डीएम ने जनपद के गैस उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया कि आजमगढ़ में घरेलू गैस सिलेण्डरों की पर्याप्त उपलब्धता है और किसी को परेशान होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने बताया कि आईओसीएल, बीपीसीएल और एचपीसीएल कंपनियों के माध्यम से गैस एजेंसियों को नियमित रूप से सिलेण्डर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। उपभोक्ता आईओसीएल के 8454955555, बीपीसीएल के 7715012345 व 771801234 तथा एचपीसीएल के 9493602222 नंबर पर मिस्ड कॉल देकर गैस बुकिंग कर सकते हैं।
जिला पूर्ति अधिकारी सीमा सिंह ने बताया कि भारत सरकार के निर्देशानुसार गैस सिलेण्डर डिलीवरी की तिथि से अगली बुकिंग का अंतराल ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तथा शहरी क्षेत्रों में 25 दिन निर्धारित किया गया है। बिना बुकिंग और डीएसी के किसी भी उपभोक्ता को सिलेण्डर की डिलीवरी नहीं दी जाएगी। साथ ही जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपने गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी नहीं कराई है, उनसे शीघ्र प्रक्रिया पूरी कराने की अपील की गई।
बैठक में जनपद में डीजल और पेट्रोल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है और ऑयल कंपनियों द्वारा रिटेल आउटलेट्स को नियमित आपूर्ति की जा रही है। इसलिए नागरिकों को घबराने की आवश्यकता नहीं है और किसी भी वितरक के गोदाम पर भीड़ लगाने की जरूरत नहीं है। यदि किसी व्यावसायिक संस्थान द्वारा घरेलू गैस सिलेण्डर का उपयोग करते पाया गया तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में एडीएम प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, सहायक खाद्य आयुक्त द्वितीय, सभी एआरओ, सप्लाई इंस्पेक्टर तथा जनपद की 83 गैस एजेंसियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
जनसुनवाई के दौरान कुल 86 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें राजस्व की 60, पुलिस की 12, विकास की 08 एवं अन्य की 06 शिकायतें शामिल रहीं। मौके पर 07 प्रकरणों का निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों के गुणवत्तायुक्त निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया।
इस अवसर पर अपर पुलिस अधीक्षक नगर मधुबन कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एनआर वर्मा, उप जिलाधिकारी मार्टीनगंज, तहसीलदार मार्टीनगंज, सीओ मार्टीनगंज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में पीएम सूर्य घर योजना में जनपद का ग्रेड बी और रैंक 51 बताया गया। डिस्कॉम के 43 निरीक्षण पेंडिंग तथा बैंक के 689 लोन पेंडिंग को जिलाधिकारी ने तीन दिन में निस्तारित करने के निर्देश दिए। सभी नगर व विकासखंड में कैंप लगाकर आवेदन बढ़ाने और वेंडर नामित करने का निर्देश भी दिया गया।
डे एनआरएलएम में जनपद का ग्रेड सी रहा। परियोजना निदेशक डीआरडीए ने बताया कि एसएनए स्पर्श लागू होने के कारण भुगतान में बाधा आई है।
जल जीवन मिशन योजना में ग्रेड बी, रैंक 55 है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि 7 एजेंसियों द्वारा कुल 1463 पेयजल योजनाओं पर कार्य चल रहा है। जिलाधिकारी ने समय पर भुगतान और शेष कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए।
ओडीओपी टूलकिट में ग्रेड डी और मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना में बी ग्रेड आने का कारण पटल सहायक की गलती बताया गया, जिसे सुधारने हेतु चेतावनी देने का आदेश हुआ।
जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने सॉफ्टवेयर त्रुटि के कारण डैशबोर्ड में गलत आवेदन संख्या दिखाई जाने की जानकारी दी। जिलाधिकारी ने सभी सोशल सेक्टर अधिकारियों को समय पर डाटा फीडिंग और लक्ष्य अनुसार आवेदन करने के निर्देश दिए।
आईसीडीएस पोषण अभियान में जनपद का ग्रेड बी, रैंक 10 रहा। जिलाधिकारी ने बाल विकास परियोजना अधिकारियों और मुख्य सेविकाओं को प्रगति सुधारने हेतु बैठक कराई।
