रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। नगर पालिका परिषद की बोर्ड बैठक एक बार फिर अधिशासी अधिकारी (ईओ) की अनुपस्थिति के कारण नहीं हो सकी। लगातार दूसरी बार ईओ प्रशांत कुमार के बैठक में उपस्थित न होने से सभासदों में नाराजगी देखने को मिली। सभासदों ने नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए वित्तीय अनियमितता की आशंका भी जताई। सभासदों का आरोप है कि पिछले चार बोर्ड बैठकों से एक ही एजेंडा बार-बार रखा जा रहा है, जिसमें पूर्व में किए जा चुके कार्यों को दोबारा शामिल किया जा रहा है। उनका कहना है कि इस प्रकार की प्रक्रिया वित्तीय अनियमितता के दायरे में आती है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। बैठक में मौजूद सभासदों ने इस व्यवस्था का विरोध करते हुए कहा कि नगर पालिका की कार्यप्रणाली पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है। उनका आरोप है कि जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र से संबंधित फाइलों का समय पर निस्तारण नहीं हो रहा है। इसके साथ ही सफाई व्यवस्था और प्रकाश व्यवस्था भी बदहाल है, जिससे नगरवासियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।सभासदों ने मांग की कि बोर्ड बैठकों का नियमित संचालन सुनिश्चित किया जाए, लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण हो तथा नगर पालिका की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही तय की जाए। उनका कहना है कि यदि जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाए गए तो व्यापक आंदोलन पर भी विचार किया जाएगा।
]]>अतरौलिया/आजमगढ़। नगर पंचायत अतरौलिया के वार्ड नंबर एक, अंबेडकर नगर (बुधनीया रोड) में अव्यवस्थित नाली निर्माण आमजन के लिए गंभीर समस्या बन गया है। सोमवार को इससे परेशान स्थानीय लोगों का सब्र टूट गया और वे सड़क पर उतर आए। नागरिकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए नगर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल समाधान की मांग की।
प्रदर्शन में व्यापार मंडल अध्यक्ष हिमांशु विनायकर सहित जगमोहन सोनी, सुनील गौतम, राहुल मिश्रा, आनंद जायसवाल, श्याम जी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पंचायत द्वारा कराए गए नाली निर्माण में गंभीर तकनीकी खामियां हैं। न नाली की ऊंचाई का सही आकलन किया गया और न ही ढलान का ध्यान रखा गया, जिससे समस्या पहले से अधिक गंभीर हो गई है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार हाल ही में बनी नाली सड़क की सतह से लगभग ढाई फीट ऊंची है। ढलान सही न होने के कारण घरों और सड़क का पानी नाली में जाने के बजाय सड़क पर फैल रहा है। पूरे इलाके का गंदा और बदबूदार पानी इसी रास्ते से बह रहा है, जिससे राहगीरों, व्यापारियों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पहले जलजमाव की समस्या केवल बरसात तक सीमित रहती थी, लेकिन अब नाली का गंदा पानी दिन-रात सड़क पर बह रहा है। इससे दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार नगर पंचायत को अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि वे न तो नगर में दिखाई देते हैं और न ही जनता की समस्याएं सुनते हैं।
इस मामले में अधिशासी अधिकारी ने बताया कि वे तकनीकी नहीं, प्रशासनिक अधिकारी हैं और समस्या की जानकारी मिलने पर संबंधित जेई से आख्या मंगवाई जाएगी। वहीं, जनता ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे तहसील मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन करेंगे।