आजमगढ़ । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण के तहत सभी बूथों पर नई मतदाता सूची का वाचन कराया जा रहा है। इसी क्रम में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने शहर के विभिन्न बूथों का निरीक्षण कर प्रक्रिया का जायजा लिया।
अर्हता तिथि 01.01.2026 के आधार पर चल रहे विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत जनपद आजमगढ़ के सभी विधानसभा क्षेत्रों के समस्त मतदेय स्थलों पर बीएलओ द्वारा राजनीतिक दलों के एजेंटों की उपस्थिति में नई आलेख्य मतदाता सूची को पढ़कर सुनाया जा रहा है।
इसी क्रम में जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने विधानसभा आजमगढ़ के अंतर्गत चौक स्थित वेस्ली इंटर कॉलेज में बूथ संख्या 184 से 191 तक का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान सुपरवाइजर, बीएलओ, बीएलए तथा जनसामान्य मौजूद रहे।
निरीक्षण के दौरान जिला निर्वाचन अधिकारी ने निर्देश दिया कि मतदाता सूची वाचन के बाद जिनका नाम छूट गया है, उन्हें नाम जोड़ने की प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी जाए। उन्होंने बताया कि निर्वाचन आयोग द्वारा निर्धारित 13 दस्तावेजों में से किसी एक दस्तावेज के साथ आधार लगाकर फॉर्म-6 भरने पर नाम नई मतदाता सूची में शामिल किया जा सकता है।
उन्होंने सभी बीएलओ और सुपरवाइजरों को इस संबंध में प्रशिक्षण देने के निर्देश दिए ताकि छूटे हुए मतदाताओं को सही मार्गदर्शन मिल सके। इस अवसर पर ईआरओ, एईआरओ, बीएलओ, बीएलए और सुपरवाइजर उपस्थित रहे।
आजमगढ़। जिले में चले विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद मंगलवार को मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन कर दिया गया। एसआईआर के दौरान बड़ी संख्या में एएसडी (डेथ, शिफ्टेड, डबलिंग और अपसेंट) मतदाता पाए जाने के बाद मतदाता सूची में बड़ा बदलाव हुआ है।
एसआईआर के बाद मतदाताओं की संख्या में बड़ा बदलाव
एसआईआर अभियान के दौरान मिले 5 लाख 66 हजार 606 एएसडी वोटरों के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए हैं। ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद अब जिले के दस विधानसभा क्षेत्रों में कुल 31 लाख 47 हजार 652 मतदाता रह गए हैं। वर्ष 2025 की मतदाता सूची के अनुसार जिले में कुल 37 लाख 14 हजार 258 मतदाता पंजीकृत थे।
चार नवंबर से शुरू होकर 26 दिसंबर तक चला अभियान
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर जिले में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान चार नवंबर से शुरू किया गया था। पहले इस अभियान को चार दिसंबर तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन बाद में आयोग ने एक सप्ताह का समय बढ़ाकर अंतिम तिथि 11 दिसंबर और फिर 26 दिसंबर निर्धारित कर दी। मतदाताओं के पुनरीक्षण कार्य के लिए जिले में 4387 बीएलओ के साथ 445 सुपरवाइजरों की तैनाती की गई थी।
घर-घर जाकर गणना, फॉर्म भरवाने और डिजिटाइजेशन का कार्य
गणना कर्मियों ने घर-घर जाकर मतदाताओं को दो प्रतियों में गणना प्रपत्र वितरित किए। प्रपत्र भरवाने, जमा कराने और बीएलओ एप पर डिजिटाइजेशन का कार्य किया गया। बीएलओ और सुपरवाइजरों की निगरानी में चले एसआईआर अभियान के तहत कुल 37 लाख 14 हजार 258 पंजीकृत मतदाताओं के सापेक्ष 84.74 प्रतिशत डिजिटाइजेशन पूरा हुआ। इसके तहत 31 लाख 47 हजार 652 मतदाताओं के गणना प्रपत्रों की मैपिंग की गई।
एएसडी वोटरों का पूरा विवरण सामने आया
विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के दौरान जिले में कुल 15.26 प्रतिशत मतदाता एएसडी श्रेणी में पाए गए। इनमें 1 लाख 2 हजार 383 मतदाता मृत पाए गए, जो कुल मतदाताओं का 2.76 प्रतिशत है। वहीं 1 लाख 23 हजार 984 वोटर यानी 3.34 प्रतिशत अनुपस्थित मिले।
