गौरतलब है कि बीते शनिवार की देर रात गो तस्कर पिकअप वाहन लेकर पारनकुंडा गोशाला में घुस गए थे और गोवंश को ले जाने की तैयारी कर रहे थे। सूचना मिलते ही पुलिस के पहुंचने पर तस्कर फरार हो गए थे। मौके से एक पिकअप वाहन बरामद हुआ था, जिसमें चार गोवंश लदे थे, जबकि 12 से अधिक गोवंश बंधे मिले थे। जांच में यह भी सामने आया था कि उस समय गोशाला में केवल केयर टेकर मौजूद था। रविवार को जिले के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे, देर शाम को पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
मंगलवार को जिला मुख्यालय पर मामले का खुलासा करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि सोमवार को वाहन चेकिंग के दौरान मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने भरौली मोड़ से पूरनमल यादव, पुत्र प्रेमशंकर यादव, निवासी करमौता, थाना नगरा, जनपद बलिया (पीकअप मालिक) और तेज प्रताप शाही उर्फ पप्पू, पुत्र कल्पनाथ शाही, निवासी पारनकुंडा, थाना जीयनपुर, जनपद आजमगढ़ (गोशाला के केयर टेकर) को गिरफ्तार किया।
पुलिस पूछताछ में दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर गोशाला से गोवंश चोरी कर बिहार राज्य में बेचते थे और बिक्री से मिलने वाली रकम आपस में बांट लेते थे।
अपर पुलिस अधीक्षक चिराग जैन ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पूछताछ में कुछ अन्य लोगों के नाम प्रकाश में आये है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए चार टीमें गठित की गई है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तार आरोपियों के बैंक एकाउंट व सीडीआर का अध्यन किया जा रहा है और इनके खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई भी की जाएगी।
बताया जा रहा है कि देर रात करीब 12 बजे तस्कर एक पिकअप वाहन से गौशाला परिसर में घुसे और गौवंश को ले जाने की तैयारी करने लगे। इसी दौरान मऊ जनपद की पुलिस को संदिग्ध गतिविधि की सूचना मिल गई। मऊ की पुलिस टीम के गौशाला पहुंचने की भनक लगते ही तस्कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए। घटनास्थल पर एक पिकअप वाहन खड़ा मिला, जिसमें तीन गौवंश लदे हुए थे, जबकि करीब एक दर्जन से अधिक गौवंश को बांधकर रखा गया था।
घटना के समय गौशाला पर न तो कोई कर्मचारी मौजूद था और न ही किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था थी, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश देखने को मिला। शोरगुल सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और ग्राम प्रधान पारनकुंडा को इसकी सूचना दी। ग्राम प्रधान ने तत्काल लाटघाट पुलिस चौकी को अवगत कराया।
सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। घटना की जानकारी एसडीएम सगड़ी को भी दी गई। रविवार सुबह एसडीएम सगड़ी नायब तहसीलदार के साथ मौके पर पहुंचे। इसके अलावा मुख्य विकास अधिकारी परीक्षित खटाना, अपर जिलाधिकारी प्रशासन राहुल विश्वकर्मा और मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी मुकेश गुप्ता ने गौशाला का निरीक्षण किया।
जांच में सामने आया कि गौशाला पर केवल पप्पू शाही नामक एक व्यक्ति ही रह रहा था। अधिकारियों ने इस गंभीर लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए आवश्यक निर्देश दिए। पशु चिकित्सक ओमप्रकाश आनंद ने बताया कि वर्तमान में गौशाला में कुल 90 गौवंश सुरक्षित हैं। वहीं जीयनपुर पुलिस पिकअप वाहन के आधार पर गौ तस्करों की तलाश में जुटी है और जल्द ही मामले के खुलासे की उम्मीद जताई जा रही है।