मिली जानकारी के अनुसार कप्तानगंज कस्बा निवासी सुरेश गुप्ता 52 वर्ष, पुत्र बैजनाथ, कस्बे के मुख्य चौक पर गुप्ता मेडिकल एजेंसी का संचालन करते थे। कुछ वर्ष पूर्व उन्होंने पुरानी बाजार में मकान बनवाया था, जहां वे अकेले रहते थे।
बताया जा रहा है कि सोमवार दोपहर जब वे अपनी दुकान पर नहीं पहुंचे तो उनका नौकर दोपहर बाद मकान पर पहुंचा। मकान के पहले तल पर स्थित कमरे का दरवाजा खोलते ही वह चीखते हुए बाहर निकल आया। कमरे के भीतर सुरेश गुप्ता का शव चूल्ले में साड़ी के फंदे से लटका हुआ था।
नौकर के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर जुट गए और तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना पर स्थानीय पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। घटना का कारण पारिवारिक कलह बताया जा रहा है।
थानाध्यक्ष जयप्रकाश ने बताया कि शव को कब्ज़े में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की हर एंगल से छानबीन की जा रही है।
फोन पर रात में पत्नी से किया विवाद, सुबह लटकता हुआ मिला शव
वही सिधारी थाना क्षेत्र के हुसेनगंज में किराये के मकान में रह रहे 30 वर्षीय युवक आकाश सिंह का शव सोमवार सुबह फंदे से लटका मिला। आकाश सिंह फिरोजाबाद जनपद के नगलाखर थाना क्षेत्र के सरनासपुर गांव के रहने वाले थे। वह हुसेनगंज में किराये पर रहकर अपने भाई और अन्य साथियों के साथ फेरी लगाकर बैग में चेन आदि लगाने का काम करते थे।
बताया जा रहा है कि रविवार रात उसका पत्नी खुशबू से फोन पर विवाद हुआ था, जो पिछले एक साल से मायके में रह रही है। सोमवार सुबह जब आकाश का कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला, तो मकान के अन्य लोग उसे खोलकर अंदर देखने गए। अंदर छत से मफलर के सहारे उसका शव लटका पाया गया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है।
]]>मिली जानकारी के अनुसार, सरायमीर थाना क्षेत्र के संजरपुर गांव निवासी 24 वर्षीय शिवांगी प्रजापति की मौत बीती रात घर की पहली मंजिल पर बने कमरे में हो गई थी। देर रात परिजनों को जब इसकी जानकारी हुई तो घर में मातम पसर गया। घटना की सूचना पुलिस को नहीं दी गई, बल्कि परिजनों ने रात में ही बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के अंतिम संस्कार का निर्णय ले लिया।
सुबह शव को श्मशान घाट ले जाकर चिता सजाई जा रही थी कि इसी दौरान किसी ने पुलिस को सूचना दे दी। सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने परिजनों से पूछताछ कर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
अतरौलिया, आज़मगढ़। स्थानीय थाना क्षेत्र के अनंतपुर बढ़या गांव में इलाज के दौरान एक बुजुर्ग की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से जांच की मांग की है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव निवासी ज्ञानचंद पुत्र स्वर्गीय रामबली (64 वर्ष) अपनी पत्नी गुलाबी देवी के साथ घर पर अकेले रहते थे। उनके दो पुत्रों की पहले ही मृत्यु हो चुकी थी। उनकी देखभाल उनका भतीजा रणजीत करता था। बताया जा रहा है कि तीन दिन पूर्व ज्ञानचंद की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद रणजीत ने उन्हें अतरौलिया स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
डॉक्टरों ने स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें अन्यत्र ले जाने की सलाह दी। परिजन उन्हें लखनऊ इलाज के लिए ले जा रहे थे कि रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।
मौत की सूचना मिलते ही परिजनों में हड़कंप मच गया। मृतक के चचेरे भाई पवन ने पुलिस को सूचना देते हुए आरोप लगाया कि रणजीत ने तहसील में वसीयत कराने के बाद उनकी हत्या कर दी है। वहीं, शशिकला, कौशल्या, पुतली और गुलाबी देवी ने भी आरोप लगाया कि बीमारी के दौरान रणजीत ने इलाज के बहाने उन्हें तहसील ले जाकर वसीयत करा ली, जबकि मृतक की पत्नी अभी जीवित हैं।
भतीजे पवन का कहना है कि वह भी उनके साथ गाड़ी में जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसे जबरन उतार दिया गया और तहसील में वसीयत करा ली गई। उसे संदेह है कि इलाज के बहाने ज्ञानचंद की हत्या की गई है।
थानाध्यक्ष अमित कुमार मिश्र ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
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