रिपोर्ट_______अरुण यादव
आजमगढ़, 1 अगस्त। शहर के हीरापट्टी मोहल्ले में वर्षों से जर्जर और जलभराव से बदहाल सड़क के निर्माण की मांग को लेकर शनिवार को भारत रक्षा दल के कार्यकर्ताओं ने अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने पानी से भरे गड्ढों में पौधे रोपकर नगरपालिका प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
प्रदर्शन का नेतृत्व भारत रक्षा दल के अध्यक्ष हरिकेश विक्रम श्रीवास्तव ने किया। उन्होंने कहा कि हीरापट्टी, आरजी बाग, शिवाजी नगर समेत कई मोहल्लों के हजारों लोगों का आवागमन इसी सड़क से होता है। इसी मार्ग से फातिमा स्कूल, सेंट्रल स्कूल और शिब्ली कॉलेज के छात्र-छात्राएं भी रोजाना गुजरते हैं। इसके अलावा श्री चित्रगुप्त मंदिर भी इसी मार्ग पर स्थित है, जिससे श्रद्धालुओं को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
हरिकेश श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि सड़क की बदहाली को लेकर कई बार नगर पालिका और प्रशासन को ज्ञापन व शिकायतें दी गईं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मंडल मुख्यालय के नगर क्षेत्र में सड़क की ऐसी स्थिति जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की उदासीनता को दर्शाती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि पहले जिलाधिकारी से मिलकर सड़क निर्माण की मांग रखी जाएगी। यदि इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भारत रक्षा दल बड़े स्तर पर आंदोलन करने को बाध्य होगा।
प्रदर्शन में अजय सिन्हा एडवोकेट, जावेद अंसारी, सुशील कुमार श्रीवास्तव एडवोकेट, डॉ. धीर जी, द्वारिकाधीश पांडेय, दुर्गेश श्रीवास्तव, धनंजय अस्थाना, हिमांशु सिंह, सोनू मिश्रा, जश्निल कुमार, आलोक शर्मा, राजन अस्थाना सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। लालगंज विकासखंड के अंतर्गत देवगांव कोतवाली क्षेत्र के गोपालपुर सोठौली गांव में जर्जर और कीचड़युक्त सड़क के कारण एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। गांव में स्कूली बच्चों को लेकर जा रही एक बस खराब सड़क पर फिसलकर सड़क से नीचे सरक गई। हालांकि बस पलटी नहीं, जिससे उसमें सवार बच्चों की जान बाल-बाल बच गई। घटना के बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने तत्काल बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में बस सड़क के किनारे असंतुलित स्थिति में दिखाई दे रही है, जबकि आसपास बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क लंबे समय से जर्जर और कीचड़ से भरी हुई है, लेकिन कई शिकायतों के बावजूद इसकी मरम्मत नहीं कराई गई।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सड़क निर्माण और मरम्मत के नाम पर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। उनका कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत कराई गई होती तो बच्चों की जान जोखिम में नहीं पड़ती। लोगों ने संबंधित अधिकारियों से पूरे मामले की जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि इसी मार्ग से प्रतिदिन स्कूली बसें और अन्य वाहन गुजरते हैं। बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और भी बदतर हो जाती है, जिससे हर समय दुर्घटना का खतरा बना रहता है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि गोपालपुर सोठौली मार्ग का तत्काल निर्माण कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और स्कूली बच्चों सहित आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
फिलहाल इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन वायरल वीडियो ने सड़क की बदहाल स्थिति और ग्रामीण क्षेत्र में बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
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रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के मुबारकपुर थाना क्षेत्र के सठियांव स्थित आर्य नंदिनी नर्सिंग होम में इलाज के दौरान एक महिला की मौत के बाद जमकर हंगामा हो गया। परिजनों ने नर्सिंग होम पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बलिया-लखनऊ मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझाकर किसी तरह जाम समाप्त कराया। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिना सूचना दूसरे अस्पताल रेफर करने का आरोप
