अतरौलिया/आजमगढ़। अतरौलिया में स्थित एसडी ग्लोबल पब्लिक स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से संबद्धता मिल गई है। इस उपलब्धि पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. संग्राम यादव ने विद्यालय पहुंचकर प्रबंधन को बधाई दी और इसे ग्रामीण शिक्षा के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।
मिली जानकारी के अनुसार अतरौलिया स्थित एसडी ग्लोबल पब्लिक स्कूल को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड से मान्यता प्राप्त हुई है। इस अवसर पर क्षेत्रीय विधायक डॉ. संग्राम यादव विद्यालय परिसर पहुंचे, जहां विद्यालय परिवार ने उनका स्वागत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक ने विद्यालय की उपलब्धि को क्षेत्र के लिए गौरवपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि यह संस्थान ग्रामीण परिवेश के बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सीबीएसई की मान्यता मिलने से विद्यालय नई ऊंचाइयों को छुएगा और क्षेत्र के बच्चों को प्रतिस्पर्धात्मक शिक्षा का बेहतर अवसर मिलेगा। विधायक ने विद्यालय के विकास के लिए हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया।
विद्यालय के निदेशक राधेश्याम यादव ने विधायक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सीबीएसई से संबद्धता मिलना क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। अब ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को आधुनिक और राष्ट्रीय स्तर की शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही उपलब्ध हो सकेगी।
कार्यक्रम में प्रधानाचार्या अनीता यादव, ग्राम प्रधान बृजराज यादव, ग्राम प्रधान नरेंद्र यादव, राजेश कुमार तिवारी और प्रदीप यादव सहित विद्यालय के शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। उपस्थित लोगों ने इसे ग्रामीण शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों से कहा कि समाधान दिवस के बाद अपने-अपने विभाग से संबंधित सर्वाधिक शिकायत वाले गांवों तथा आईजीआरएस पर अधिक शिकायत प्राप्त गांवों का भ्रमण करें। मौके पर शिकायतकर्ताओं को बुलाकर उनकी समस्याएं सुनें और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उन्होंने बताया कि एसआईआर, बोर्ड परीक्षा एवं फार्मर रजिस्ट्री में लगाए गए अधिकारी लंबे समय तक ड्यूटी करेंगे। यदि किसी अधिकारी की ड्यूटी दो स्थानों पर लगी हो तो तुरंत उच्चाधिकारियों या मुख्य विकास अधिकारी को अवगत कराएं।
जनसुनवाई में सामने आए कुछ मामलों पर नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने कहा कि आदेश के बाद भी यदि सीमांकन के बावजूद कब्जा नहीं दिलाया जाता या सरकारी जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाया जाता है, तो एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाए। सरकारी भूमि पर कब्जे की स्थिति में लेखपाल द्वारा तहरीर तथा निजी भूमि के मामलों में पीड़ित पक्ष की तहरीर पर कार्रवाई के निर्देश दिए गए। पुलिस व राजस्व विभाग को संयुक्त टीम बनाकर मौके पर निरीक्षण करने को कहा गया।
जिलाधिकारी ने कहा कि शासन के निर्देशानुसार सरकारी जमीन पर रह रहे किसी गरीब व्यक्ति को तब तक न हटाया जाए, जब तक उसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था न हो। उल्लंघन की स्थिति में संबंधित पर सख्त कार्रवाई होगी।
कोटेदार नियुक्ति से जुड़े मामलों में ग्राम सभा की खुली बैठक कर प्रस्ताव तैयार कर उप जिलाधिकारी को भेजने तथा राशन वितरण सुचारु कराने के निर्देश दिए गए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने राजस्व व पुलिस की संयुक्त कार्रवाई पर जोर देते हुए न्यायालय के आदेशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने की बात कही।
