अतरौलिया, आज़मगढ़। थाना अतरौलिया पुलिस ने दहेज उत्पीड़न और आईटी एक्ट से जुड़े एक गंभीर मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे अभियुक्त को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर विवाहिता से अतिरिक्त दहेज की मांग, मारपीट और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देने जैसे गंभीर आरोप हैं।
बीते 7 सितंबर 2025 को पीड़िता ने थाना अतरौलिया में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगाई थी। पीड़िता का आरोप था कि उसका पति व ससुराल पक्ष उससे पांच लाख रुपये नकद और एक मोटरसाइकिल की अतिरिक्त दहेज मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर उसे शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। आरोप है कि अभियुक्त ने उसकी आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर उसे डराया-धमकाया। पुलिस ने तत्काल सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। इसके बाद से ही आरोपी फरार चल रहा था।
मंगलवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली, जिसके आधार पर घेराबंदी कर मदियापार मोड़ के पास से सुबह अभियुक्त आशुतोष राजभर पुत्र फलदन राजभर, निवासी लसड़ा खुर्द, थाना बरदह को गिरफ्तार कर लिया गया।
मंगलवार को पीड़िता ने एसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि यह घटना 8 दिसंबर की रात लगभग 8 बजे हुई। आरोप है कि पट्टीदार डीजे बजाकर नाच रहे थे। इसी दौरान जब वह शौच के लिए घर से बाहर गई, तो पाटीदारों के एक युवक ने उसका मुंह दबाकर जबरन उसे उठाकर ले जाने की कोशिश की। किसी तरह वह मुंह छुड़ाकर चिल्लाई, तो आरोपी ने उसे जान से मारने की धमकी दी।
शोर सुनकर बीच-बचाव के लिए पहुंची युवती की मां के साथ भी पाटीदारों ने मारपीट की। घटना की सूचना पर मौके पर डायल 100 की पुलिस पहुंची और दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया। पीड़िता का आरोप है कि थाने में दो दिन तक पूछताछ के बावजूद आरोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई और उन्हें छोड़ दिया गया।
थाने से न्याय न मिलने पर पीड़िता ने पुलिस अधीक्षक से मिलकर मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
]]>दूसरा मामला थाना रौनापार का है, जिसमें पीड़िता ने आरोप लगाया कि अभियुक्त जामवन्त उर्फ जमालु, पुत्र देवनाथ, निवासी केवटहिया, ने कुछ वर्षों से शादी का झांसा देकर युवती के साथ शारीरिक संबंध बनाए और बाद में मारपीट करते हुए विवाह से इंकार कर दिया। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बुधवार को आरोपी को करखिया मोड़ से गिरफ्तार किया।
दोनों मामलों में पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया।
]]>