मृतका की पहचान रामदुलारी के रूप में हुई है। वह मऊ जिले के घोसी क्षेत्र की रहने वाली थीं। मृतका के पति जयहिंद और अन्य परिजनों का आरोप है कि रामदुलारी को हार्निया की शिकायत के बाद सठियांव स्थित आर नंदिनी नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया था, जहां डॉ. गुलाब चौहान की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था। परिजनों का कहना है कि महिला की हालत बिगड़ने के बावजूद अस्पताल प्रशासन ने उन्हें समय रहते कोई जानकारी नहीं दी। आरोप है कि गंभीर स्थिति होने पर बिना परिजनों को सूचित किए महिला को दूसरे अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। जब परिवार को इसकी जानकारी मिली और वे पहुंचे, तब तक रास्ते में ही महिला की मौत हो चुकी थी। महिला की मौत के बाद लोगों फूटा गुस्सा, सड़क पर लगाया जाम घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। उन्होंने आर्य नंदिनी नर्सिंग होम पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बलिया-लखनऊ मुख्य मार्ग पर जाम लगा दिया। प्रदर्शन के कारण कुछ समय तक यातायात पूरी तरह प्रभावित रहा और दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।
जाम की सूचना मिलते ही मुबारकपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे लोगों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया, जिसके बाद सड़क पर यातायात बहाल कराया गया।तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज, जांच शुरू
क्षेत्राधिकारी सदर आस्था जायसवाल ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जा रहा है। पूरे मामले की गहन जांच की जा रही है और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
वहीं घटना के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और निजी अस्पतालों की नियमित जांच कराने की मांग की है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
]]>अतरौलिया/आजमगढ़। नगर पंचायत अतरौलिया के वार्ड नंबर एक, अंबेडकर नगर (बुधनीया रोड) में अव्यवस्थित नाली निर्माण आमजन के लिए गंभीर समस्या बन गया है। सोमवार को इससे परेशान स्थानीय लोगों का सब्र टूट गया और वे सड़क पर उतर आए। नागरिकों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन करते हुए नगर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और तत्काल समाधान की मांग की।
प्रदर्शन में व्यापार मंडल अध्यक्ष हिमांशु विनायकर सहित जगमोहन सोनी, सुनील गौतम, राहुल मिश्रा, आनंद जायसवाल, श्याम जी समेत बड़ी संख्या में स्थानीय लोग शामिल रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि नगर पंचायत द्वारा कराए गए नाली निर्माण में गंभीर तकनीकी खामियां हैं। न नाली की ऊंचाई का सही आकलन किया गया और न ही ढलान का ध्यान रखा गया, जिससे समस्या पहले से अधिक गंभीर हो गई है।
स्थानीय निवासियों के अनुसार हाल ही में बनी नाली सड़क की सतह से लगभग ढाई फीट ऊंची है। ढलान सही न होने के कारण घरों और सड़क का पानी नाली में जाने के बजाय सड़क पर फैल रहा है। पूरे इलाके का गंदा और बदबूदार पानी इसी रास्ते से बह रहा है, जिससे राहगीरों, व्यापारियों और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही है। पहले जलजमाव की समस्या केवल बरसात तक सीमित रहती थी, लेकिन अब नाली का गंदा पानी दिन-रात सड़क पर बह रहा है। इससे दुर्गंध, मच्छरों का प्रकोप और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस समस्या को लेकर पहले भी कई बार नगर पंचायत को अवगत कराया गया, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने अधिशासी अधिकारी की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए और कहा कि वे न तो नगर में दिखाई देते हैं और न ही जनता की समस्याएं सुनते हैं।
इस मामले में अधिशासी अधिकारी ने बताया कि वे तकनीकी नहीं, प्रशासनिक अधिकारी हैं और समस्या की जानकारी मिलने पर संबंधित जेई से आख्या मंगवाई जाएगी। वहीं, जनता ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं हुआ तो वे तहसील मुख्यालय पर बड़ा आंदोलन करेंगे।