रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सठियांव स्थित आर्य नंदिनी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। परिजनों ने नर्सिंग होम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बलिया-लखनऊ मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर किसी तरह जाम समाप्त कराया। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिना सूचना दूसरे अस्पताल रेफर करने का आरोप
मृतका की पहचान रामदुलारी के रूप में हुई है। वह मऊ जिले के घोसी क्षेत्र की रहने वाली थीं। मृतका के पति जयहिंद और अन्य परिजनों का आरोप है कि रामदुलारी को हार्निया की शिकायत के बाद सठियांव स्थित आर नंदिनी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहां डॉ. गुलाब चौहान की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। परिजनों का कहना है कि महिला की हालत बिगड़ने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें समय रहते कोई जानकारी नहीं दी। आरोप है कि गंभीर स्थिति होने पर बिना परिजनों को सूचित किए महिला को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जब परिवार को इसकी जानकारी मिली और वे पहुंचे, तब तक रास्ते में ही महिला की मौत हो चुकी थी। महिला की मौत के बाद लोगों फूटा गुस्सा, सड़क पर लगाया जाम घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने आर्य नंदिनी नर्सिंग होम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बलिया-लखनऊ मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
जाम की सूचना मिलते ही मुबारकपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया, जिसके बाद सड़क पर यातायात बहाल कराया गया।तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज, जांच शुरू
क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
वहीं घटना के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और निजी अस्पतालों की नियमित जांच कराने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र के बढ़या गांव निवासी एक 35 वर्षीय युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। बाजार के समीप उसका शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की है। मिली जानकारी के अनुसार बढ़या गांव निवासी दिनेश उर्फ रिंशु (35) पुत्र कोमल रविवार को घर से बाजार में सामान खरीदने के लिए निकले थे। काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की। इसी दौरान बाजार के समीप उनका शव पड़े होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं मृतक अपने पीछे पत्नी सरिता, 12 वर्षीय पुत्र मंगेश, सात वर्षीय पुत्री खुशी तथा पांच वर्षीय पुत्र अंकुश को छोड़ गए हैं। पति की अचानक मौत से पत्नी सरिता का रो-रोकर बुरा हाल है। उन्होंने बताया कि दिनेश रविवार को घर पर खाना खाने के बाद सामान लेने के लिए बाजार गए थे, लेकिन कुछ देर बाद उनके निधन की सूचना मिली। वहीं इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और मौत के कारणों की जांच में जुटी हुई है। वहीं इस पूरे मामले में थाना प्रभारी देवेंद्र नाथ दुबे ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है।
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रिपोर्ट____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले में बिना पंजीकरण संचालित हो रहे कोचिंग संस्थानों और फाउंडेशन क्लासेज पर अब माध्यमिक शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपना लिया है। जिला विद्यालय निरीक्षक (डीआईओएस) अजय कुमार ने आदेश जारी करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना पंजीकरण संचालित सभी कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। साथ ही जल्द ही जिलेभर में विशेष जांच अभियान चलाकर ऐसे संस्थानों की जांच की जाएगी।
डीआईओएस ने कहा कि अब बिना पंजीकरण कोई भी कोचिंग संस्थान या फाउंडेशन क्लासेज संचालित नहीं किए जा सकेंगे। यदि कोई संस्थान निर्धारित मानकों को पूरा किए बिना अथवा बिना रजिस्ट्रेशन के संचालित मिलता है तो उसके संचालकों के खिलाफ उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम-2002 तथा संशोधित उत्तर प्रदेश कोचिंग विनियमन अधिनियम-2024 के तहत कठोर कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने बताया कि नियमों के उल्लंघन की स्थिति में संबंधित संचालकों पर अधिकतम एक लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। इसके अलावा आवश्यकतानुसार अन्य वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।
डीआईओएस अजय कुमार ने पहले से पंजीकृत कोचिंग संस्थानों को भी सभी सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि संस्थानों में अग्निशमन यंत्र पूरी तरह क्रियाशील हों तथा अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं भी दुरुस्त रखी जाएं। निरीक्षण के दौरान किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। माध्यमिक शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य जिले में कोचिंग संस्थानों को नियमानुसार संचालित कराना, छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करना और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता बनाए रखना है।
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रिपोर्ट____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के महराजगंज क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने शिक्षा विभाग, विद्यालय प्रशासन और ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीते कुछ दिनों में अलग-अलग विद्यालयों को चोरों ने निशाना बनाया है, जिससे सरकारी विद्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, प्राथमिक विद्यालय नेवादा-I में 28 जून 2026 की रात अज्ञात चोर विद्यालय की चहारदीवारी फांदकर परिसर में घुस गए। चोरों ने भंडार गृह का कुंडा काटकर आंगनबाड़ी किट, टीएलएम किट और वाटवाटिका किट चोरी कर ली। विद्यालय के प्रधानाध्यापक संजय कुमार ने बताया कि इससे पहले 15 जून 2026 की रात भी इसी विद्यालय में चोरी हुई थी, जिसकी एफआईआर दर्ज कराई गई थी। लगातार दूसरी बार एक ही विद्यालय को निशाना बनाए जाने से शिक्षकों और ग्रामीणों में नाराजगी है। वहीं प्राथमिक विद्यालय कुम्हवट में भी 28 जून की रात रसोईघर का ताला तोड़कर चोर दो गैस सिलेंडर, एक बोरी गेहूं, एक बोरी चावल और दो बड़े भगौने उठा ले गए। विद्यालय प्रशासन ने मामले में पुलिस से जल्द कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा प्राथमिक विद्यालय चौरासी में भी ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान चोरी की घटना सामने आई थी। चोरों ने रसोईघर का ताला तोड़कर बड़े बर्तन, मिड-डे मील (एमडीएम) सामग्री, आंगनबाड़ी के बर्तन, समरसेबल पाइप सहित अन्य सामान चोरी कर लिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी थी। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से विद्यालय परिसरों में रखी शैक्षिक सामग्री, विभागीय अभिलेख और अन्य आवश्यक संसाधनों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। शिक्षकों का कहना है कि यदि चोरी की घटनाओं पर जल्द अंकुश नहीं लगाया गया तो विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। वहीं इस संबंध में कप्तानगंज थाना प्रभारी जब प्रकाश ने बताया कि नेवादा विद्यालय में लगातार हुई चोरी की घटनाओं को गंभीरता से लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना में शामिल लोगों की पहचान कर जल्द कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। उधर, शिक्षकों और ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यालय परिसरों की सुरक्षा मजबूत करने, रात्रि गश्त बढ़ाने तथा चोरी की घटनाओं का शीघ्र खुलासा करने की मांग की है।
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रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के हरईराम गांव में रात को एक दर्दनाक हादसे में वृद्ध महिला की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि छत पर सो रही महिला तेज हवा चलने पर नीचे उतरने लगी, तभी पैर फिसल जाने से वह छत से नीचे गिर गईं। मिली जानकारी के अनुसार, हरईराम गांव निवासी सोनी (64) पत्नी लालता बीती रात को घर की छत पर सो रही थीं। रात करीब दो बजे अचानक तेज हवा चलने लगी। मौसम खराब होते देख वह नीचे जाने के लिए उठीं, लेकिन अंधेरे में संतुलन बिगड़ने से उनका पैर फिसल गया और वह छत से नीचे जा गिरीं। वहीं इस हादसे के बाद परिजनों में चीख-पुकार मच गई। आनन-फानन में उन्हें उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहीं घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गंभीरपुर थाना प्रभारी अमित कुमार त्रिपाठी ने बताया कि छत से गिरने के कारण महिला की मौत हुई है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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