सोशल मीडिया अकाउंट ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने लिखा- ‘कुंदरकी में जिन लोगों को सरेआम वोट डालने से रोका गया या जिनके वोट किसी और ने डाल दिए, वो सब लोग अपनी व्यथा बताने के लिए लखनऊ आ रहे थे, क्योंकि वहां स्थानीय स्तर पर कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। इससे भाजपा के चुनावी घपले का भंडाफोड़ हो जाता, इसलिए बीच रास्ते में उनको सीतापुर में यूपी पुलिस ने रोक लिया।
अखिलेश ने आगे लिखा-‘ हम महामना राष्ट्रपति महोदय, माननीय सर्वोच्च न्यायालय, चुनाव आयोग, मानवाधिकार आयोग, माननीय राज्यपाल व देश के सभी समाचार पत्रों और न्यूज चैनलों से आग्रह करते हैं कि इस मामले का तुंरत संज्ञान लें और ये सुनिश्चित करें कि अपने वोट के अधिकार के लिए जो आवाज उठाना चाहते हैं, उनके साथ उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार कोई अन्याय या अत्याचार न कर सके।
11 मुस्लिम उम्मीदवारों में अकेले हिन्दू उम्मीदवार की जीत
कुंदरकी सीट पर कुल 12 उम्मीदवारों में से अकेले भाजपा रामवीर सिंह हिन्दू उम्मीदवार थे। अन्य सभी उम्मीदवाद मुस्लिम समाज थे। रामवीर सिंह ने सपा के मोहम्मद रिजवान को 144791 वोटों से हराया है। रामवीर को 170371 वोट मिले हैं जबकि रिजवान को 25580 वोट। रामवीर सिंह और मोहम्मद रिजवान के अलावा इस सीट पर आजाद समाज पार्टी से चांद बाबू, एआईएमआईएम से मोहम्मद वारिश, बीएसपी से रफतुल्ला, सम्राट मिहिर भोज समाज पार्टी से सजैव और निर्दलीय रिजवान हुसैन, रिजवान अली, शोकीन, मोहम्मद उवैश, मसरूर, मोहम्मद उबैश खड़े थे। भाजपा के ठाकुर रामवीर सिंह ने सभी को हराकर यहां जीत हासिल की।
]]>यूपी बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने भी बीजेपी को मुस्लिमों का वोट मिलने का दावा किया। उन्होंने एक्स पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि ‘हिंदू मुस्लिम मिल गया, कुंदरकी में कमल खिल गया’. जिसकी वजह से रामवीर सिंह की जीत हुई हैं। इसके साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यक मतदाताओं को उनकी मेहनत के लिए धन्यवाद और शुभकामनाएं दीं हैं।
65 प्रतिशत मुस्लिम आबादी
कुंदरकी सीट पर 31 साल से बीजेपी चुनाव जीत नहीं पाई थी। 65 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं के होने की वजह से इस सीट पर कभी सपा तो कभी बसपा चुनाव जीतती रही है। लेकिन अब बीजेपी ने इस सूखे को खत्म कर दिया है।
रामवीर पर भाजपा ने चौथी बार लगाया था दांव
कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने रामवीर सिंह पर चौथी बार दांव लगाया था। भाजपा ने उन्हें कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार प्रत्याशी बनाया था। एक बार देहात विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, तीनों बार वह विधानसभा पहुंचने में नाकामयाब रहे हैं। अब उनपर 31 साल से चला आ रहा भाजपा की हार का सूखा समाप्त करने की चुनौती थी।
]]>यूपी बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने भी बीजेपी को मुस्लिमों का वोट मिलने का दावा किया। उन्होंने एक्स पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि ‘हिंदू मुस्लिम मिल गया, कुंदरकी में कमल खिल गया’. जिसकी वजह से रामवीर सिंह की जीत हुई हैं। इसके साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यक मतदाताओं को उनकी मेहनत के लिए धन्यवाद और शुभकामनाएं दीं हैं।
65 प्रतिशत मुस्लिम आबादी
कुंदरकी सीट पर 31 साल से बीजेपी चुनाव जीत नहीं पाई थी। 65 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं के होने की वजह से इस सीट पर कभी सपा तो कभी बसपा चुनाव जीतती रही है। लेकिन अब बीजेपी ने इस सूखे को खत्म कर दिया है।
रामवीर पर भाजपा ने चौथी बार लगाया था दांव
कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने रामवीर सिंह पर चौथी बार दांव लगाया था। भाजपा ने उन्हें कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार प्रत्याशी बनाया था। एक बार देहात विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, तीनों बार वह विधानसभा पहुंचने में नाकामयाब रहे हैं। अब उनपर 31 साल से चला आ रहा भाजपा की हार का सूखा समाप्त करने की चुनौती थी।
]]>कुंदरकी सीट पर शुरुआत में तो समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार हाजी रिजवान ने आगे निकलते दिखाई दिए थे लेकिन, तीसरे राउंड के बाद बीजेपी प्रत्याशी रामवीर सिंह ने बढ़त बनाना शुरू कर दिया। इसके बाद तो हर राउंड के साथ वो अपने बढ़त को और बढ़ाते गए और सपा को इतना पीछे छोड़ दिया कि सपा की जीत को असंभव कर दिया और बड़े मार्जिन से सपा के हाजी रिजवान को हरा दिया।
कुंदरकी सीट मुस्लिम बहुल सीट मानी जाती है। इस सीट पर लंबे समय से समाजवादी पार्टी का कब्जा रहा है। लेकिन इस बार यहां एकतरफा बीजेपी की लहर दिखाई दी। बीजेपी इस सीट पर एक लाख से ज्यादा के अंतर से चुनाव जीत गई। इस सीट पर सपा और बीजेपी के बीच जिस तरह का मुकाबला देखने को मिला उसके बाद ये माना जा रहा कि इस बार मुस्लिम वोटरों ने भी बीजेपी को खुलकर समर्थन किया।
‘हिंदू मुस्लिम मिल गया, कुंदरकी में कमल खिल गया’
यूपी बीजेपी अल्पसंख्यक मोर्चा के अध्यक्ष कुंवर बासित अली ने भी बीजेपी को मुस्लिमों का वोट मिलने का दावा किया। उन्होंने एक्स पर प्रतिक्रिया दी और कहा कि ‘हिंदू मुस्लिम मिल गया, कुंदरकी में कमल खिल गया’. जिसकी वजह से रामवीर सिंह की जीत हुई हैं। इसके साथ ही उन्होंने अल्पसंख्यक मतदाताओं को उनकी मेहनत के लिए धन्यवाद और शुभकामनाएं दीं हैं।
65 प्रतिशत मुस्लिम आबादी
कुंदरकी सीट पर 31 साल से बीजेपी चुनाव जीत नहीं पाई थी। 65 प्रतिशत मुस्लिम मतदाताओं के होने की वजह से इस सीट पर कभी सपा तो कभी बसपा चुनाव जीतती रही है। लेकिन अब बीजेपी ने इस सूखे को खत्म कर दिया है।
रामवीर पर भाजपा ने चौथी बार लगाया था दांव
कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने रामवीर सिंह पर चौथी बार दांव लगाया था। भाजपा ने उन्हें कुंदरकी विधानसभा क्षेत्र से तीसरी बार प्रत्याशी बनाया था। एक बार देहात विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ चुके हैं। हालांकि, तीनों बार वह विधानसभा पहुंचने में नाकामयाब रहे हैं। अब उनपर 31 साल से चला आ रहा भाजपा की हार का सूखा समाप्त करने की चुनौती थी।
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