रिपोर्ट_______अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद के थाना कंधरापुर पुलिस ने 43 लाख रुपये की कथित जमीन धोखाधड़ी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से वांछित एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर जमीन का बैनामा कराने के नाम पर लाखों रुपये लेने, तय समय पर बैनामा न कराने और रुपये वापस मांगने पर पीड़ित को गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, पीड़ित की शिकायत पर थाना कंधरापुर में मुकदमा संख्या 84/2026 दर्ज किया गया था। मामले की विवेचना के दौरान बैंक खातों और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों की गहन जांच की गई, जिसमें कम्हेनपुर निवासी दिवाकर (59 वर्ष) की संलिप्तता सामने आई। साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की कई अन्य गंभीर धाराओं की भी बढ़ोतरी की।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में गुरुवार को वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को उसके गांव कम्हेनपुर से गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक विधिक औपचारिकताएं पूरी कर आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में वरिष्ठ उपनिरीक्षक धर्मेन्द्र कुमार सिंह, हेड कांस्टेबल अजय कुमार त्रिपाठी तथा कांस्टेबल नितिन कुमार मिश्रा शामिल रहे।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की विवेचना जारी है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाने के उद्देश्य से पुलिस ने अपराधी प्रवृत्ति के लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना कंधरापुर पुलिस की रिपोर्ट पर अपर जिला मजिस्ट्रेट (प्रशासन) ने पांच अपराधियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश गुण्डा नियंत्रण अधिनियम की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई की है।
जारी आदेश के अनुसार करन विश्वकर्मा (घाटीपट्टी, रानी की सराय), सूरज (घाटीपट्टी, रानी की सराय), आकाश यादव (रेवरा परवेजपुर, निजामाबाद), संकज (चेवार पश्चिम, देवगांव) तथा फकरे आलम उर्फ फकरू (कुरैश नगर, जीयनपुर) को आगामी चार माह तक प्रत्येक पखवाड़े अपने संबंधित थाने में प्रभारी निरीक्षक के समक्ष उपस्थित होकर हाजिरी दर्ज करानी होगी।
पुलिस के अनुसार इन सभी के खिलाफ पहले से मारपीट, हत्या के प्रयास, चोरी, आपराधिक धमकी, दहेज उत्पीड़न सहित विभिन्न संगीन मामलों में मुकदमे दर्ज हैं। प्रशासन का मानना है कि इनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी बनाए रखना आवश्यक है ताकि जनपद में शांति व्यवस्था कायम रहे।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी आरोपी निर्धारित अवधि में थाने पर हाजिरी दर्ज नहीं कराता है या आदेश का उल्लंघन करता है तो उसके विरुद्ध और भी कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि अपराधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है। जनपद में कानून व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपराधी प्रवृत्ति के व्यक्तियों के खिलाफ आगे भी इसी प्रकार की कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।
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रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद में पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और अनुशासित बनाने के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पवई थाने पर तैनात उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस) ओमप्रकाश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी आदेश दिए गए हैं।
पुलिस विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उपनिरीक्षक ओमप्रकाश मिश्रा के विरुद्ध प्रथम दृष्टया कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता के आरोप पाए गए। आरोप है कि थाना पवई पर तैनाती के दौरान उनके पास लंबित कई अभियोगों की विवेचना थी, जिनमें एक गंभीर लूट का मुकदमा भी शामिल था, जिसे बाद में डकैती की धाराओं में परिवर्तित किया गया। इसके बावजूद उच्चाधिकारियों द्वारा कई बार निर्देश दिए जाने पर भी उन्होंने अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए कोई प्रभावी प्रयास नहीं किया और विवेचना के निस्तारण में भी रुचि नहीं दिखाई।
विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र में भ्रमण, वाहन चेकिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के दौरान उनका आम नागरिकों के प्रति व्यवहार अमर्यादित और दुर्व्यवहारपूर्ण पाया गया, जिससे पुलिस विभाग की छवि प्रभावित हुई। इसे उनके पदीय दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही माना गया।
इन आरोपों को गंभीर मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने उपनिरीक्षक ओमप्रकाश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
एसएसपी ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ करें। कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता या वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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रिपोर्ट_____SP त्रिपाठी
आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, उदासीनता, अनुशासनहीनता तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में मेहनगर थानाध्यक्ष निहार नंदन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
निलंबन के बाद उपनिरीक्षक अभिराज को मेहनगर थाने का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पुलिस विभाग के अनुसार निहार नंदन पर पॉक्सो, हत्या और गैंगस्टर अधिनियम से जुड़े मामलों में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी में शिथिलता बरतने, जनसुनवाई एवं जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही करने सहित कई गंभीर आरोप पाए गए। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि वे अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद में पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए यूपी डायल-112 के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। दोनों पर पीआरवी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों से छिपाने का आरोप है।
पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान सामने आया कि थाना जहानागंज क्षेत्र में तैनात डायल-112 पीआरवी पर नियुक्त मुख्य आरक्षी बृजलाल पटेल और आरक्षी कमलेश कुमार गौड़ ने 5 जुलाई 2026 को हुई एक दुर्घटना की जानकारी छिपाई। आरोप है कि पीआरवी चालक होमगार्ड राधेश्याम द्वारा वाहन को लापरवाही से चलाने के दौरान वह दीवार से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन इसकी सूचना न तो कंट्रोल रूम को दी गई और न ही संबंधित प्रभारी अधिकारी को अवगत कराया गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने दोनों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की दंड एवं अपील नियमावली-1991 के तहत विभागीय जांच संस्थित करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि जनपद के सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या गैर-जिम्मेदाराना आचरण पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग ने दोहराया कि आजमगढ़ पुलिस कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा और अनुशासित पुलिसिंग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा ड्यूटी में किसी भी प्रकार की शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और दुरुपयोग पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से आजमगढ़ पुलिस ने सोमवार को ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 827.856 किलोग्राम मादक पदार्थों का विनष्टीकरण कराया। न्यायालय एवं संबंधित प्राधिकारी के आदेश के अनुपालन में जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में पूरी प्रक्रिया मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) के अनुसार संपन्न हुई। वहीं पुलिस के अनुसार नष्ट किए गए मादक पदार्थों में 825.740 किलोग्राम गांजा, 2.116 किलोग्राम डायजापाम तथा अन्य अवैध मादक पदार्थ शामिल रहे। इनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 5 करोड़ 82 लाख 15 हजार रुपये आंकी गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में यह कार्रवाई मैसर्स सिलिकॉन बायोटेक प्राइवेट लिमिटेड, भदो, माहुल (मार्टीनगंज) स्थित इकाई में स्थापित इंसीनरेटर/बॉयलर के माध्यम से कराई गई। विनष्टीकरण की पूरी प्रक्रिया जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में संपन्न हुई। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए। साथ ही पूरी प्रक्रिया की फोटो और वीडियो रिकॉर्डिंग भी कराई गई, ताकि पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ‘ऑपरेशन दहन’ के तहत की गई यह कार्रवाई जनपद में नशे के कारोबार, अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और उससे जुड़े अपराधों पर प्रभावी रोक लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी मादक पदार्थों के खिलाफ इसी प्रकार का अभियान लगातार जारी रहेगा।
]]>दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 125 के तहत आदेशित ये भुगतान अदालत के बार-बार के निर्देशों और वसूली वारंट जारी होने के बावजूद वर्षों से अटके हुए थे। महिला हेल्प डेस्क और एक टास्क फोर्स से एक विशेष पुलिस दल का गठन किया गया था ताकि बकाएदारों का पता लगाया जा सके, अनुपालन के लिए दबाव बनाया जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि बकाया राशि सही लाभार्थियों तक पहुंचे।
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने कहा कि समन्वित प्रयासों और निरंतर अनुनय-विनय के माध्यम से हम अब तक 32 मामलों में लगभग 30 लाख रुपये की बकाया राशि का भुगतान करने में सफल रहे हैं। यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। वसूली के बाद, अदालतों ने सभी 32 लंबित वारंट रद्द कर दिए और पारदर्शिता और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के लिए राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में स्थानांतरित कर दी गई।
इस अभियान की निगरानी के लिए विशेष टीमों की निगरानी और वसूली प्रक्रिया का मार्गदर्शन करने के लिए एक जिला-स्तरीय समिति का गठन किया गया है। अदालती निर्देश के तहत पुलिस बल ने एक महिला को भरण-पोषण के दावे को पूरा करने के लिए चार बिस्वा जमीन हस्तांतरित करने में मदद की।
अधिकारियों ने कहा कि पुलिस के हस्तक्षेप के बाद कई पतियों ने आगे की कार्रवाई से बचने के लिए बकाया राशि जमा कर दी है। इस अभियान का उद्देश्य कई महिलाओं को बार-बार होने वाली कठिनाइयों, जबरन अदालती चक्कर लगाने और कानूनी रूप से दी जाने वाली सहायता प्राप्त करने में होने वाली देरी को समाप्त करना है।
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आज़मगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार की अध्यक्षता में शनिवार को तहसील सगड़ी के सभागार में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया।
इस दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनता की समस्याओं का त्वरित एवं गुणवत्तायुक्त निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही क्षम्य नहीं होगी, क्योंकि शासन की प्राथमिकता समयबद्ध और वास्तविक समाधान है।
इस अवसर पर कुल 24 शिकायती प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें राजस्व विभाग से 19, विकास विभाग से 2, थाना स्तर से 2 और वन विभाग से 1 प्रकरण दर्ज किए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि संबंधित विभाग तत्काल कार्रवाई कर शिकायतों का निस्तारण करें, ताकि जनता को बार-बार मुख्यालय का चक्कर न लगाना पड़े।
उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि अधिकारीगण प्रारम्भिक स्तर पर ही समस्याओं का समाधान कर दें। कार्यक्रम में उप जिलाधिकारी सगड़ी, तहसीलदार सगड़ी सहित विभिन्न जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
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