है, जिसका आज तीसरा दिन रहा।
महोत्सव के पहले सत्र में मनमोहक समूह नृत्य प्रस्तुतियां हुईं। बिहार के कैमूर से आई श्रवण डांस एकेडमी ने श्रवण रॉक के निर्देशन में काली नृत्य का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। वहीं आर.पीपीएस डांस ग्रुप, उत्तराखंड ने गढ़वाली नृत्य प्रस्तुत किया। स्थानीय तपस्या क्रिएटिव स्कूल, भास्कर एवं रॉबी सोनकर द्वारा ग्रुप डांस की प्रस्तुति दी गई। मिर्जापुर से आए रॉकस्टार डांस ग्रुप के कलाकारों ने धमाकेदार वेस्टर्न ग्रुप डांस से दर्शकों की खूब तालियां बटोरीं।
दूसरे सत्र में पहली नाट्य प्रस्तुति के रूप में “एक दिन का गांधी” मंचित किया गया। इस नाटक के लेखक डॉ. आनंद कश्यप तथा निर्देशक रितेश सिंह हैं। एंटीक इंडियन, धनबाद (झारखंड) द्वारा प्रस्तुत इस नाटक के माध्यम से समाज को यह सोचने पर मजबूर किया गया कि क्या हम अपने महान स्वतंत्रता सेनानियों को केवल मूर्ति बनाकर याद कर रहे हैं और क्या ऐसा समाज भविष्य में फिर से गुलामी की ओर नहीं बढ़ेगा।
दूसरी नाट्य प्रस्तुति “जादू का सूट” रही, जिसके लेखक अलकनंदन और निर्देशक अनिल सिंह हैं। यह नाटक राजनीतिक व्यवस्था पर करारा व्यंग्य प्रस्तुत करता है, जिसमें दिखाया गया कि यदि शासक वर्ग सही निर्णय न ले पाए तो देश को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
इस अवसर पर संस्थान के पदाधिकारी अनूप अग्रवाल, सुनील अग्रवाल, रमाकांत वर्मा, प्रमोद कुमार सिंह, गजराज प्रसाद, सुनील कुमार मोर, साथ ही रिमझिम प्रजापति, आस्था दुबे, तारा, रितिका, डॉ. पंकज सिंह, संतोष कुमार सिंह, अभिषेक राय ‘तोशी’, कमलेश सोनकर, राज पासवान, दीपक जायसवाल, रवि गोंड समेत बड़ी संख्या में रंगकर्मी, साहित्यकार और दर्शक उपस्थित रहे।
आज़मगढ़। राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की रचना को 150 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में पूरे देश में उत्सव का माहौल है। इस ऐतिहासिक अवसर पर आजमगढ़ के हरिऔध कला केन्द्र में “वंदे मातरम्” के सामूहिक गायन एवं स्वदेशी संकल्प कार्यक्रम का सीधा प्रसारण देखा गया।
राष्ट्रवाद के अग्रदूत बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा वर्ष 1875 में रचित राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में भव्य कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में वंदे मातरम् सामूहिक गायन एवं स्वदेशी का संकल्प कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस दौरान दोनों ही स्थानों पर प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे देखने के बाद राष्ट्रगीत के इतिहास पर विशेष सम्बोधन दिया गया।
नगर के हरिऔध कला केन्द्र में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी/जिला विकास अधिकारी संजय कुमार सिंह तथा जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी राजीव पाठक की उपस्थिति में देखा गया। कार्यक्रम के दौरान वंदे मातरम् पर आधारित लघु फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया।
बीएसए राजीव पाठक ने बताया कि वंदे मातरम् गीत के 150 वर्ष पूरे होने पर आयोजित इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण सभी ने देखा। इसमें विभिन्न स्कूलों के बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार अब सभी विद्यालयों में विविध सांस्कृतिक एवं देशभक्ति आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा।
बात दे कि राष्ट्रगीत के 150 वर्ष पूरे होने पर शासन ने एक वर्ष तक चलने वाले चार चरणों में समारोह मनाने की घोषणा की है — प्रथम चरण 07 से 14 नवम्बर 2025, द्वितीय चरण 19 से 26 जनवरी 2026 (गणतंत्र दिवस कार्यक्रमों के साथ), तृतीय चरण 07 से 15 अगस्त 2026 (हर घर तिरंगा अभियान के साथ) और चौथा चरण 01 से 07 नवम्बर 2026 (समापन समारोह) के रूप में मनाया जाएगा।
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