जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वाई प्रसाद ने बताया कि सरकार टीबी उन्मूलन को लेकर पूरी तरह गंभीर है। यदि किसी व्यक्ति को आसपास टीबी मरीज की जानकारी हो तो उसे जिला अस्पताल या सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजकर जांच कराई जाए, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सके। उन्होंने ग्रामीण स्तर पर प्रचार-प्रसार तेज करने की अपील की।
वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. बी. के. पटेल (SMO PGI Azamgarh) ने बताया कि जिले के सभी सरकारी जांच केंद्रों पर टीबी की जांच व इलाज पूरी तरह निशुल्क किया जाता है। मरीज का 6 से 9 माह का कोर्स होता है और बलगम की जांच के बाद दो दिनों के भीतर इलाज शुरू कर दिया जाता है। उन्होंने कहा कि टीबी मरीज को लेकर आने वाले ग्रामीण चिकित्सकों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
कार्यक्रम के दौरान डॉ. बी. के. पटेल ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार को युवा उद्यमी रोजगार योजना में जनपद को दूसरा स्थान दिलाने पर बधाई दी और यूपी दिवस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा सम्मानित किए जाने को आजमगढ़ के लिए गर्व की बात बताया। साथ ही तमसा नदी की सफाई अभियान की भी सराहना की गई।
कार्यक्रम के अंत में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान में सहयोग देने वाले चिकित्सकों को मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन. आर. वर्मा द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सैकड़ों ग्रामीण चिकित्सक मौजूद रहे।
आजमगढ़। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार के निर्देशानुसार हरिऔध कला केंद्र में प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी आजमगढ़ के सहयोग से राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत एक मेगा कैम्प आयोजित किया गया। इसमें टीबी के लक्षण वाले संभावित रोगियों को निःशुल्क परामर्श, जांच और दवा वितरण की सुविधा दी गई।
मेगा कैम्प का उद्घाटन जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार ने फीता काटकर किया। इसके साथ ही ऑडिटोरियम में जनपद स्तरीय अधिकारियों द्वारा 110 टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की गई। जिलाधिकारी ने अपने गोद लिए दो टीबी मरीजों को स्वयं पोषण पोटली प्रदान की।
इस अवसर पर जिलाधिकारी ने टीबी उन्मूलन के लक्ष्य हेतु चार प्रमुख बिंदुओं पर जोर दिया— उन्होंने कहा कि सभी संभावित रोगियों की निःशुल्क जांच प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र पर उपलब्ध होनी चाहिए। सभी डायग्नोज्ड टीबी मरीजों को पर्याप्त दवा और निःशुल्क उपचार मिले। इलाजरत मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत ₹1000 प्रतिमाह की धनराशि डीबीटी से समय पर मिले। साथ ही समाज के गणमान्य लोग टीबी मरीजों को गोद लेकर प्रतिमाह पोषण पोटली दें, जिससे उनका पोषण स्तर बेहतर बना रहे और वे शीघ्र स्वस्थ हों।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद के 275 अधिकारियों द्वारा टीबी मरीजों को गोद लिया गया है। उन्होंने सभी मरीजों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
कार्यक्रम में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) गंभीर सिंह, जिला विकास अधिकारी संजय सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. एन.आर. वर्मा, जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. वाई. प्रसाद, एसीएमओ डॉ. उमा शरण पांडेय, डॉ. मो. अजीज व डॉ. बी.पी. सिंह ने भी अपने विचार रखे और मरीजों को पोषण पोटली वितरित की।
इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी के सभापति दिवाकर तिवारी, कोषाध्यक्ष सुरेन्द्र कुमार सिंह सहित अन्य सदस्यों रविन्द्र नाथ राय, श्री रिजवान अहमद, संजय सिंह व राहुल सिंह ने भी मरीजों को पोटलियाँ प्रदान कीं।
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