रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। दिव्यांगजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान और सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से गुरुवार को आजमगढ़ के सर्किट हाउस सभागार में राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन, उत्तर प्रदेश प्रोफेसर हिमांशु शेखर झा की अध्यक्षता में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन अपनी विभिन्न समस्याओं और शिकायतों को लेकर पहुंचे। राज्य आयुक्त प्रोफेसर हिमांशु शेखर झा ने एक-एक फरियादी की शिकायत गंभीरता से सुनी और संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान दिव्यांग पेंशन, यूडीआईडी (UDID) कार्ड, सहायक उपकरण उपलब्ध कराने, प्रमाणपत्र तथा अन्य कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कई मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
जिन शिकायतों के समाधान के लिए विस्तृत जांच की आवश्यकता थी, उनके संबंध में संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। राज्य आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि सरकार दिव्यांगजनों के अधिकारों की रक्षा और उनके सशक्तिकरण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि मोबाइल कोर्ट का उद्देश्य दिव्यांगजनों को न्याय और सरकारी सुविधाएं उनके नजदीक उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
वहीं इस कार्यक्रम के दौरान जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे और शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई। मोबाइल कोर्ट के आयोजन से दिव्यांगजनों ने राहत महसूस की और इसे सरकार की जनहितकारी पहल बताया।
]]>खास बात यह रही कि जनपद स्तर के साथ-साथ आजमगढ़ के सभी 23 थानों ने भी अपनी-अपनी श्रेणी में पहला स्थान हासिल किया। जनपद और थानों की यह रैंकिंग फरियादियों की शिकायतों के निस्तारण और उनके द्वारा दिए गए फीडबैक के आधार पर उत्तर प्रदेश शासन स्तर से निर्धारित की जाती है।
]]>आजमगढ़। आज़मगढ़ पुलिस ने जन शिकायतों के निस्तारण में एक बार फिर प्रदेश स्तर पर अपनी कार्यकुशलता का लोहा मनवाया है। आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के आधार पर दिसंबर माह की रैंकिंग में आजमगढ़ पुलिस को उत्तर प्रदेश में प्रथम स्थान मिला है।
आईजीआरएस पोर्टल पर दर्ज जन शिकायतों के समुचित, समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण की शासन स्तर पर नियमित समीक्षा की जाती है। इसी समीक्षा के आधार पर प्रत्येक माह जनपदों और थानों की रैंकिंग तय की जाती है।
माह दिसंबर 2025 में आजमगढ़ पुलिस द्वारा प्राप्त शिकायती प्रार्थना पत्रों का निर्धारित समय सीमा में प्रभावी निस्तारण करते हुए यथोचित कार्यवाही की गई और पोर्टल पर स्पष्ट आख्या फीड की गई। इसके फलस्वरूप निर्धारित मानकों के आधार पर जारी प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में जनपद आजमगढ़ पुलिस को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है।
जनपद के सभी 23 थानों ने भी जन शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के आधार पर रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल किया है।
पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आजमगढ़ पुलिस द्वारा यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की गई है।
आजमगढ़ पुलिस की इस उपलब्धि पर उच्चाधिकारीगण द्वारा पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना भी की गई है।
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जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार 19 से 25 दिसंबर तक पूरे प्रदेश में सुशासन सप्ताह मनाया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य यह है कि सभी अधिकारी गांवों में जाकर कैंप लगाएं और जनता की शिकायतों का प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि सुशासन सप्ताह के अंतर्गत जो लोग पात्र होते हुए भी किसी कारणवश योजनाओं से वंचित रह गए हैं, उनके आवेदन भरवाकर उन्हें योजनाओं का लाभ दिया जा रहा है।
जिलाधिकारी ने कहा कि भारत सरकार और राज्य सरकार की मंशा है कि ब्लॉक और तहसील स्तर के अधिकारी गांवों में जाकर वास्तविक स्थिति को स्वयं देखें और शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता का आकलन करें, ताकि यह समझा जा सके कि निस्तारण का स्तर क्या है और उसमें सुधार की कहां आवश्यकता है।
कार्यक्रम के दौरान समाज के लिए उत्कृष्ट कार्य करने वाले जनपद के अधिकारियों, लेखपालों, सचिवों, पंचायत सहायकों, एएनएम, आशा कार्यकर्ताओं और ग्राम प्रधानों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी ने बताया कि आगामी 24 जनवरी को उत्तर प्रदेश दिवस के अवसर पर भी अच्छा कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया जाएगा। उन्होंने विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि सम्मान कार्यक्रमों में हर बार अलग-अलग व्यक्तियों को सम्मानित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक कर्मियों को बेहतर कार्य के लिए प्रेरणा मिल सके।
जिलाधिकारी ने यह भी निर्देश दिया कि जिन ग्रामों से आईजीआरएस पर सबसे अधिक शिकायतें या असंतोषजनक फीडबैक प्राप्त हुआ है, वहां विभागवार शिकायतों के अनुसार जिला स्तरीय अधिकारी विशेष कैंप आयोजित करें। इन कैंपों में लंबित शिकायतों और जिनका प्रभावी निस्तारण नहीं हुआ है, उनका समाधान किया जाए, साथ ही छूटे हुए पात्र लाभार्थियों के आवेदन भरवाकर उन्हें जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिया जाए। उन्होंने कहा कि तभी सुशासन सप्ताह का क्रियान्वयन सही मायनों में सफल माना जाएगा।
सम्मानित किए गए सभी व्यक्तियों को बधाई देते हुए जिलाधिकारी ने आशा जताई कि वे आगे भी पूरे उत्साह और ऊर्जा के साथ बेहतर कार्य करेंगे और अपने साथ अन्य लोगों को भी अच्छा कार्य करने के लिए प्रेरित करेंगे।
कार्यक्रम में राजस्व, स्वास्थ्य, शिक्षा और पंचायती राज विभाग सहित विभिन्न विभागों के उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन डीसी मनरेगा राम उदरेज यादव ने किया।
उन्होंने मौके पर ही 3 मामलों का निस्तारण कराया और 4 मामलों में टीम भेजकर तत्काल निस्तारण सुनिश्चित किया। शेष प्रार्थना पत्रों को निर्धारित समय में निस्तारित करने हेतु संबंधित विभागों को भेजा गया।
जन समस्याओं के निस्तारण की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए डॉ. द्विवेदी ने पिछले समाधान दिवसों में निस्तारित मामलों के लगभग सभी शिकायतकर्ताओं से टेलीफोन पर फीडबैक लिया। अधिकांश ने संतोष व्यक्त किया, जबकि एक शिकायतकर्ता ने असहमति जताई, लेकिन कोई तर्कसंगत कारण नहीं बताया।
एक मामले में शिकायतकर्ता को मौके पर बुलाकर लेखपाल को निर्देशित किया गया कि पूर्व के निर्देशों के अनुसार तुरंत मौके पर जाएँ और पैमाइश कर रिपोर्ट प्रस्तुत करें।
इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सगड़ी श्याम प्रताप सिंह, क्षेत्राधिकारी पुलिस अनिल कुमार वर्मा, तहसीलदार शिवप्रकाश सराज सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।