रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जिले के मेंहनाजपुर थाना क्षेत्र के डंडवल गांव में मंगलवार की रात एक शादी समारोह उस समय मातम में बदल गया, जब दोस्त की बहन की शादी में शामिल होने पहुंचे दो युवकों पर अज्ञात हमलावरों ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल एक युवक की इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में मौत हो गई, जबकि दूसरा युवक अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रहा है। घटना के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार, तरवां थाना क्षेत्र के किशुनदासपुर निवासी अगस्त त्रिपाठी के यहां से मंगलवार की रात बारात मेंहनाजपुर थाना क्षेत्र के डंडवल गांव आई थी। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण लहुआ कला नसीरपुर निवासी युवती का विवाह उसके नाना लालजी दुबे के घर से कराया जा रहा था। युवती के भाई गौरव पाण्डेय ने अपने मित्र आनंद राजभर, निवासी सराय (थाना देवगांव), को भी शादी समारोह में आमंत्रित किया था। बताया जा रहा है कि शादी के दौरान भोजन करते समय आनंद राजभर का कुछ लोगों से विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर उसने खुद को सुरक्षित घर पहुंचाने के लिए अपने गांव के साथियों को बुलाया। सूचना मिलने पर सराय गांव निवासी प्रीतेश राजभर (20) और ओटू राजभर (26) मौके पर पहुंचे। वहीं आरोप है कि दोनों युवक गांव पहुंचे ही थे कि पहले से घात लगाए बैठे अज्ञात हमलावरों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला बोल दिया। हमले में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मेंहनाजपुर ले जाया गया, जहां से हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। प्रीतेश की स्थिति लगातार बिगड़ने पर उसे हायर सेंटर भेजा गया, लेकिन निजी अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
इकलौते बेटे की मौत से परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
मृतक प्रीतेश राजभर के पिता का पहले ही निधन हो चुका था। वह अपनी मां का इकलौता बेटा था और परिवार में उसकी दो छोटी बहनें हैं। बेटे की मौत की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया। वहीं घायल ओटू राजभर का अस्पताल में उपचार जारी है।
शव लेकर थाने पहुंचे परिजन, पुलिस ने कराया शांत
वहीं घटना के बाद आक्रोशित परिजन मृतक का शव लेकर मेंहनाजपुर थाने पहुंच गए। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाकर शांत कराया और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
पुलिस बोली— विवाद के एंगल से हो रही जांच
पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया मामला शादी समारोह के दौरान हुए विवाद से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हमलावरों की पहचान की जा रही है। तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपितों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
]]>
आज़मगढ़। जिले के तरवां थाना क्षेत्र में मंगलवार की रात एक व्यक्ति पर जानलेवा हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल युवक को मारपीट के दौरान गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी दी गई। इस मामले में पुलिस ने एक वांछित अभियुक्त को मौके से गिरफ्तार कर लिया।
मंगलवार को सायं सात बजे, वादी मुकदमा का भाई बृजेश राजभर पुत्र अमरनाथ राजभर, निवासी पकड़ी कला, खाना खाकर पाई (कनखुरिया) से सोने जा रहे थे। तभी रास्ते में शिवा सिंह, अमन सिंह और तीन अज्ञात लोगों ने लाठी-डंडे और पंच से हमला कर दिया। इस दौरान पीड़ित गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर बेहोश हो गया। पीड़ित के परिजनों ने थाना तरवां में लिखित तहरीर दी। इसके बाद पुलिस ने लगातार दबिश दी।
बुधवार चौकी प्रभारी पकड़ी कला उ0नि0 दिनेश कुमार पाल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर अमन सिंह निवासी डुभांव, को हैबतपुर डुभांव स्थित बराह मंदिर के पास गिरफ्तार किया। घटना में प्रयुक्त एक लकड़ी की लाठी और एक लोहे का कड़ा भी बरामद किया है।
]]>आजमगढ़। जिले के तरवां थाना क्षेत्र में हुई मारपीट मामले में थानाध्यक्ष की कथित पक्षपातपूर्ण कार्रवाई के खिलाफ ग्रामीणों ने धरना दिया। जिसके बाद प्रभारी मंत्री अनिल राजभर के हस्तक्षेप और उच्च अधिकारियों की जांच के बाद 8 दिन बाद दूसरे पक्ष से भी मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
मिली जानकारी के अनुसार,बीते 4 अक्टूबर को तरवां थाना क्षेत्र में मारपीट का मामला सामने आया। घटना में एक पक्ष से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ और उसे 26 टांके लगे। ब्लाक प्रमुख का आरोप है कि थानाध्यक्ष चंद्रदीप कुमार ने दूसरे पक्ष के लोगों का मुकदमा तुरंत दर्ज कर दिया, जबकि गंभीर रूप से घायल व्यक्ति और उसके परिजनों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की और थाने से दुर्व्यवहार कर उन्हें लौटा दिया गया।
