कार्यक्रम के दौरान समाज के कमजोर वर्गों को ठंड से बचाने का संदेश दिया गया। कंबल वितरण के समय ग्रामीणों की अच्छी-खासी भीड़ मौजूद रही। इस अवसर पर अरविंद कुमार, मनोज कुमार, विजय बहादुर कुमार, अजीत उर्फ छोटू, उमा राम, अच्छेलाल यादव, हीरालाल यादव, अजय यादव सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी ने कार्यक्रम को सराहते हुए इसे समाजसेवा की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित श्रवण कुमार यादव, समाजवादी पार्टी के जिला उपाध्यक्ष (मजदूर सभा) भी मौजूद रहे। उन्होंने कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों की मदद करना ही सच्ची राजनीति और समाजसेवा है। ऐसे कार्यक्रम आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
वहीं कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने कहा कि कड़ाके की ठंड में कंबल वितरण जैसे आयोजन गरीब और बेसहारा लोगों के लिए बड़ी राहत होते हैं। उन्होंने कहा कि हर साल इस तरह का आयोजन होना सराहनीय है और इससे समाज में आपसी भाईचारे व सहयोग की भावना मजबूत होती है। ग्रामीणों ने आयोजकों से भविष्य में भी इसी तरह जरूरतमंदों की मदद करते रहने की अपील की।
अतरौलिया/आज़मगढ़। स्थानीय नगर पंचायत क्षेत्र के बब्बर चौक पर शुक्रवार को बिजली बिल राहत योजना 2025 के तहत एक विशाल कैंप का आयोजन किया गया। कैंप में उमड़ी भारी भीड़ के बीच उपभोक्ताओं ने अपने बिजली बिलों में राहत पाने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया। अब तक 700 लोगों ने पंजीकरण करवाया है। जिसमे ब्याज में 100 % और मूलधन में भी 25% छूट का लाभ प्राप्त किया है।
अतरौलिया उपखंड अधिकारी दिलीप वर्मा ने बताया कि यह योजना 1 दिसंबर से 28 फरवरी 2026 तक संचालित की जा रही है। इसके अंतर्गत 1 से 2 किलोवाट तक के घरेलू और व्यावसायिक (कमर्शियल) उपभोक्ताओं को विशेष राहत दी जा रही है। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में लगभग 8000 उपभोक्ता ऐसे हैं जो इस लाभ के दायरे में आते हैं। उपखंड अधिकारी ने बताया कि गांव-गांव कैंप लगाकर लोगों को योजना से जोड़ने का प्रयास लगातार जारी है। अब तक लगभग 700 उपभोक्ता अपना बिल जमा कर योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हैं। मार्च 2025 तक के मूलधन पर 25% छूट उपलब्ध है, जो उपभोक्ताओं के लिए बड़ी राहत साबित हो रही है। उन्होंने ने कहा कि शनिवार को अतरौलिया उपकेंद्र के हैदरपुर और सेखौना में भी कैंप आयोजित किया जाएगा। उन्होंने सभी उपभोक्ताओं से अपील की कि वे जल्द से जल्द रजिस्ट्रेशन कराकर अपने बकाया बिजली बिल से छुटकारा पाएं। यह योजना न केवल उपभोक्ताओं को आर्थिक राहत दे रही है, बल्कि सरकार की जनकल्याणकारी मंशा को भी स्पष्ट रूप से दर्शा रही है।