आजमगढ़। बहुजन समाज पार्टी ने नगर के अम्बेडकर पार्क में पूर्व मुख्यमंत्री एवं पार्टी अध्यक्ष मायावती का 70वां जन्मदिन मंडल स्तरीय जनकल्याण दिवस के रूप में मनाया। समारोह में विधानसभा प्रत्याशी भी घोषित किए गए और समाज में समानता व न्याय के मुद्दों पर जोर दिया गया।
मिली जानकारी के अनुसार, इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में मुख्य मंडल प्रभारी आजमगढ़, अयोध्या, देवी पाटन एवं पूर्व एमएलसी दिनेश चन्द्रा मौजूद रहे। अध्यक्षता मुख्य मंडल प्रभारी आजमगढ़ सालिम अंसारी ने की, जबकि संचालन जिलाध्यक्ष आजमगढ़ अरविन्द कुमार ने संभाला। समारोह में मुख्य अतिथि दिनेश चन्द्रा ने अबुल कैश आज़मी को 2027 विधानसभा चुनाव के लिए दीदारगंज सीट से प्रत्याशी घोषित किया।
दिनेश चन्द्रा ने अपने संबोधन में कहा कि समाज के पिछड़े और दलित वर्ग के लोगों का इतिहास अक्सर दबा दिया गया, लेकिन बसपा ने उनके संघर्षों को यादगार बनाया। उन्होंने कहा कि तथागत बुद्ध, सम्राट अशोक, रविदास, ज्योतिबा फुले, साहूजी महाराज जैसे महापुरूषों ने समाज को मुख्यधारा में लाने के लिए संघर्ष किया। डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने समाज की समस्याओं और अन्याय से मुक्ति दिलाने के लिए मार्ग दिखाया, और कांशीराम के नेतृत्व में समाज को सत्ता में भागीदार बनाया।
विशिष्ठ अतिथि हरिश्चन्द्र गौतम ने कहा कि वर्तमान में कमजोर और पिछड़े वर्ग के लोगों पर अन्याय बढ़ा है। शिक्षा महंगी, रोजगार कम और जातीय संघर्ष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि यह सामंतवादी युग की आहट है, जिसका विरोध समाज के पूर्वजों ने किया। उन्होंने कहा कि बसपा प्रमुख के नेतृत्व में समाज विपरीत परिस्थितियों में भी मजबूती से खड़ा है और 2027 में बसपा राष्ट्रीय अध्यक्ष को पुनः उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया गया।
जनसभा को ओमकार शास्त्री, डॉ. इंदु चौधरी, डॉ. मदन राम, हीरालाल गौतम, सविहा अंसारी, अबुल कैस आजमी, विनोद चौहान, रामविलास भाष्कर चेतई राम, संतोष राजभर सहित अनेक नेताओं ने संबोधित किया।
बैठक में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 के तहत हर विधानसभा में मतदाता डेटा सुधार पर ज़ोर दिया गया।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि 1 जनवरी 2026 की अर्हता तिथि के आधार पर जनपद की 10 विधानसभाओं की मतदाता सूची का आलेख्य प्रकाशन 6 जनवरी को किया गया है। वर्तमान सूची में 17,19,537 पुरुष, 14,28,063 महिला और 52 अन्य, कुल 31,47,652 मतदाता दर्ज हैं।
घर-घर सर्वे में 1,02,383 मृतक, 2,63,695 शिफ्टेड, 47,984 डुप्लीकेट, 1,23,984 अनुपस्थित और 1,58,627 नो-मैपिंग मतदाता पाए गए हैं। नो-मैपिंग मतदाताओं को नोटिस जारी कर दस्तावेजों के आधार पर सत्यापन कराया जाएगा।
दावे-आपत्तियां 6 जनवरी से 6 फरवरी 2026 तक ली जाएंगी, जबकि 6 मार्च 2026 को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन होगा। 11 जनवरी को सभी मतदान केंद्रों पर बीएलओ द्वारा मतदाता सूची का वाचन किया जाएगा।
