ATS की पूछताछ में अभियुक्त ने बताया कि उसकी प्रेमिका की शादी जौनपुर के एक व्यक्ति से तय हो गई थी। पहले दोनों पक्षों में पंचायत हुई थी, लेकिन बदले की भावना से उसने पंचायत में शामिल लोगों और प्रेमिका के मंगेतर के नाम से फर्जी ई-मेल आईडी बनाकर धमकी दी। यदि गिरफ्तारी नहीं होती तो अभियुक्त परिवहन निगम को भी धमकी भेजने वाला था।
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वर्तमान वित्तीय वर्ष 2025-26 में जिले को 2,500 युवाओं को लोन देने का लक्ष्य दिया गया था। इस लक्ष्य के सापेक्ष अब तक 7,315 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 6,253 आवेदनों को बैंक को फॉरवर्ड किया गया, और 3,219 युवाओं को स्वरोजगार लोन वितरित किया जा चुका है, जिसका रेश्यो 128.76 प्रतिशत है।
जिलाधिकारी ने बताया कि योजना का लाभ अधिक से अधिक युवाओं तक पहुँचाने के लिए ब्लॉक स्तर पर वर्कशाप आयोजित की जा रही हैं, जिसमें वरिष्ठ अधिकारी, बैंकर्स और आवेदक आमने-सामने काउंसलिंग करते हैं। इसी वजह से आजमगढ़ पिछले कई महीनों से लगातार दूसरे स्थान पर बना हुआ है।
इसके साथ ही जौनपुर प्रदेश में प्रथम और हरदोई तीसरे स्थान पर है। जिले के इस सकारात्मक प्रदर्शन से स्पष्ट है कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान न केवल युवाओं को स्वरोजगार के अवसर दे रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाने में भी मददगार साबित हो रही है।
इस उपलब्धि के लिए आज यूपी दिवस के अवसर पर लखनऊ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजमगढ़ जिलाधिकारी को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।
जौनपुर। जिले के शहर कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत मोहल्ला बलोच टोला में सोमवार रात उस समय सनसनी फैल गई, जब एक व्यक्ति ने घरेलू विवाद के दौरान अपनी पत्नी की चाकू मारकर हत्या कर दी। मृतका की पहचान सीमा अंसारी (50 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मोहम्मद रुस्तम के साथ पति-पत्नी के रूप में रह रही थी। इस घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका के बेटे जावेद की तहरीर पर कोतवाली पुलिस ने आरोपी मोहम्मद रुस्तम के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।
सीओ सिटी देवेश सिंह ने बताया कि मृतका सीमा अंसारी और आरोपी मोहम्मद रुस्तम लंबे समय से बलोच टोला मोहल्ले में साथ रह रहे थे। मोहम्मद रुस्तम पेशे से एक पेंटर है। उनके बीच अक्सर घरेलू विवाद होते रहते थे। सोमवार की रात भी किसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झगड़े में बदल गई। इसी दौरान गुस्से में आकर मोहम्मद रुस्तम ने घर में रखे चाकू से सीमा पर ताबड़तोड़ वार कर दिया।
घटना की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और लहूलुहान अवस्था में सीमा को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना पाकर सीमा का बेटा जावेद कोतवाली थाने पहुंचा और पूरी घटना की जानकारी पुलिस को दी। जावेद की तहरीर पर पुलिस ने तत्काल हत्या की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
घटना की जानकारी मिलते ही शहर कोतवाल मिथिलेश कुमार मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसके साथ ही शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए और हत्या की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है।
सीओ सिटी देवेश सिंह ने बताया कि आरोपी मोहम्मद रुस्तम की गिरफ्तारी के लिए पुलिस द्वारा संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रथम दृष्टया यह मामला पति-पत्नी के बीच घरेलू विवाद का प्रतीत होता है, लेकिन जांच में तथ्य पूरी तरह से स्पष्ट हो सकेंगे। फिलहाल, मोहम्मद रुस्तम फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार प्रयासरत है।
चर्चा है कि सीमा और रुस्तम कानूनी रूप से पति-पत्नी नहीं थे, लेकिन लंबे समय से साथ रह रहे थे। मोहल्ले में भी दोनों को पति-पत्नी के रूप में ही जाना जाता था। पुलिस भी इस पहलू की जांच कर रही है कि दोनों के संबंध वैवाहिक थे या लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे थे।
इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद मोहल्ले में सन्नाटा पसरा हुआ है। लोगों में गम और आक्रोश का माहौल है। वहीं, सीमा की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा और पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है ।
