रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के बरदह थाना क्षेत्र के सहनूडीह गांव में युवक की संदिग्ध मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। मृतक के पुत्र ने बरदह थाने में तहरीर देकर अपनी सौतेली मां समेत चार लोगों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने तहरीर प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, जौनपुर जिले के गौराबादशाहपुर थाना क्षेत्र के आरा गांव निवासी अनुज पाठक ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उसके पिता उपेन्द्र पाठक ने करीब नौ वर्ष पूर्व बरदह थाना क्षेत्र के सहनूडीह गांव निवासी सुप्रिया पाठक से दूसरी शादी की थी। तहरीर के मुताबिक, विवाह के बाद से पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। आरोप है कि सुप्रिया पाठक उपेन्द्र पाठक को धमकाती थी और उनकी जमीन बेचकर प्राप्त धनराशि अपने पास रख लेती थी।
अनुज पाठक का आरोप है कि 30 जुलाई 2026 की शाम करीब साढ़े छह बजे उसके पिता अपनी पत्नी के कहने पर सहनूडीह स्थित ससुराल पहुंचे, जहां सुप्रिया पाठक, उसके पिता यादवेंद्र मिश्र, आदर्श मिश्र उर्फ शोले तथा रिया मिश्र ने मिलकर उन्हें प्रताड़ित किया, जिसके चलते उनकी मौत हो गई। वहीं तहरीर में यह भी कहा गया है कि घटना की सूचना मिलने पर जब परिजन रात में सहनूडीह पहुंचे तो कमरे का ताला बाहर से बंद मिला। परिजनों का दावा है कि घटनास्थल की परिस्थितियां आत्महत्या से मेल नहीं खातीं, जबकि आरोपित पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है।मृतक के पुत्र ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर नामजद आरोपितों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं इस संबंध में बरदह थाना अध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने बताया कि मृतक के पुत्र से तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक साक्ष्य तथा अन्य उपलब्ध तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के बरदह थाना क्षेत्र में गुरुवार देर रात एक ऐसा मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके में चर्चाओं का बाजार गर्म कर दिया। मायके आई एक नवविवाहिता के कमरे में उसकी शादी कराने वाले अगुवा के मौजूद होने की सूचना पर पति अचानक ससुराल पहुंच गया। उसने कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया और शोर मचाकर ग्रामीणों को बुला लिया। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पहुंची डायल-112 पुलिस दोनों को थाने ले गई, जहां देर रात तक पूछताछ और पंचायत का दौर चलता रहा।
जानकारी के अनुसार, बरदह थाना क्षेत्र की 27 वर्षीय युवती का विवाह 11 जून को जौनपुर जिले के बक्सा थाना क्षेत्र में हुआ था। शादी के बाद वह 1 जुलाई को अपने मायके आई थी। बताया जा रहा है कि जौनपुर निवासी देवी प्रसाद राम, जो झाड़-फूंक के साथ सब्जी बेचने का काम करता है, दोनों परिवारों का पुराना परिचित है और उसी ने दोनों परिवारों के बीच विवाह तय कराने में अहम भूमिका निभाई थी।
परिजनों के मुताबिक, विवाह के कुछ समय बाद ही देवी प्रसाद अपनी सब्जी की दुकान बंद कर अचानक गायब हो गया था। इसी बीच नवविवाहिता के पति को सूचना मिली कि वह पिछले तीन दिनों से उसकी पत्नी के मायके में रह रहा है। सूचना मिलने पर पति चुपचाप ससुराल पहुंचा और स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाने के बाद देर रात कमरे का दरवाजा बाहर से बंद कर दिया।
उस समय भीषण गर्मी के कारण युवती के माता-पिता घर के बाहर सो रहे थे। पति के शोर मचाने पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए, जिससे माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलने पर डायल-112 पुलिस पहुंची और दोनों को बरदह थाने ले गई। बाद में दोनों पक्षों के परिजनों को भी बुलाया गया, जहां देर रात तक बातचीत और पंचायत चलती रही।
बरदह थाना पुलिस का कहना है कि अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत नहीं दी गई है। पुलिस पूरे मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के बरदह थाना क्षेत्र के कोदहरा गांव में मिट्टी खनन के दौरान कथित रूप से सोने की एक हसुली मिलने के बाद हिस्सेदारी को लेकर विवाद खड़ा हो गया। मामला तब सामने आया जब हसुली मिलने की जानकारी अन्य लोगों तक पहुंची और हिस्से को लेकर असहमति बढ़ गई। शिकायत के बाद पुलिस ने एक सुनार समेत पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में हसुली का एक हिस्सा बरामद किए जाने की भी चर्चा है, हालांकि पुलिस ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मिली जानकारी के अनुसार करीब पांच दिन पहले कोदहरा गांव के सिवान में मिट्टी खनन का कार्य चल रहा था। इसी दौरान जमीन से गले में पहनी जाने वाली एक हसुली मिलने की बात सामने आई। स्थानीय स्तर पर जांच कराने पर इसके सोने का होने की चर्चा हुई। इसके बाद ट्रैक्टर चलाना सीख रहे अमित बिंद पुत्र आत्मा बिंद निवासी बरौना पट्टी तथा ट्रैक्टर चालक लालचंद गौतम निवासी कोदहरा ने कथित रूप से हसुली को अपने कब्जे में लेकर आपस में बांट लेने का निर्णय लिया। बताया जा रहा है कि लालचंद ने हसुली का एक छोटा टुकड़ा बरौना के सुनार संजय सोनी को बेच दिया, जिसके बदले उसे 14 हजार रुपये मिले। वहीं अमित के पिता आत्मा बिंद ने अपने हिस्से को कथित रूप से अपने भाई मिठाई बिंद निवासी सरायख्वाजा (जौनपुर) के पास सुरक्षित रखने के लिए भेज दिया। वहीं मामले का खुलासा तब हुआ जब एक अन्य ट्रैक्टर चालक मखनचू को इसकी जानकारी मिली। उसने खेत मालिक बबलू खान को पूरी घटना बताई। इसके बाद बबलू खान और मखनचू ने बरदह थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत मिलते ही पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने लालचंद से हसुली का एक टुकड़ा बरामद करने का दावा किया है। साथ ही अमित, उसके पिता आत्मा बिंद, उसके भाई सूरज, सुनार संजय सोनी और लालचंद को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी गई है। वहीं एक पुलिस टीम जौनपुर के सरायख्वाजा क्षेत्र में मिठाई बिंद की तलाश में भेजी गई है। स्थानीय लोगों के अनुसार बरामद हसुली की कीमत मौजूदा बाजार दर के हिसाब से करीब 40 से 45 लाख रुपये तक हो सकती है। हालांकि पुलिस ने इसकी वास्तविक कीमत, शुद्धता और ऐतिहासिक महत्व को लेकर अभी कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। वहीं पुलिस का कहना है कि बरामद वस्तु की सत्यता की जांच कराई जा रही है। साथ ही उसके स्वामित्व और कानूनी स्थिति को लेकर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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