राजनीतिक दलों से अपील की गई कि बढ़े 518 नए बूथों पर बीएलए नियुक्त करें और पात्र मतदाताओं से अधिक से अधिक फार्म-6 भरवाएं, ताकि हर विधानसभा में गलत डेटा सुधारा जा सके।
भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 350-दीदारगंज क्षेत्र में 04 नवम्बर से 04 दिसम्बर 2025 तक विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) के तहत घर-घर जाकर मतदाताओं के गणना प्रपत्र भरने और संकलित करने का कार्य किया गया। विधान सभा क्षेत्र के बूथ संख्या 220 प्रा.वि. सोहौली कक्ष सं.1 की बीएलओ कुमुदलता राय, बूथ संख्या 240 प्रा.वि. कोदहरा कक्ष सं.2 की बीएलओ इन्दु सिंह, बूथ संख्या 392 प्रा.वि. सिरसाल कक्ष सं.1 की बीएलओ बन्दना मौर्या और बूथ संख्या 394 प्रा.वि. सिरसाल कक्ष सं.3 की बीएलओ रूपमती ने अपने गणना प्रपत्रों की शत-प्रतिशत अपलोडिंग कार्य पूर्ण किया।
इन बीएलओ द्वारा उत्कृष्ट प्रदर्शन और समयबद्ध तरीके से कार्य पूरा करने पर उन्हें ईआरओ द्वारा शुभकामनाएँ दी गईं और उनके उज्जवल भविष्य की कामना की गई।
आज़मगढ़। जनपद पहुंचे सांसद धर्मेंद्र यादव अपने विधायकों के साथ आज जिलाधिकारी से मिलकर बीएलओ पर मतदाताओं से भेदभाव का आरोप लगाते हुए पत्रक सौंपा।
इस दौरान सांसद धर्मेंद्र यादव ने बीजेपी सांसद निरहुआ पर निशाना साधते हुए कहा कि “वे तो इतने बड़े बड़बोले हैं कि ब्रह्मा को भी चुनौती दे देते हैं, ऐसे लोगों को जवाब देना उचित नहीं समझते।” उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी, राष्ट्रीय अध्यक्ष के नेतृत्व में, जनता की समस्याओं को लेकर संघर्ष कर रही है। 2024 की शुरुआत के बाद 2027 के चुनाव में उत्तर प्रदेश की जनता सरकार को उसके अत्याचार, भेदभाव और दमनकारी नीतियों का करारा जवाब देगी।
सपा सांसद ने कहा कि एसआईआर सरकार का चुनाव जीतने का तरीका है। उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि वोट ही सबसे बड़ा हथियार है और लोकतंत्र, संविधान व आरक्षण बचाने के लिए मतदाता को अपने वोट को सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई और किसानों व नौजवानों की समस्याओं को बड़ा मुद्दा बताया।
सांसद ने आरोप लगाया कि बीजेपी संवैधानिक संस्थाओं का दुरुपयोग करके चुनाव जीतने का प्रयास करती है। उन्होंने कहा कि जो पार्टी 400 पार का नारा लगा रही थी, वह उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव के सामने टिक नहीं पाई। उन्होंने दावा किया कि गठबंधन ने 43 सीटें जीतीं, जबकि पांच सीटों पर काउंटिंग में बेइमानी हुई। वाराणसी में प्रधानमंत्री की जीत के दावों पर भी उन्होंने सवाल उठाए।
सपा सांसद ने बिहार चुनाव पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अभी चुनाव के परिणाम आए हैं, समीक्षा आगे की जाएगी। उन्होंने पद्म विभूषण सम्मान प्राप्त मुलायम सिंह यादव के व्यक्तित्व के खिलाफ विवादित रिपोर्ट को गलत बताया। साथ ही कहा कि पिछले लोकसभा चुनाव में आजमगढ़ जिले में एक लाख 10 हजार रेड कार्ड जारी किए गए थे, बावजूद इसके जनता ने समाजवादी पार्टी को जीत दिलाई।
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