आजमगढ़। जिले के देवगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए दो महिला चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के जेवरात और 5000 रुपये नकद बरामद किए हैं। दोनों महिलाएं अलग-अलग घटनाओं में लोगों की जेब और बैग से रुपये व गहने चुराने में शामिल थीं।
थाना देवगांव क्षेत्र में हुई चोरी की घटनाओं के खुलासे के लिए पुलिस टीम जांच में जुटी थी। इसी दौरान 10 मार्च 2026 को उपनिरीक्षक विनय कुमार सिंह, उपनिरीक्षक गौरव कुमार सिंह, कांस्टेबल विनोद कुमार और महिला कांस्टेबल प्रियंका मिश्रा क्षेत्र में मौजूद थे। तभी गुंजन मौर्या ने सूचना दी कि उसके गहने चोरी करने वाली दो महिलाओं को कबीरा पुलिया के पास पकड़ लिया गया है, जिन्हें ऑटो चालक पप्पू यादव और उसके पुत्र हिमांशु मौर्या ने रोककर रखा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों महिलाओं को हिरासत में ले लिया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम लक्ष्मी पत्नी मिथुन निवासी ग्राम डोमापार थाना गोसाईगंज जनपद सुल्तानपुर और पूजा पत्नी सूरज निवासी ग्राम अकारीपुर थाना धमौर जनपद सुल्तानपुर बताया। महिला कांस्टेबल द्वारा तलाशी लेने पर उनके पास से 2 जोड़ी पायल, 6 जोड़ी बिछुआ, 1 जोड़ी कान की बाली, 2 जोड़ी माला और 5000 रुपये नकद बरामद हुए।
पूछताछ के दौरान अभियुक्ताओं ने बताया कि 8 जनवरी 2026 को वर्मा आभूषण गिरिश सेठ की दुकान पर एक व्यक्ति की जेब से 53 हजार रुपये चोरी किए थे। इसके अलावा 16 फरवरी 2026 को जिवली तिराहा के पास टेम्पो में यात्रा के दौरान एक महिला के बैग से गहने और रुपये चोरी कर लिये थे और जिवली तिराहे पर उतर गई थीं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ थाना देवगांव में दर्ज मुकदमों में कार्रवाई करते हुए उन्हें गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
आजमगढ़ । जिले के देवगांव थाना क्षेत्र में तीन वर्षीय बालक की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर हत्या का मुकदमा दर्ज कर एक महिला को गिरफ्तार किया गया है। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई जारी है।
देवगांव थाना क्षेत्र के ग्राम चेवारपुर पूरब (मुसऊपुर) में बीते 13 दिसंबर को एक तीन वर्षीय बालक अयान का शव उस स्थान पर मिला था, जहां भैंसें बांधी जाती हैं। परिजनों ने प्रारंभ में आशंका जताई थी कि भैंस के खुर लगने से बालक को चोट आई, जिससे उसकी मौत हो गई। इसी कारण बिना पुलिस को सूचना दिए और बिना पोस्टमार्टम कराए शव को दफना दिया गया था।
कुछ दिनों बाद मृतक की माता रिबिका पत्नी गुलाबचन्द्र ने आशंका जताई कि उनके पुत्र की हत्या कर शव को वहां लाकर फेंका गया था। इस संबंध में उन्होंने डीएम और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को प्रार्थना पत्र दिया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए देवगांव पुलिस ने जिलाधिकारी से शव को कब्र से की अनुमति ली। आदेश मिलने के बाद 14 जनवरी को मजिस्ट्रेट और क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में वीडियोग्राफी कराते हुए शव को बाहर निकाला गया और पोस्टमार्टम के लिए जिला मोर्चरी भेजा गया। डॉक्टरों के पैनल द्वारा वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम किया गया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर थाना देवगांव में प्रिया पुत्री राजेश निवासी ग्राम चेवार पूरब (मुसऊपुर) के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
शुक्रवार को प्रभारी निरीक्षक विमल प्रकाश राय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अभियुक्ता प्रिया को उसके घर के सामने से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार मामले में अन्य अग्रिम विधिक कार्रवाई की जा रही है।
समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने यह नहीं बताया कि आखिर युवती ने मासूम की हत्या क्यों की।
]]>आजमगढ़। जिले के देवगांव थाना क्षेत्र में पुलिस ने चोरी की गाड़ी पर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर उसे बेचने वाले दो शातिर अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। मामले में धोखाधड़ी, जालसाजी और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। देवगांव पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन ठगी के एक संगठित गिरोह का खुलासा हुआ है।
थाना देवगांव पुलिस को एक आवेदक ने तहरीर देकर अवगत कराया था कि अभियुक्तों द्वारा चोरी की गाड़ी पर फर्जी नम्बर प्लेट लगाकर उसे बिक्री कर दी गई। वाहन के कागजात मांगने पर अभियुक्तों ने कोई दस्तावेज नहीं दिए। बाद में जांच करने पर गाड़ी पर लगी नम्बर प्लेट फर्जी पाई गई।
पीड़ित द्वारा लालगंज क्षेत्र में अभियुक्तों से कागजात अथवा धनराशि वापस मांगने पर आरोप है कि अभियुक्तों ने गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में थाना देवगांव पर मुकदमा पंजीकृत किया गया।
उप निरीक्षक सुभाष तिवारी पुलिस टीम के साथ मोलनापुर ब्रिज क्षेत्र में गश्त पर थे। मुखबिर से सूचना मिलने पर मोलनापुर ब्रिज की पश्चिमी पटरी के पास खड़ी गाड़ी के समीप खड़े दो व्यक्तियों को घेराबंदी कर दबिश दी गई। दोनों अभियुक्तों को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया गया।गिरफ्तार अभियुक्तों में अजय कुमार पटेल पुत्र अशोक पटेल निवासी दबिलहा, थाना बरसठी, जनपद जौनपुर तथा इरफ़ान पुत्र मलिक शेख मन्सूर निवासी महुआरी, थाना मड़िहान, जनपद मिर्जापुर शामिल है।
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आजमगढ़। राजकीय बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय देवगांव में फर्जी प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी पाने के मामले में प्रशासनिक अधिकारी के बाद अब सहायक अध्यापिका पर भी मुकदमा दर्ज किया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार, डीआईओएस उपेंद्र कुमार ने पुलिस अधीक्षक को पत्र भेजकर आरोपी शिक्षिका पर एफआईआर दर्ज कराने का अनुरोध किया था। इसके बाद देवगांव थाने की पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बताया गया कि वर्ष 2014-15 में संयुक्त शिक्षा निदेशक आजमगढ़ उत्तम गुलाटी ने 340 पदों पर सहायक अध्यापकों की नियुक्तियों के लिए विज्ञापन जारी किया था। वर्ष 2015-16 में संयुक्त शिक्षा निदेशक अखिलेश पांडेय और राम चेत के कार्यकाल में 252 शिक्षकों की तैनाती हुई थी।
वर्ष 2020 में तत्कालीन संयुक्त निदेशक ए.पी. वर्मा के पास आठ शिक्षकों के खिलाफ फर्जी मार्कशीट से नौकरी पाने की शिकायत पहुंची थी, जिनको बर्खास्त किया गया था। संयुक्त निदेशक की अध्यक्षता में गठित कमेटी की जांच में मंडल के 22 शिक्षकों के शैक्षणिक प्रमाणपत्र फर्जी पाए गए । जिनमें आजमगढ़ के 10, मऊ के 8 और बलिया के 4 शिक्षक शामिल थे।
जांच में सामने आया कि इन शिक्षकों ने मोनार्ड यूनिवर्सिटी, हापुड़ और संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय, वाराणसी की फर्जी मार्कशीट लगाकर नौकरी प्राप्त की थी। डीआईओएस के पत्र के आधार पर देवगांव कोतवाली पुलिस ने सहायक अध्यापिका प्रीति सिंह के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया है। देवगांव कोतवाल विमल प्रकाश राय ने बताया कि मामले की जांच जारी है।
चार दिन पूर्व इस प्रकरण में एक प्रशासनिक अधिकारी पर भी मुकदमा दर्ज किया गया था।
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