रिपोर्ट____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के सिधारी थाना क्षेत्र में एक महिला से व्हाट्सएप कॉल और ऑनलाइन झांसा देकर ₹1.81 लाख की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। पीड़िता की तहरीर पर सिधारी पुलिस ने आईटी (संशोधन) अधिनियम, 2008 की धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। एफआईआर के अनुसार, सिधारी कस्बा निवासी रीना सिंह ने पुलिस को बताया कि 25 जुलाई से 28 जुलाई 2026 के बीच उनके मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क किया गया। कॉल करने वालों ने विभिन्न बहाने बनाकर उनसे कई किश्तों में रुपये अपने बताए गए खातों में ट्रांसफर करा लिए।
शिकायत में कहा गया है कि पीड़िता ने पहले ₹6,000, फिर ₹15,000, उसके बाद ₹20,000 तथा अंत में ₹50,000 सहित अलग-अलग माध्यमों से कुल ₹1,81,000 की धनराशि भेजी। बाद में उन्हें एहसास हुआ कि उनके साथ साइबर ठगी हुई है। इसके बाद उन्होंने साइबर पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई और पुलिस से कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की विवेचना निरीक्षक शिव कुमार यादव को सौंपी गई है। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और लेन-देन के विवरण की जांच कर आरोपितों की पहचान करने का प्रयास कर रही है।
वहीं पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर मोबाइल, व्हाट्सएप या अन्य ऑनलाइन माध्यम से धनराशि ट्रांसफर न करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन या नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं।
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रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। महाराजगंज थाना पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, एक बुलेट मोटरसाइकिल, ₹1330 नकद तथा एक आधार कार्ड बरामद किया है।
पुलिस के अनुसार, मुखबिर की सूचना पर संदिग्ध युवक को रोकने का प्रयास किया गया। भागने की कोशिश के दौरान पुलिस ने उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम कृष्ण कुमार निवासी थाना महाराजगंज क्षेत्र बताया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने साथियों के साथ मिलकर सोशल मीडिया पर फर्जी लिंक भेजकर लोगों के मोबाइल हैक करता था। इसके बाद पीड़ितों के बैंक खातों से रकम फर्जी खातों में ट्रांसफर कर एटीएम के माध्यम से नकदी निकाल ली जाती थी। आरोपी ने फर्जी बैंक खाते, फर्जी सिम और एटीएम कार्ड के इस्तेमाल की भी जानकारी दी।
जांच के दौरान बरामद बैंक खाते में पहले से दर्ज साइबर शिकायत का भी पता चला। आरोपी ने पुलिस को बताया कि ठगी से मिले पैसों से उसने बुलेट मोटरसाइकिल खरीदी थी। पुलिस अब उसके अन्य साथियों की तलाश में जुटी है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध आईटी एक्ट एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आवश्यक विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
]]>मिली जानकारी के अनुसार कार्यशाला में गम्भीर सिंह (अपर जिलाधिकारी वि०/रा०), राजेश कुमार मिश्रा (जिला आबकारी अधिकारी), चन्दन यादव (जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, एनआईसी) एवं ओमप्रकाश जायसवाल (साइबर सेल, आजमगढ़) ने उपस्थित लोगों को साइबर सुरक्षा से जुड़ी अहम जानकारियाँ दीं।
कार्यशाला में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते प्रभाव पर चर्चा करते हुए बताया गया कि जहां एआई शिक्षा और कार्यक्षमता बढ़ाने में सहायक है, वहीं डीपफेक वीडियो और डेटा प्राइवेसी जैसे खतरों को लेकर सतर्क रहना भी जरूरी है। अधिकारियों ने किसी भी एआई टूल के उपयोग के दौरान व्यक्तिगत एवं संवेदनशील जानकारी साझा न करने की सलाह दी।
वित्तीय सुरक्षा को लेकर बताया गया कि इंटरनेट बैंकिंग के दौरान केवल बैंक की आधिकारिक वेबसाइट और सुरक्षित नेटवर्क का ही उपयोग करें, सार्वजनिक वाई-फाई से लेन-देन से बचें और पासवर्ड व पिन को समय-समय पर बदलते रहें।
कार्यशाला में एआई के सुरक्षित एवं जिम्मेदार उपयोग की शपथ दिलाई गई तथा सेफर इंटरनेट डे 2026 की वेबसाइट पर उपलब्ध वीडियो का प्रस्तुतीकरण भी किया गया।