सेतुओं के निर्माण में ग्रेड सी, रैंक 58 है। अधिशासी अभियंता को मैनपावर बढ़ाकर समय पर कार्य पूर्ण करने और नियमानुसार भुगतान करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा, जिलाधिकारी ने जीरो पॉवर्टी अभियान और प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में पेंडिंग कार्य, प्रचार-प्रसार और नोडल अधिकारी शीघ्र नामित करने के निर्देश सभी संबंधित अधिकारियों को दिए।
जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उप जिलाधिकारी लेखपाल के साथ मौके पर जाकर पारदर्शी तरीके से धारा 116 के प्रकरणों का निस्तारण करें। पुराने लंबित वादों के लिए ग्रामवार सूची बनाकर संबंधित तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार को मौके पर भेजकर मामलों का निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व गम्भीर सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी संजीव ओझा सहित समस्त उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
उन्होंने जनपद व आसपास के लोगों से अपील की कि वे इस सुनहरे अवसर का भरपूर लाभ उठाएं। मेले में विभिन्न विषयों पर उम्दा किताबें उपलब्ध हैं, साथ ही प्रसिद्ध लेखकों और प्रकाशनों की रचनाएं भी पाठकों के लिए रखी गई हैं। आजमगढ़ की धरती से जुड़े महान साहित्यकार राहुल सांकृत्यायन, अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’, रामधारी सिंह दिनकर और मुंशी प्रेमचंद की कृतियां भी यहां मौजूद हैं।
जिलाधिकारी ने स्कूल व कॉलेज प्रबंधन से कहा कि हाईस्कूल से लेकर पोस्ट ग्रेजुएशन तक के छात्रों को मेले में अवश्य लाएं। छात्रों को किताबों पर न्यूनतम 25 प्रतिशत की छूट दी जा रही है, ताकि वे अपनी पसंद की पुस्तकें खरीदकर पढ़ सकें। उन्होंने बताया कि यह मेला न सिर्फ ज्ञानवर्धन बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और जीवन में प्रेरणा पाने का भी बेहतरीन मंच है।
पर्यावरण मेले को लेकर उन्होंने बताया कि प्रवेश द्वार पर पुस्तक के आकार में बना पेड़ ज्ञान और प्रकृति के गहरे संबंध को दर्शाता है। हाल ही में तमसा नदी के पुनरोद्धार का कार्य किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा कदम है। वर्ष 2025 में बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया गया, जबकि 2026 में जुलाई-अगस्त के दौरान लगभग 56 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य तय किया गया है।
उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में वन विभाग, जिला प्रशासन और सामाजिक प्रतिनिधियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज और पर्यावरण दोनों के हित में हैं। मेले के दौरान प्रतिदिन विभिन्न विभागों द्वारा जनजागरूकता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।
उद्घाटन समारोह में मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन, डीएफओ आकांक्षा जैन, मुख्य कोषाधिकारी अनुराग श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी व अतिथिगण मौजूद रहे।
इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय आर्द्रभूमि दिवस के अवसर पर सामाजिक वानिकी प्रभाग आजमगढ़ द्वारा जीयनपुर रेंज स्थित ताल सलोना वेटलैंड पर विद्यार्थियों के साथ बर्ड वाचिंग कराई गई। साथ ही वेटलैंड और पक्षियों से जुड़े विषयों पर क्विज, चित्रकला एवं भाषण प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं।
इसके बाद जिलाधिकारी रविंद्र कुमार के नेतृत्व और निर्देशन में तमसा नदी के संरक्षण व पुनरोद्धार के लिए व्यापक अभियान चलाया गया। अप्रैल 2025 में कार्यभार ग्रहण करने के बाद डीएम ने इसे सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए चंद्रमा ऋषि आश्रम सहित नदी तटों का लगातार निरीक्षण किया और अधिकारियों के साथ विस्तृत कार्ययोजना तैयार कराई।