इस पर ब्लॉक प्रमुख पल्हना अनुराग सिंह सोनू और मंडल अध्यक्ष भाजपा विक्रांत सिंह 5 अक्टूबर को थाने पहुंचे और संतोषजनक कार्रवाई की मांग की। जब जवाब नहीं मिला, तो क्षेत्र के सैकड़ों ग्रामीणों ने तरवां थाने का घेराव कर दिया। इसके बाद प्रभारी मंत्री अनिलराजभर के हस्तक्षेप और सीओ लालगंज, एसपी ग्रामीण एवं एसएसपी आजमगढ़ के आदेशों के तहत जांच कराई गई। जांच में SHO प्रथम दृष्टि में दोषी पाए गए और 12 अक्टूबर को दूसरे पक्ष के घायल व्यक्ति की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया।
दूसरे पक्ष से मुकदमा दर्ज होने के बाद ब्लॉक प्रमुख अनुराग सिंह सोनू ने कहा कि न्याय के लिए कहीं भी और किसी के भी खिलाफ जाना पड़े, तो पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि योगी जी और मोदी जी के मार्गदर्शन में भाजपा का हर कार्यकर्ता न्याय और विकास के लिए तत्पर रहता है और रहेगा ।
]]>आज़मगढ़। जिले के तरवा थाना क्षेत्र के असुरायन गांव में प्रेम-प्रपंच के चलते गुरुवार की दोपहर एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी होने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन पुलिस को सूचना दिए बिना ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, असुरायन गांव निवासी 16 वर्षीय संजीव राजभर उर्फ टमाटर पुत्र दीनदयाल राजभर एक निजी विद्यालय में कक्षा 11 का छात्र था। गांववालों ने बताया कि उसका गांव की एक किशोरी से प्रेम संबंध था। जब यह बात दोनों परिवारों को पता चली तो उन्होंने दोनों पर सख्त निगरानी रखनी शुरू कर दी।
परिजनों ने छात्र के किशोरी के घर के पास से आने-जाने पर रोक लगा दी, जिससे वह तनाव में रहने लगा। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे जब घरवाले कमरे में पहुंचे, तो छात्र रस्सी के सहारे फंदे से लटका मिला। आनन-फानन में उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार गाजीपुर जनपद के सैदपुर में कर दिया।
वहीं तरवां थानाध्यक्ष ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया है।
]]>आज़मगढ़। जिले के तरवा थाना क्षेत्र के असुरायन गांव में प्रेम-प्रपंच के चलते गुरुवार की दोपहर एक छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी होने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन पुलिस को सूचना दिए बिना ही परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।
मिली जानकारी के अनुसार, असुरायन गांव निवासी 16 वर्षीय संजीव राजभर उर्फ टमाटर पुत्र दीनदयाल राजभर एक निजी विद्यालय में कक्षा 11 का छात्र था। गांववालों ने बताया कि उसका गांव की एक किशोरी से प्रेम संबंध था। जब यह बात दोनों परिवारों को पता चली तो उन्होंने दोनों पर सख्त निगरानी रखनी शुरू कर दी।
परिजनों ने छात्र के किशोरी के घर के पास से आने-जाने पर रोक लगा दी, जिससे वह तनाव में रहने लगा। गुरुवार दोपहर करीब एक बजे जब घरवाले कमरे में पहुंचे, तो छात्र रस्सी के सहारे फंदे से लटका मिला। आनन-फानन में उसे डॉक्टर के पास ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद परिजनों ने बिना पुलिस को सूचना दिए शव का अंतिम संस्कार गाजीपुर जनपद के सैदपुर में कर दिया।
वहीं तरवां थानाध्यक्ष ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया है।
]]>
आज़मगढ़। जिले के तरवां थाना क्षेत्र के कटाई गांव में शनिवार की रात आयोजित भोज के दौरान आपसी विवाद मारपीट में बदल गया। इस घटना में अनुसूचित जाति और राजभर समुदाय के बीच झगड़ा हो गया, जिसमें हीरा पुत्र शिवराम सहित चार लोग घायल हो गए। सभी घायलों का इलाज तरवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में चल रहा है।
मिली जानकारी के अनुसार, भोज का आयोजन खेतु पुत्र लछिराम के घर पर किया गया था। इसी दौरान दोनों पक्षों में कहासुनी के बाद विवाद बढ़ गया और मामला मारपीट तक पहुंच गया। घटना के बाद खेतु ने रसूलपुर किरहिया गांव के सात लोगों के खिलाफ तरवां थाने में तहरीर दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंकित पुत्र साहबराज निवासी रसूलपुर किरहिया को थाने बुलाया तथा रामजन्म पुत्र चंदर को हिरासत में लिया।
इस बीच, घटना की जानकारी ब्लॉक प्रमुख पल्हना अनुराग उर्फ सोनू सिंह को मिली। उन्होंने बताया कि बीती रात अंकित पुत्र साहबराज मेरे घर भोज पर मौजूद था। वे तत्काल तरवां थाने पहुंचे और थानाध्यक्ष चंद्रदीप राम से कहा कि यदि मुकदमा दर्ज हो गया है तो उसकी कॉपी दिखाई जाए, अन्यथा अंकित को रिहा किया जाए और निष्पक्ष जांच की जाए।
थानाध्यक्ष द्वारा तत्काल कॉपी देने से इनकार करने पर दोनों पक्षों में नोकझोंक हो गई। इसके बाद ब्लॉक प्रमुख अनुराग सिंह अपने समर्थकों विक्रांत सिंह और ग्राम प्रधान लालसा यादव के साथ थाना गेट के बाहर धरने पर बैठ गए।
धरने की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाएं भी थाने पहुंच गईं। स्थिति बिगड़ती देख कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। क्षेत्राधिकारी लालगंज भूपेंद्र पांडे, थानाध्यक्ष मेहनगर संजय सिंह, थानाध्यक्ष मेहनाजपुर और थानाध्यक्ष देवगांव ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया।
काफी मशक्कत के बाद पुलिस प्रशासन ने ब्लॉक प्रमुख ब्लॉक प्रमुख पल्हना अनुराग उर्फ सोनू सिंहको मुकदमे की कॉपी सौंप दी और आश्वासन दिया कि जांच के बाद ही दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी तथा निर्दोष लोगों को परेशान नहीं किया जाएगा।
आश्वासन मिलने के बाद धरना समाप्त हो गया और देर रात स्थिति सामान्य हो गई।
]]>