रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। अहरौला थाना पुलिस ने अवैध रूप से अस्पताल संचालित करने और चिकित्सीय लापरवाही के कारण प्रसूता की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित चिकित्सक डा. मो. अकबर खान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर बिना वैध अनुमति अस्पताल चलाने तथा लापरवाहीपूर्वक इलाज करने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को पवई थाना क्षेत्र के ग्राम नाटी माहुल निवासी ओमकार मौर्य ने अहरौला थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनकी पत्नी करिश्मा (23 वर्ष) को प्रसव के लिए रसूलपुर अहमद अली स्थित शहनवाज मेमोरियल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। आरोप है कि अस्पताल में चिकित्सक द्वारा लापरवाहीपूर्वक ऑपरेशन किया गया और गलत रक्त चढ़ा दिया गया, जिससे उनकी पत्नी की मौत हो गई।
तहरीर के आधार पर थाना अहरौला में मु0अ0सं0 234/2026 के तहत धारा 105 बीएनएस में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान जांच में अस्पताल के बिना वैध अनुमति संचालन के तथ्य सामने आने पर इंडियन मेडिकल कमीशन एक्ट, 2019 की धारा 34 भी मुकदमे में बढ़ाई गई।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को उपनिरीक्षक यश सिंह पटेल व पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर वांछित आरोपी डा. मो. अकबर खान (37 वर्ष) निवासी माहुल खास, थाना अहरौला को फुलवरिया अंडरपास से करीब 11 बजे गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ आवश्यक विधिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस टीम में उपनिरीक्षक यश सिंह पटेल, हेड कांस्टेबल सुरेन्द्र निषाद तथा कांस्टेबल जितेन्द्र यादव शामिल रहे।
]]> जिलाधिकारी के आदेश एवं मुख्य चिकित्साधिकारी के निर्देशानुसार जनपद में अवैध व अनियमित रूप से संचालित चिकित्सकीय प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज बिलरियागंज स्थित हेरा चाइल्ड सेंटर का स्वास्थ्य विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान गंभीर खामियां पाए जाने पर सेंटर को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
इस कार्रवाई का नेतृत्व डिप्टी सीएमओ/नोडल निजी चिकित्सालय प्रतिष्ठान डॉ. आलेन्द कुमार ने किया। उनके साथ पटल सहायक धीरेन्द्र शुक्ला एवं सीएचसी बिलरियागंज के चिकित्सक डॉ. निलेश भी मौजूद रहे।
निरीक्षण में पाया गया कि सेंटर में लगभग पाँच बेड पर नवजात शिशुओं का उपचार किया जा रहा था, जबकि मौके पर कोई अधिकृत या योग्य चिकित्सक उपस्थित नहीं था। इसके अलावा प्रतिष्ठान के पास वैध पंजीकरण भी नहीं मिला। जांच के दौरान अग्निशमन सुरक्षा, प्रदूषण नियंत्रण तथा बायो-मेडिकल वेस्ट निस्तारण से जुड़े मानकों के उल्लंघन की भी पुष्टि हुई।
गौरतलब है कि हाल ही में लालगंज क्षेत्र में एक मासूम की मौत की घटना के बाद मुख्य चिकित्साधिकारी ने गैर-पंजीकृत, अनधिकृत और अप्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा संचालित संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए थे। उसी के तहत यह कार्रवाई की गई।
फिलहाल हेरा चाइल्ड सेंटर को पूरी तरह सील कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।