जांच में सामने आया कि गाजीपुर और भदोही की दो फर्जी फर्मों ने इन मेडिकल स्टोरों से भारी मात्रा में कोडीनयुक्त कफ सिरप की सप्लाई उठाई। मामला संदिग्ध लगने पर औषधि निरीक्षक ने दोनों फर्मों और स्टोर संचालकों से खरीद-फरोख्त के अभिलेख तलब किए। लंबे दबाव और मशक्कत के बाद स्टोर संचालकों ने रजिस्टर और बिल उपलब्ध कराए।
इसके पहले इस कांड में विकास सिंह का नाम उछला था और उसके बाद हिस्ट्रीशीटर विपेंद्र सिंह की भूमिका उजागर हुई। औषधि निरीक्षक ने विपेंद्र के खिलाफ दीदारगंज थाने में FIR भी दर्ज कराई थी। अब पूरे प्रकरण की फाइल आगे बढ़ा दी गई है।
ड्रग इंस्पेक्टर डॉ. सीमा वर्मा ने बताया कि दोनों मेडिकल स्टोरों से मिले दस्तावेज सहायक आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन को भेज दिए गए हैं। आगे की कार्रवाई वहीं से तय होगी।
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