जनसुनवाई में कुल 44 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें राजस्व की 36, पुलिस की 2, शिक्षा की 3, विकास की 2 और अन्य की 1 शिकायत शामिल रही। मौके पर 7 मामलों का निस्तारण किया गया, जबकि शेष मामलों को तय समय में निपटाने के निर्देश दिए गए।
इसी क्रम में, सावित्री बाई फुले राजकीय पॉलिटेक्निक, आज़मगढ़ की सिविल इंजीनियरिंग की छात्रा रिया सिंह को NEP Credits 46 के साथ संस्था में प्रथम स्थान प्राप्त करने पर तथा राजकीय पॉलिटेक्निक, भिलिहिली आज़मगढ़ की निकिता गुप्ता (सिविल इंजीनियरिंग) को भी मुख्य अतिथि द्वारा मेडल एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में संस्थान के प्रधानाचार्य द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया तथा राजकीय पॉलिटेक्निक भिलिहिली आज़मगढ़ के प्रधानाचार्या द्वारा धन्यवाद ज्ञापन दिया गया। कार्यक्रम का संचालन ई कुलभूषण सिंह ने किया।
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के साथ-साथ भाजपा नेता सुनील राजभर, सावित्री बाई फुले राजकीय पॉलिटेक्निक एवं राजकीय पॉलिटेक्निक भिलिहिली आज़मगढ़ से अमृत प्रकाश, डॉ. शिंजिनी यादव, सुशील कुमार, यशवंत कुमार, डॉ. रागिनी यादव, श्रुति सिंह, प्रेमानंद पटेल, संतोष कुमार, शिवम सिंह, रमेश प्रजापति एवं संस्था के अन्य स्टॉफ उपस्थित रहे।
अतरौलिया/आज़मगढ़। स्थानीय ब्लॉक संसाधन केंद्र अतरौलिया में शुक्रवार को शासन की महत्वाकांक्षी योजना ‘हमारा आंगन–हमारे बच्चे’ के अंतर्गत ब्लॉक स्तरीय एकदिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि खंड विकास अधिकारी आलोक कुमार और विशिष्ट अतिथि खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश यादव ने समारोह का शुभारंभ सरस्वती प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। इस मौके पर विकासखंड के निपुण बच्चों, उत्कृष्ट कार्य करने वाली शिक्षिकाओं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश यादव ने बताया कि छोटे बच्चों में विद्यालय आने के प्रारंभिक चरण में भय और झिझक के कारण ड्रॉपआउट की समस्या सामने आती है, जिसे बाल वाटिका और प्री-प्राइमरी कक्षाओं के माध्यम से खेल-खेल में सीखने की प्रक्रिया अपनाकर दूर किया जा रहा है। इस पहल से बच्चों में सीखने की रुचि पहले से विकसित होती है और वे आगे की कक्षाओं में बेहतर प्रदर्शन कर पाते हैं।
कार्यक्रम का संचालन राजकुमार ने किया। इस अवसर पर बाल विकास परियोजना अधिकारी सीता यादव, जनपद से आईएसआरजी रामवदन यादव, जयशंकर सिंह सहित बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
]]>कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. राजेन्द्र यादव (प्रबन्धक), सर्वोदय ग्रुप ऑफ़ इंस्टिट्यूशन, आजमगढ़ रहे। कॉलेज की प्राचार्य डॉ. कल्याण कुमार कराड़ी ने मुख्य अतिथि सहित सभी आगंतुक अतिथियों का स्वागत किया और छात्र-छात्राओं को आयुर्वेदिक शिक्षा के सामाजिक महत्व एवं उनके दायित्वों पर विस्तार से प्रकाश डाला।
इस अवसर पर संस्था के सीईओ संजय कुमार सिन्हा ने अपने संबोधन में कहा कि आयुर्वेदिक चिकित्सा एक महत्वपूर्ण एवं निःस्वार्थ सेवा का क्षेत्र है, जिसे केवल व्यवसाय के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि मानव सेवा के रूप में अपनाना चाहिए।
इसके पश्चात छात्र-छात्राओं द्वारा सरस्वती वंदना के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शानदार प्रस्तुति दी गई। रंगारंग कार्यक्रमों ने उपस्थित मुख्य अतिथियों एवं दर्शकों का मन मोह लिया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि डॉ. राजेन्द्र यादव ने विद्यार्थियों को आयुर्वेद के महत्व से अवगत कराते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वहीं कॉलेज के प्रबंधक डॉ. कृष्णमोहन त्रिपाठी ने सभी अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि छात्र-छात्राओं एवं शिक्षकों के सामूहिक प्रयास से कॉलेज को एक नई पहचान मिल रही है।
फ्रेशर पार्टी में मिस्टर फ्रेशर के रूप में धर्मेन्द्र एवं मिस फ्रेशर के रूप में अंशिका अरुण सिंह (सत्र 2025-26) को चुना गया।
