स्मार्ट मीटर लगाने की जिम्मेदारी हैदराबाद की जीएमआर कंपनी को सौंपी गई है। कंपनी द्वारा लगाए गए मीटरों में से बड़ी संख्या को प्रीपेड मोड में भी बदला जा रहा है। इससे विभाग को यह सुविधा मिल रही है कि बिजली बिल जमा न करने वाले उपभोक्ताओं की आपूर्ति कार्यालय से ही काटी जा सकती है।
मुख्य अभियंता इंजीनियर रामबाबू ने बताया कि अब तक लगाए गए 2.77 लाख स्मार्ट मीटरों में से 1.66 लाख मीटर प्रीपेड किए जा चुके हैं। आंकड़ों के अनुसार आजमगढ़ प्रथम सर्किल में 39,626, आजमगढ़ द्वितीय में 7,119, बलिया में 64,605 और मऊ सर्किल में 55,073 स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। उन्होंने बताया कि शेष उपभोक्ताओं के यहां भी चरणबद्ध तरीके से स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं।
पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (पूर्वांचल-डिस्कॉम) के प्रबंध निदेशक शंभु कुमार ने कार्य में लापरवाही और शिकायतों के आधार पर 117 अभियंताओं के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इस कार्रवाई में 4 अभियंताओं को निलंबित, 16 अभियंताओं को चार्जशीट, जबकि 97 अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
निगम की रिपोर्ट के अनुसार निलंबित अभियंताओं में चार जूनियर इंजीनियर (जेई) शामिल हैं। इसके अलावा 62 अवर अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, जबकि 78 अवर अभियंताओं को आरोप पत्र दिया गया है। इसी तरह 7 उपखंड अधिकारियों (एसडीओ) को कारण बताओ नोटिस और 1 एसडीओ को चार्जशीट दी गई है। वहीं 22 अधिशासी अभियंताओं को कारण बताओ नोटिस और 3 अधिशासी अभियंताओं को आरोप पत्र जारी किया गया है। इसके साथ ही 6 अधीक्षण अभियंताओं को भी कारण बताओ नोटिस थमाया गया है।
बताया जा रहा है कि आज़मगढ़,वाराणसी और गोरखपुर मंडलों में सबसे अधिक अधिकारी कार्रवाई की जद में आए हैं।
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