डीएम के निर्देश पर मनरेगा, जिला गंगा समिति, स्वयंसेवी संगठनों और आमजन के सहयोग से जनपद में करीब 89 किलोमीटर लंबी तमसा नदी की सफाई कराई गई। नदी से गाद, प्लास्टिक, ठोस कचरा और दाह संस्कार के बाद फेंके गए कपड़े हटवाए गए, जिससे नदी का जल नहाने व आचमन योग्य बना।
डीएम के निर्देशन में 111 ग्राम पंचायतों को जोड़कर जनजागरूकता अभियान चलाया गया। अतिक्रमण हटाकर नदी किनारे खाली भूमि पर फलदार और छायादार पौधों का रोपण कराया गया। घाटों व तटों पर डस्टबिन रखवाए गए तथा स्वच्छता संदेश वाले साइन बोर्ड लगवाकर लोगों से नदी को स्वच्छ रखने की अपील की गई।
नमामि गंगे कार्यक्रम के तहत स्कूलों, युवाओं, महिलाओं, स्वयं सहायता समूहों और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर श्रमदान कराया गया। इन प्रयासों से जल गुणवत्ता में सुधार हुआ, जैव विविधता लौटी और कृषि क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ी।
डीएम रविंद्र कुमार के प्रयास से पहली बार 21 जून 2025 को चंद्रमा ऋषि आश्रम परिसर में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस का आयोजन भी कराया गया, जिसमें प्रभारी मंत्री अनिल राजभर सहित बड़ी संख्या में जनमानस ने सहभागिता की।
तमसा नदी का पुनर्जीवन डीएम के कुशल निर्देशन में आजमगढ़ के लिए ही नहीं, बल्कि सहायक नदियों के संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक उदाहरण बन गया है।
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा महज इस कार्य का ज़िक्र करना भी जिला प्रशासन और जनपद के समस्त लोगों में नई ऊर्जा और उमंग भर देता है। आने वाले समय में हम इस कार्य को और आगे बढ़ाएंगे। जो अन्य पब्लिक वेलफेयर से जुड़े कार्य हैं, उन्हें भी शुरू कर धरातल पर उतारने की कोशिश करेंगे, ताकि इस तरह के प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण सहित अन्य सकारात्मक प्रभाव भी उभरकर सामने आएं।
]]>जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में राजस्व कार्यों तथा कर एवं करेत्तर राजस्व की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता की धारा 24, 116, 80, 34 और 67 के अंतर्गत लंबित मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई।
जिलाधिकारी ने धारा 24 के वादों के निस्तारण में तेजी लाने के निर्देश दिए। धारा 116 के मामलों में तहसील निजामाबाद तथा धारा 80 के मामलों में तहसील बूढ़नपुर की प्रगति सबसे कम पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों को शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए गए।
धारा 67 के अंतर्गत मामलों की समीक्षा में तहसील लालगंज, फूलपुर और मार्टीनगंज की प्रगति अत्यंत खराब पाई गई। इस पर जिलाधिकारी ने इन तीनों तहसीलों के तहसीलदारों से स्पष्टीकरण लेने के निर्देश अपर जिलाधिकारी प्रशासन को दिए।
इसके बाद कर एवं करेत्तर राजस्व प्राप्ति की समीक्षा की गई। पीडब्ल्यूडी और कृषि विभाग में करेत्तर राजस्व की प्राप्ति लक्ष्य के अनुरूप न होने पर जिलाधिकारी ने लक्ष्य के सापेक्ष वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। राज्य कर अधिकारी को आदेश दिया गया कि 02 किलोवॉट से अधिक विद्युत कनेक्शन वाली व्यवसायिक दुकानों के पंजीकरण की जांच की जाए और बिना पंजीकरण पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई की जाए।
जिलाधिकारी ने तहसीलवार 10 बड़े बकायेदारों की सूची तैयार कर वसूली सुनिश्चित करने तथा आगामी माह तक कम से कम 50 प्रतिशत बकाया वसूलने के निर्देश दिए।
खतौनी में त्रुटिपूर्ण अंश सुधार से संबंधित ऑनलाइन आवेदनों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने तहसीलवार रोस्टर बनाकर लेखपालों के माध्यम से निस्तारण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अविवादित वरासत के मामले किसी भी दशा में डिफाल्टर नहीं होने चाहिए।
