दूसरा मामला थाना कप्तानगंज से जुड़ा है, जहां रविवार को नाबालिग बालिका के साथ डरा-धमकाकर दुष्कर्म किए जाने के संबंध में मुकदमा दर्ज किया गया था। इस प्रकरण में धारा 64(1), 351(3) बीएनएस व 4(2) पाक्सो एक्ट के तहत वांछित अभियुक्त जालन्धर उर्फ जलान्धर (51 वर्ष), पुत्र बुद्धू, निवासी ग्राम खारीडिहा, थाना कप्तानगंज को थानाध्यक्ष जय प्रकाश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सोमवार को सन्तुगंज बाग, खारीडिहा से गिरफ्तार किया।
दोनों अभियुक्तों का चिकित्सीय परीक्षण कराने के बाद उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष पेश कर जेल भेज दिया गया है।
दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 125 के तहत आदेशित ये भुगतान अदालत के बार-बार के निर्देशों और वसूली वारंट जारी होने के बावजूद वर्षों से अटके हुए थे। महिला हेल्प डेस्क और एक टास्क फोर्स से एक विशेष पुलिस दल का गठन किया गया था ताकि बकाएदारों का पता लगाया जा सके, अनुपालन के लिए दबाव बनाया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि बकाया राशि सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने कहा कि समन्वित प्रयासों और निरंतर अनुनय-विनय के माध्यम से हम अब तक 32 मामलों में लगभग 30 लाख रुपये की बकाया राशि का भुगतान करने में सफल रहे हैं। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। वसूली के बाद, अदालतों ने सभी 32 लंबित वारंट रद्द कर दिए और पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई।
इस अभियान की निगरानी के लिए विशेष टीमों की निगरानी और वसूली प्रक्रिया का मार्गदर्शन करने के लिए एक जिला-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। अदालती निर्देश के तहत पुलिस बल ने एक महिला को भरण-पोषण के दावे को पूरा करने के लिए चार बिस्वा जमीन हस्तांतरित करने में मदद की।
अधिकारियों ने कहा कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद कई पतियों ने आगे की कार्रवाई से बचने के लिए बकाया राशि जमा कर दी है। इस अभियान का उद्देश्य कई महिलाओं को बार-बार होने वाली कठिनाइयों, जबरन अदालती चक्कर लगाने और कानूनी रूप से दी जाने वाली सहायता प्राप्त करने में होने वाली देरी को समाप्त करना है।
]]>आज़मगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण एवं नोडल अधिकारी मिशन शक्ति श्री चिराग जैन तथा क्षेत्राधिकारी सदर एवं पर्यवेक्षण अधिकारी श्रीमती आस्था जायसवाल के नेतृत्व में परिवार परामर्श प्रकोष्ठ/नई किरण प्रोजेक्ट की बैठक आयोजित की गई।
बैठक में आवेदिका उर्मिला पत्नी कैलाश, निवासी ग्राम उमरी कला, थाना गम्भीरपुर द्वारा दिये गए शिकायती प्रार्थना पत्र पर कार्रवाई की गई। आवेदिका की पुत्री रेखा ने अपने पति दिलीप सरोज पुत्र श्रीराम, निवासी पुरन्दरपुर, थाना सरायमीर के विरुद्ध शराब पीकर गाली-गलौज करने, मारपीट करने और भरण-पोषण न देने की शिकायत दर्ज कराई थी। दोनों पक्षों को फोन और नोटिस द्वारा मीडिएशन हेतु बुलाया गया। बैठक में पति-पत्नी दोनों की एक साथ और पृथक-पृथक काउंसलिंग की गई, जिसमें पति ने स्वीकार किया कि छोटी-छोटी बातों को लेकर मतभेद हो जाते हैं, लेकिन वह अपनी सामर्थ्य के अनुसार खर्च करता है, जबकि पत्नी ने अपनी भावनाओं और अपेक्षाओं को स्पष्ट रूप से व्यक्त किया।
परिवार परामर्श प्रकोष्ठ की टीम ने अथक प्रयासों के माध्यम से दोनों पक्षों के बीच समझौता कराया और आवेदिका को सकुशल विदाई दी गई। नई किरण प्रोजेक्ट के तहत बिखरे हुए परिवारों को पुनः एक सूत्र में जोड़ने का कार्य निरंतर जारी है। यह पहल न केवल सामाजिक सौहार्द स्थापित करने में सहायक है, बल्कि पारिवारिक न्यायालयों के कार्यभार को भी कम करती है।
पुलिस ने एक समझौते रेखा पत्नी दिलीप, निवासी पुरन्दरपुर, थाना सरायमीर, जनपद आजमगढ़ का कराया। मिशन शक्ति 5.0 अभियान के अंतर्गत यह प्रयास जनपद आजमगढ़ पुलिस द्वारा समाज में पारिवारिक सौहार्द और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सार्थक कदम है।
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