रिपोर्ट: आशीष निषाद
अतरौलिया/ आज़मगढ़। स्थानीय अमर शहीद राजा जयलाल सिंह 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय में अब बुजुर्ग एवं दिव्यांग मरीजों को खून की जांच सेम्पल के लिए सीढ़ियां नहीं चढ़नी पड़ेंगी। स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार सिन्हा की पहल पर ब्लड कलेक्सन सैंपलिंग की सुविधा को भूतल पर स्थानांतरित कर दिया गया है। इसके लिए विशेष ब्लड कलेक्शन सैंपल वार्ड तैयार किया गया, जिसका शुभारंभ उप जिलाधिकारी बुढ़नपुर अभय राज पांडे एवं स्वास्थ्य अधीक्षक ने संयुक्त रूप से फीता काटकर किया।
अब बुजुर्गों और दिव्यांग मरीजों को खून जांच कराने और रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए प्रथम तल पर स्थित लैब तक जाने की आवश्यकता नहीं होगी। भूतल पर ही सभी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध करा दी गई हैं, जिससे मरीजों को सुविधा और सुलभता मिलेगी।
स्वास्थ्य अधीक्षक डॉ. दिनेश कुमार सिन्हा ने बताया कि मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर इस सुविधा की शुरुआत की गई है। पहले ब्लड कलेक्शन सेंटर प्रथम तल पर होने के कारण बुजुर्ग एवं दिव्यांग मरीजों को काफी असुविधा होती थी। मरीजों की मांग को देखते हुए उनके लिए अलग से भूतल पर ब्लड कलेक्शन सैंपल वार्ड बनाया गया है, जहां जांच और रिपोर्ट दोनों की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
उन्होंने बताया कि वर्तमान में पैथोलॉजी डॉक्टर का पद रिक्त है, लेकिन सभी आवश्यक जांचें अत्याधुनिक एनालाइजर मशीनों के माध्यम से की जा रही हैं और ये सेवाएं पूर्णतया निशुल्क हैं। कुछ विशेष जांचों के लिए मरीजों को आजमगढ़ मंडलीय चिकित्सालय भेजा जाता है। इस संबंध में उच्चाधिकारियों को लिखित रूप से अवगत कराया गया है और जल्द ही पैथोलॉजी डॉक्टर की उपलब्धता की उम्मीद है। स्वास्थ्य अधीक्षक ने यह भी बताया कि अस्पताल में प्राइवेट वार्ड को चालू करने की दिशा में प्रयास जारी हैं, जिसे शीघ्र ही शुरू कर दिया जाएगा, जिससे मरीजों को और बेहतर सुविधाएं मिल सकें।
इस अवसर पर अस्पताल के सभी चिकित्सक, स्टाफ नर्स, कर्मचारी एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मी उपस्थित रहे।
निरीक्षण के क्रम में जिला कारागार आजमगढ़ का दौरा भी किया गया। कारागार में व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं। शौचालय की सफाई कराने के निर्देश दिए गए और रसोईघर की व्यवस्थाओं की जांच की गई। इसके पश्चात जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया गया, जहां मरीजों से मिलकर उनकी स्वास्थ्य स्थिति के बारे में जानकारी ली गई और व्यवस्थाओं को सही पाया गया।
अध्यक्षा के रूप में कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम का आयोजन किया गया। नवजात कन्याओं का स्वागत रोली-चंदन, उपहार स्वरूप बेबी किट, कम्बल, मिठाई और माला पहनाकर किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं को स्वालम्बी और आत्मनिर्भर बनने के लिए जागरूक किया गया। जिला प्रोबेशन अधिकारी द्वारा महिला कल्याण विभाग की योजनाओं जैसे मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, निराश्रित महिला पेंशन योजना, और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना की जानकारी साझा की गई।
कार्यक्रम में उपजिलाधिकारी, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, महिला थानाध्यक्ष, जिला प्रोबेशन अधिकारी और वन स्टॉप सेंटर के सभी कर्मी उपस्थित रहे।
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