इसके अलावा 2 लाख 63 हजार 695 मतदाता, जो 7.10 प्रतिशत हैं, स्थायी रूप से स्थानांतरित पाए गए। 47 हजार 894 मतदाता यानी 1.29 प्रतिशत डबलिंग श्रेणी में मिले, जबकि 28 हजार 650 मतदाता अन्य श्रेणी में शामिल रहे। इस प्रकार कुल 5 लाख 66 हजार 606 एएसडी वोटरों के नाम मतदाता सूची से बाहर कर दिए गए।
1 लाख 58 हजार 627 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी
करीब 52 दिन तक चले विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के दौरान 1 लाख 58 हजार 627 मतदाताओं की मैपिंग नहीं हो सकी, जो कुल मतदाताओं का 4.27 प्रतिशत है। ऐसे मतदाताओं को संबंधित रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों की ओर से नोटिस जारी की जाएगी। नोटिस में सुनवाई के लिए सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी का नाम, पदनाम और स्थान अंकित रहेगा। नोटिस मिलने के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से निर्धारित 13 विकल्पों के तहत साक्ष्य प्रस्तुत करने होंगे, जिसके बाद ही मतदाता सूची में नाम जोड़ा जाएगा।
24 हजार से अधिक युवाओं ने वोटर बनने के लिए भरा फार्म
मतदाता सूची के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण अभियान के तहत जिले के दस विधानसभा क्षेत्रों में करीब 24 हजार 473 युवाओं ने मतदाता बनने के लिए फार्म-6 घोषणा पत्र के साथ आवेदन किया है। इन युवाओं की आयु एक जनवरी 2026 को 18 वर्ष पूरी हो रही है। भरे गए घोषणा पत्र में वर्ष 2003 की मतदाता सूची में स्वयं अथवा माता-पिता, दादा-दादी या नाना-नानी का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है। ऐसे मतदाताओं को नागरिकता प्रमाणित करने के लिए भारत निर्वाचन आयोग की ओर से अलग से नोटिस नहीं भेजा जाएगा।
नोटिस मिलने पर ये दस्तावेज होंगे मान्य
नोटिस जारी होने की स्थिति में नागरिकता और पहचान के लिए केंद्रीय या राज्य सरकार, सार्वजनिक उपक्रम के पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट, शैक्षणिक प्रमाण पत्र, स्थायी निवास प्रमाण पत्र, वन अधिकार प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर, परिवार रजिस्टर की प्रति, सरकारी आवंटित भूमि या मकान का प्रमाण पत्र, आधार कार्ड सहित आयोग द्वारा मान्य दस्तावेज प्रस्तुत किए जा सकेंगे।
6 फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज करने का अवसर
मतदाता सूची के आलेख्य प्रकाशन के बाद छह फरवरी तक दावे और आपत्तियां दर्ज की जा सकती हैं। जिनका नाम छूट गया है वे फार्म-6 भर सकते हैं। नाम हटाने के लिए फार्म-7 और नाम या पते में संशोधन के लिए फार्म-8 भरा जाएगा। सभी आवेदन घोषणा पत्र के साथ जमा करने होंगे।
मेंहनगर में सबसे ज्यादा, निजामाबाद में सबसे कम मतदाता
आलेख्य प्रकाशन के बाद जारी मतदाता सूची के अनुसार जिले में सबसे अधिक मतदाता मेंहनगर विधानसभा क्षेत्र में 3 लाख 52 हजार 373 दर्ज हैं, जबकि सबसे कम मतदाता निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र में 2 लाख 85 हजार 549 हैं। अन्य विधानसभा क्षेत्रों में अतरौलिया, गोपालपुर, सगड़ी, मुबारकपुर, आजमगढ़, फूलपुर-पवई, दीदारगंज और लालगंज में भी मतदाताओं की संख्या तय की गई है।
डीईओ पोर्टल पर उपलब्ध है मतदाता सूची
ड्राफ्ट प्रकाशन के बाद जिले की विधानसभावार मतदाता सूची जिला निर्वाचन अधिकारी के पोर्टल डीईओ आजमगढ़ पर उपलब्ध है। इसके अलावा बीएलओ पदाभिहित अधिकारी, निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और जिला निर्वाचन अधिकारी कार्यालय में भी मतदाता सूची देखी जा सकती है।
अतरौलिया, आज़मगढ़। विधानसभा अतरौलिया में भारत निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे सघन पुनरीक्षण अभियान के तहत सोमवार को उप जिलाधिकारी (न्यायिक) बुढ़नपुर अभय राज पांडे ने सुबह से ही घर-घर बीएलओ द्वारा गणना पत्र वितरण एवं निर्वाचन तैयारियों का जायजा लिया।
