आग बुझाने के प्रयास में नागेंद्र राय लपटों से घिर गए और धुएं के कारण खेत में गिरकर अचेत हो गए। इस दौरान वे गंभीर रूप से झुलस गए। ग्रामीणों ने किसी तरह उन्हें बाहर निकाला और अहरौला सीएचसी पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए रेफर कर दिया। करीब 70 प्रतिशत तक झुलसने के कारण उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है।
जिलाधिकारी ने तहसील, विकासखण्ड और ग्राम स्तर पर गठित समितियों को सक्रिय कर क्षेत्र में चक्रमण करने और किसानों को फसल अवशेष व कूड़ा जलाने से होने वाले हानिकारक प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। कृषि विभाग ने समस्त विकासखण्डों में फार्मर रजिस्ट्री के कैम्पों में बैनर लगाकर किसानों को शिक्षित किया। जिला कृषि रक्षा अधिकारी हिमांचल सोनकर और सहायक विकास अधिकारी (कृषि) राजन कुमार ने ग्रामसभा जमालपुर, विकासखण्ड-पल्हनी में किसानों को फसल अवशेष जलाने के बजाय वेस्ट डी-कम्पोजर से कम्पोस्ट खाद बनाने की विधि बताई और उन्हें इसे अन्य किसानों के साथ साझा करने के लिए प्रेरित किया।
पराली जलाने पर जनपद के दो किसानों अद्या प्रसाद, ग्राम-रतुआपार, विकासखण्ड अतरौलिया को ₹2500 और श्सुरेश, ग्राम-त्रिलोक, विकासखण्ड-जहानागंज को ₹2500 का जुर्माना लगाया गया। कुल जुर्माना राशि ₹5000 है। यह कार्रवाई उप जिलाधिकारी बूढ़नपुर और सदर द्वारा अमल में लाई गई।
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