भू-माफियाओं और अतिक्रमणकर्ताओं के विरुद्ध प्राप्त शिकायतों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि सरकारी भूमि के अभिलेखों से छेड़छाड़ कर अवैध कब्जा करने वाले तथा थर्ड पार्टी के जरिए दूसरों की जमीन बेचने वालों के खिलाफ भू-माफिया घोषित कर सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में खतौनी पुनरीक्षण, अंश निर्धारण, कृषक दुर्घटना बीमा, खनन पट्टों की अद्यतन स्थिति, भूमि सुधार योजनाओं के अंतर्गत पट्टा आवंटन, कृषि भूमि आवंटन, महालेखागार की ऑडिट आपत्तियों और रिट याचिकाओं की भी समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट सुनील कुमार धनवंता, समस्त उप जिलाधिकारी (न्यायिक), तहसीलदार सहित कृषि, पीडब्ल्यूडी, जीएसटी, खनन एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
जिलाधिकारी ने कहा कि पंडित लक्ष्मी नारायण मिश्र जैसे महापुरुषों की जयंती मनाने का उद्देश्य केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों से प्रेरणा लेना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को यह संदेश मिलता है कि समाज और राष्ट्र निर्माण में व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर उठकर कार्य करना ही सच्ची श्रद्धांजलि है।
उन्होंने यह भी कहा कि समय के साथ समाज की सोच बदल रही है, लेकिन आज भी बहुत से लोग निस्वार्थ भाव से समाज और जरूरतमंदों के हित में कार्य कर रहे हैं। स्वयंसेवी संस्थाएं गरीबों, शोषितों और पीड़ितों को न्याय दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं, जिससे समाज की नींव मजबूत हो रही है।
जिलाधिकारी ने युवाओं से आह्वान किया कि वे पं. लक्ष्मी नारायण मिश्र के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने कहा कि स्व की भावना से ऊपर उठकर परहित और राष्ट्रहित में किया गया कार्य ही सच्चे अर्थों में समाज को आगे बढ़ाता है।
आजमगढ़। जिले में पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने मानवीय पहल करते हुए बीती रात स्वयं सड़कों पर उतरकर हालात का जायजा लिया। देर रात जिलाधिकारी ने आजमगढ़ रेलवे स्टेशन, बड़ादेव मंदिर तथा पुरानी कोतवाली के आसपास के क्षेत्रों का भ्रमण कर खुले आसमान के नीचे ठंड से जूझ रहे गरीब, असहाय और निराश्रित लोगों से मुलाकात की।
भ्रमण के दौरान जिलाधिकारी ने अलाव ताप रहे जरूरतमंदों को कंबल वितरित किए और उनकी समस्याएं सुनीं। ठंड से ठिठुर रहे कई बेसहारा लोगों को तत्काल सहायता प्रदान करते हुए उन्हें सरकारी वाहन से रैन बसेरा भेजवाया गया, ताकि वे सुरक्षित और गर्म स्थान पर रात गुजार सकें। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में कहीं भी कोई व्यक्ति ठंड के कारण असहाय स्थिति में न रहने पाए।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने कहा कि शीतलहर के इस दौर में प्रशासन की पहली प्राथमिकता जरूरतमंदों की सुरक्षा है। रैन बसेरों में पर्याप्त व्यवस्था, कंबल, अलाव और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। उन्होंने नगर निकाय और प्रशासनिक अमले को लगातार निगरानी रखने तथा संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने आदर्श नगर पंचायत कटघर, लालगंज में स्थापित 10 व्यक्तियों की क्षमता वाले रैन बसेरे का आकस्मिक निरीक्षण किया। रैन बसेरे में 05 महिलाओं और पांच पुरुषों के ठहरने की व्यवस्था है। निरीक्षण के दौरान रैन बसेरे की व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। बाहर अलाव जलता हुआ मिला, जबकि अंदर बेडशीट और कंबलों की गुणवत्ता भी ठीक पाई गई।
निरीक्षण के समय जिलाधिकारी को बताया गया कि अभी तक यहां कोई भी व्यक्ति रात्रि में रुकने नहीं आया है। इसका कारण रैन बसेरे की रोडवेज से अधिक दूरी होना बताया गया, जिससे यात्री यहां नहीं पहुंच पा रहे हैं।
इसके पश्चात जिलाधिकारी ने बगल में स्थित हनुमानगढ़ी पोखरी का भी निरीक्षण किया। स्थानीय निवासियों ने पोखरी की साफ-सफाई तथा मंदिर के पास स्थित सरकारी जमीन से बहने वाले पानी की समस्या से जिलाधिकारी को अवगत कराया और समाधान की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
इस अवसर पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार भी उपस्थित रहे।