निरीक्षण के दौरान एसडीएम ने 343-अतरौलिया विधानसभा के बूथ संख्या 1 रतुवापार से लेकर बूथ संख्या 66 तक के विभिन्न मतदान केंद्रों—पचरी, पकरडीहा, चकचौबे, अतरौलिया, नंदना, मनियारपुर, बोधीपट्टी, मीरपुर, चनेता आदि का निरीक्षण किया। इस दौरान वे काफ़ी सख्त नज़र आए और बीएलओ को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
उप जिलाधिकारी ने बताया कि भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर बृहद मतदाता पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है, जिसके तहत प्रत्येक बूथ पर बीएलओ की तैनाती की गई है। बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची में शामिल मतदाताओं को गणना फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं और आवश्यक जानकारी एकत्र कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आने वाले चुनावों में किसी भी बूथ पर कमी न रह जाए, इसके लिए अभी से सभी व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा रहा है। उन्होंने इसे राष्ट्रीय कार्य बताते हुए कहा कि प्रत्येक बीएलओ अपनी जिम्मेदारी ईमानदारी से निभाएं। निरीक्षण के दौरान सुपरवाइजर सुदर्शन मिश्रा सहित तहसील के अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
]]>आजमगढ़। जिले में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत चार नवंबर से घर-घर मतदाता सर्वे शुरू होगा। इसके लिए जनपद के 10 विधानसभा क्षेत्रों में 3869 बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) की तैनाती की गई है। वर्ष 2003 के बाद यह पहला विशेष गहन पुनरीक्षण होगा, जिसमें मतदाताओं के विवरण को अद्यतन किया जाएगा।
बीएलओ प्रत्येक घर जाकर मतदाताओं से फार्म भरवाएंगे, जिसमें पहचान पत्र की छायाप्रति और हस्ताक्षर आवश्यक होंगे। सत्यापन के बाद वरिष्ठ अधिकारी की मुहर लगेगी। इस सर्वे में मतदाता सूची से नाम संशोधित या हटाए भी जा सकते हैं।
जनपद के 10 विधानसभा क्षेत्रों में कुल 37 लाख 14 हजार 258 मतदाता पंजीकृत हैं, जिनमें 19.57 लाख पुरुष, 17.57 लाख महिला और 63 थर्ड जेंडर शामिल हैं। लालगंज विधानसभा क्षेत्र में सबसे अधिक 4.12 लाख मतदाता, जबकि निजामाबाद में सबसे कम 3.34 लाख मतदाता हैं।जिले में 2291 मतदान केंद्र और 3869 मतदेय स्थल बनाए गए हैं। निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया है कि किसी भी मतदेय स्थल पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होने चाहिए।
बुधवार को अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) राहुल विश्वकर्मा ने सभी राजनीतिक दलों व उप जिला निर्वाचन अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की।
कार्यक्रम अनुसार:
3 नवंबर तक: तैयारी, प्रशिक्षण एवं प्रपत्रों का मुद्रण
4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक: घर-घर सर्वे व फार्म वितरण
9 दिसंबर 2025: आलेख्य मतदाता सूची का प्रकाशन
9 दिसंबर से 8 जनवरी 2026 तक: दावे एवं आपत्तियाँ
31 जनवरी 2026 तक: निस्तारण व सत्यापन
7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होगी।
बीएलओ तीन बार घर आएंगे और मतदाताओं को ईएल फार्म देंगे, जिसकी एक प्रति बीएलओ रखेंगे और एक मतदाता के पास रहेगी। मान्य दस्तावेजों में पासपोर्ट, आधार, जन्म प्रमाण पत्र, पेंशन आदेश, बोर्ड प्रमाणपत्र, जाति/निवास प्रमाणपत्र, एलआईसी/बैंक/सरकारी पहचान पत्र आदि शामिल किए गए हैं।
अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) राहुल विश्वकर्मा का कहना है कि विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सभी निर्वाचन अधिकारियों और बीएलओ को प्रशिक्षण दिया जा चुका है। लक्ष्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है।
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