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जौनपुर। जौनपुर से चुनाव लड़ रहीं पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला का टिकट बसपा ने काटा या फिर वापस किया गया? इसे लेकर धनंजय और बसपा के बीच वार-पलटवार शुरू हो गया है। धनंजय सिंह ने दावा किया कि उन्होंने टिकट नहीं लौटाया। जबकि बसपा के कोआर्डिनेटर घनश्याम खरवार ने साफ कहा कि धनंजय ने फोन करके श्रीकला के चुनाव नहीं लड़ पाने की बात कही। इसके बाद तो खरवार पर धनंजय सिंह बुरी तरह हमलावर हो गए। अब खरवार ने पलटवार करते हुए यहां तक कहा कि धनंजय सिंह के दबाव में आने की बातें हम लोगों को पहले ही पता चल चुकी थी। धनंजय और श्रीकला ने बच्चों के सिर पर हाथ रखकर किसी के दबाव में नहीं आने की कसम भी खाई। अभी तक बसपा नेता कम ही किसी मामले पर मीडिया के सामने आकर इस तरह से कोई बयान देते हैं। मीडिया की डिबेट से भी बसपा के नेता दूर रहते हैं। लेकिन इस बार धनंजय को मुंहतोड़ जवाब दिया जा रहा है।
बसपा कोआर्डिनेटर और पूर्व सांसद घनश्याम चंद खरवार ने कहा कि धनंजय सिंह ने किसी के दबाव में टिकट वापस किया है। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा कि धनंजय सिंह से वह रविवार की रात मिले थे। उनके केंद्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया गया। इस दौरान उन्होंने धनंजय सिंह से पूछा कि कहीं कोई शंका तो नहीं है तो धनंजय सिंह और उनकी पत्नी ने अपने बच्चों के सिर पर हाथ रखकर कसम खाई की श्रीकला ही लड़ेंगी।
खरवार ने कहा कि इसके कुछ देर बाद ही रात 11 बजे के करीब फोन कर धनंजय ने कहा कि उनकी पत्नी श्रीकला चुनाव नहीं लड़ पाएंगी और आप लोग कोई दूसरा प्रत्याशी तलाश लीजिए। इसके बाद ही बसपा ने रात में प्रत्याशी की तलाश की और अपने पूर्व सांसद श्याम सिंह यादव को प्रत्याशी बनाने के लिए तैयार किया गया। उन्होंने अपनी बात को दोहराते हुए कहा कि बसपा ने श्रीकला का टिकट नहीं काटा।
इससे पहले श्रीकला के चुनाव नहीं लड़ने की खबरें सोमवार की सुबह से मीडिया पर चलने लगी और बसपा का बयान भी आ गया तो धनंजय नामांकन का टाइम खत्म होने के बाद सामने आए। धनंजय ने दावा किया कि किसी के दवाव में नहीं हैं। उन्होंने टिकट नहीं वापस किया है। वह किसी के सामने झुकने वाले नहीं हैं। यह भी कहा कि पहले भी बसपा सरकार में मायावती मुख्यमंत्री थीं तो वर्ष 2003 में उन पर मुकदमे दर्ज कर जेल भेजा गया। तब भी उन्होंने जौनपुर में बड़ी रैली कर कहा था कि वह न तो झुके हैं न झुकेंगे। तब भी माफी मांगने की अफवाह उड़ाई गई थी।
कहा कि न कभी माफी मांगी थी न मांगेंगे। श्रीकला के निर्दल भी नहीं लड़ने को लेकर कहा कि उसके लिए दस प्रस्तावक की जरूरत होती है। समय कम होने से उसका इंतजाम नहीं हो पाता। हालांकि उन्होंने यह दावा किया कि जौनपुर में उनके चार लाख तक समर्थक हैं। ऐसे में दस प्रस्तावक जुटाना भी बड़ी बात नहीं थी। धनंजय ने यह भी दावा किया कि जिसे चाहेंगे वही सांसद बनेगा। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि धनंजय सिंह किसे चाहते हैं।
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जौनपुर। जिले के सरायख्वाजा थाना क्षेत्र के कयार गांव में मंगलवार को बारजे के विवाद में गोली चलने पर एक की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। पुलिस ने पूरे प्रकरण में मुकदमा दर्ज कर मुख्य आरोपी समेत चार आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। एससपी डॉ. अजयपाल शर्मा ने मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की।

कयार गांव निवासी एजाज अहमद उर्फ बिफ्फन (62) अपने घर का निर्माण करवा रहा था। उसके घर का बारजा पड़ोसी मोहम्मद अरमान के घर से छू रहा था। इस बात को लेकर सोमवार को अरमान व उसके परिजनों ने आपत्ति जताई, तो मौके पर मौजूद एजाज के पुत्र अब्दुल रहीम ने विरोध किया। इस पर उन लोगों ने अब्दुल की पिटाई कर दी।
जब घर से एजाज व अन्य सदस्य निकले तब अरमान व अन्य लोग अपने घर भाग गए। इसके बाद घर के अंदर से ईंट-पत्थर चलाने लगे। इसमें एजाज, उसकी पत्नी, पुत्र रहीम घायल हो गया। इसे लेकर एजाज ने अरमान पक्ष पर सरायख्वाजा में मुकदमा दर्ज कराया।
पत्थरबाजी में अरमान के घर के सदस्य याकूब के पैर में भी चोट आई थी। इसी बात को लेकर अरमान व उसके भाई मोहम्मद रहमान मंगलवार की सुबह एजाज के घर पहुंच गए। पहले तो दोनों ने लाठी- डंडे से वार किया, जब देखा कि घर से अन्य सदस्य आ गए तो दोनों ने असलहा निकालकर दो गोलियां चलाई। इस दौरान एक गोली एजाज के पेट में लग गई, जबकि दूसरी फायरिंग में पुत्र अब्दुल रहीम व उसकी पुत्री सादिया घायल हो गई।
घर के अन्य सदस्य घायलों उपचार के लिए जिला चिकित्सालय ले गए। जहां उपचार के दौरान एजाज की मौत हो गई, जबकि दो अन्य का उपचार चल रहा है। घटना में पुलिस ने एजाज के भाई असलम की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया। इसके बाद मुख्य आरोपी अरमान, उसके भाई रहमान, मां, बहन को गिरफ्तार कर लिया गया।
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