कार्यक्रम में डॉ. अरुणा दास, डॉ. अमरेन्द्र तिवारी (प्राचार्य, धनपत्ती धर्मा डिग्री कॉलेज), डॉ. आशीष गुप्ता (प्राचार्य, फार्मेसी कॉलेज, आजमगढ़), डॉ. मंजू जॉन (प्राचार्या, ऑल इंडिया चिल्ड्रेन केयर एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी नर्सिंग कॉलेज), डॉ. योगिता जैन एवं श्याम सोम दूबे सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
]]>आज़ामगढ़। जिले में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के बजाय विभाग के कुछ अधिकारी अब अपनी कमियों को छिपाने में जुटे हैं। इसका ताजा उदाहरण अतरौलिया क्षेत्र के एक कंपोजिट विद्यालय में देखने को मिला, जहां पत्रकारों को विद्यालय से बाहर भगाने की बात कथित तौर पर प्रधानाचार्य के वायरल ऑडियो में सामने आई है।
बताया जा रहा है कि अतरौलिया कंपोजिट विद्यालय की प्रधानाचार्य किरण बाला सिंह ने अपने ही एक सहयोगी से बातचीत के दौरान कथित तौर पर यह स्वीकार किया कि उन्हें जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी और खंड शिक्षा अधिकारी अतरौलिया की ओर से यह निर्देश मिला है कि यदि कोई पत्रकार विद्यालय में कवरेज के लिए आए तो उसे जलती लकड़ी से मारकर भगा दिया जाए। यह कथन सोशल मीडिया पर वायरल ऑडियो के रूप में तेजी से फैल रहा है, (वायरल आडियो की न्यूज8पीएम पुष्टि नहीं करता) जिससे शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
अब सवाल यह उठता है कि जब शिक्षक और अधिकारी स्वयं अभद्रता का सहारा लेंगे, तो बच्चों के समक्ष शिक्षक की आदर्श छवि कैसी बनेगी? और क्या ऐसे वातावरण में शिक्षा की गुणवत्ता की उम्मीद की जा सकती है?
इस मामले पर जब खंड शिक्षा अधिकारी जगदीश यादव से संपर्क किया गया तो उन्होंने आरोपों को पूरी तरह से निराधार और असत्य बताया। उन्होंने कहा, मेरे द्वारा इस प्रकार का कोई आदेश नहीं दिया गया है। कोई क्या कह रहा है, यह उसका व्यक्तिगत मामला हो सकता है। यदि इस तरह का कोई प्रमाण सामने आता है तो जांच कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
वहीं, स्थानीय नागरिकों और शिक्षाविदों का कहना है कि यदि इस वायरल ऑडियो की जांच सही तरीके से की जाए तो कई बड़े खुलासे हो सकते हैं। पत्रकारिता लोकतंत्र का चौथा स्तंभ है, और यदि उसे भयभीत करने या दबाने का प्रयास किया जा रहा है, तो यह न केवल पत्रकारिता पर हमला है, बल्कि शिक्षा तंत्र की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न है। अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन इस गंभीर प्रकरण को कितनी गंभीरता से लेता है ।
निरीक्षण में यह भी पाया गया कि कुछ शिक्षक मोबाइल चलाते हुए काम कर रहे थे और उपस्थित शिक्षकों में भी पठन-पाठन के प्रति गंभीरता नहीं दिखी। सहायक अध्यापक आनंद कुमार राय, ललई यादव, नेहा राय, उमेश यादव और शिक्षा मित्र अनुपस्थित पाए गए। गणित शिक्षक राम अवध यादव अपने विषय और क्लास के बारे में कोई जानकारी नहीं दे पाए। इसी तरह सहायक अध्यापक ओमप्रकाश राय भी अपने कक्षा और विषय से अनभिज्ञ पाए गए।
बच्चों से यह भी पता चला कि शिक्षक ललई यादव बहुत कम आते हैं और जब आते भी हैं तो आधे समय बाद चले जाते हैं। इसके विपरीत कुछ शिक्षक जैसे ऋषभ राय और रामबिलास यादव अपनी कक्षा की कॉपियों की जांच सही तरीके से करते हैं और पढ़ाई में गंभीर पाए गए।
विद्यालय में खेलकूद के सामान मौजूद नहीं थे और भौतिक परिवेश प्रतिकूल पाया गया। साथ ही एमडीएम (मिड-डे मील) न देने की जानकारी मिली, जो वित्तीय अनियमितताओं की ओर संकेत करती है। शिक्षकों को यह तक नहीं पता था कि उनके विद्यालय में कितने बच्चे एडमिशन हुए हैं। विभागीय आदेशों का पालन न करना पूर्णतः स्वेच्छाचारिता का परिचायक है। इस आधार पर सभी शिक्षकों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
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