रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आजमगढ़ पुलिस ने सोमवार को ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 827.856 किलोग्राम मादक पदार्थों का विनष्टीकरण कराया। न्यायालय एवं संबंधित प्राधिकारी के आदेश के अनुपालन में जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार संपन्न हुई। वहीं पुलिस के अनुसार नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 825.740 किलोग्राम गांजा, 2.116 किलोग्राम डायजापाम तथा अन्य अवैध मादक पदार्थ शामिल रहे। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 5 करोड़ 82 लाख 15 हजार रुपये आंकी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में यह कार्रवाई मैसर्स सिलिकॉन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, भदो, माहुल (मार्टीनगंज) स्थित इकाई में स्थापित इंसीनरेटर/बॉयलर के माध्यम से कराई गई। विनष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में संपन्न हुई। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए। साथ ही पूरी प्रक्रिया की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत की गई यह कार्रवाई जनपद में नशे के कारोबार, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी मादक पदार्थों के खिलाफ इसी प्रकार का अभियान लगातार जारी रहेगा।
]]>जानकारी के अनुसार, आज़मगढ़ और बलिया की पांच-पांच फर्मों तथा मऊ की दो फर्मों के यहां झारखंड के रांची से कोडीनयुक्त कफ सिरप की बड़ी खेप भेजी गई थी। इन फर्मों ने वाराणसी, चंदौली, प्रतापगढ़, गाजीपुर, भदोही सहित प्रदेश के कई जिलों में करोड़ों रुपये का अवैध माल खपाया। जांच में यह भी सामने आया कि सिरप की सप्लाई को फैलाने के लिए फर्मों ने अलग-अलग जनपदों का चयन किया, जिससे संदेह कम हो और नेटवर्क लंबे समय तक सक्रिय रह सके।
वित्तीय वर्ष 2023–24 और 2024–25 के दौरान रांची से लगातार बड़ी मात्रा में सिरप मंगाया गया। इसी अवधि में आजमगढ़ की दो फर्मों द्वारा एएस फार्मा को भी कोडीनयुक्त सिरप की सप्लाई की गई थी। बलिया, मऊ और आजमगढ़ की अन्य फर्मों ने भी दो वर्षों में अलग-अलग जिलों में लाखों बोतलों की सप्लाई कर तस्करी के इस नेटवर्क को मजबूत किया।
जैसे ही मामला प्रकाश में आया, औषधि एवं ड्रग विभाग ने विस्तृत जांच शुरू की। रिकार्ड खंगालने पर 12 फर्मों की संलिप्तता पक्की मिली, जिनमें से दो फर्मों को नोटिस जारी कर दिया गया है, जबकि शेष फर्मों को भी नोटिस भेजे जाने की प्रक्रिया जारी है। विभाग का दावा है कि एक-एक फर्म के बिल, स्टॉक रजिस्टर और सप्लाई रूट की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क को खत्म किया जा सके। जांच पूरी होते ही सभी फर्मों के विरुद्ध लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
गोविंद लाल गुप्ता, सहायक आयुक्त औषधि ने बताया कि कार्रवाई सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत की जा रही है, ताकि कोडीनयुक्त प्रोडक्ट्स की अवैध बिक्री और दुरुपयोग को कड़ाई से रोका जा सके। इसके बाद लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई की जाएगी।
]]>मिली जानकारी के अनुसार नरवे गांव निवासी विकास सिंह का एक मकान पड़ोसी जनपद जौनपुर में भी है। बताया जाता है कि वहीं उसकी मुलाकात कोडीन युक्त कफ सिरप के अवैध कारोबारियों से हुई, जिसके बाद उसने इस धंधे में कदम रखा।
करीब एक माह से वह भूमिगत है और दो दिन पूर्व उसकी दादी की तेरहवीं में भी शामिल नहीं हुआ।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक विकास सिंह मार्टीनगंज ब्लॉक में प्रमुख पद के लिए तैयारी कर रहा था और क्षेत्र में उसके चुनावी पोस्टर भी लगे हुए हैं।
बरदह थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि जांच के लिए एसटीएफ टीम नरवे गांव आई थी। स्थानीय पुलिस ने पूरे मामले में सहयोग किया है और जांच से जुड़े हर बिंदु पर एसटीएफ को आवश्यक सहायता दी जाएगी।
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