रिपोर्ट____राजू कुमार
आजमगढ़। जिले के अतरौलिया नगर क्षेत्र के पूरब पोखरा स्थित ठाकुर जी के प्राचीन मंदिर में शुक्रवार को एक श्रद्धालु को पूजा-अर्चना करने से रोकने के आरोप को लेकर विवाद खड़ा हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों से बातचीत कर मामला शांत कराया और मंदिर में श्रद्धालुओं के निर्बाध प्रवेश व पूजा-अर्चना सुनिश्चित करने की बात कही। वार्ड नंबर-9 निवासी विशाल सोनी का आरोप है कि वह वर्षों से मंदिर में नियमित पूजा-पाठ करने आते हैं। शुक्रवार को जब वह मंदिर पहुंचे तो मंदिर के संरक्षक (पुजारी) ने उन्हें पूजा करने से रोक दिया। उनका आरोप है कि विरोध करने पर उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया तथा मंदिर में दोबारा न आने की धमकी भी दी गई।
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय व्यापारियों और श्रद्धालुओं की भीड़ मंदिर परिसर के बाहर एकत्र हो गई। स्थानीय नगर निवासी नवनीत जायसवाल ने कहा कि यह एक सार्वजनिक एवं ऐतिहासिक मंदिर है, जहां वर्षों से क्षेत्र के लोग पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं। उनका कहना था कि किसी भी श्रद्धालु को मंदिर में पूजा करने से नहीं रोका जाना चाहिए। सूचना पर डायल-112 पुलिस तथा थाना प्रभारी देवेंद्र नाथ दुबे पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों पक्षों की बात सुनी और समझाइश देकर मामला शांत कराया। पुलिस ने मंदिर के संरक्षक को निर्देश दिया कि किसी भी श्रद्धालु को मंदिर में प्रवेश और पूजा-अर्चना से न रोका जाए। पुलिस के हस्तक्षेप के बाद विवाद शांत हो गया। पुलिस ने लोगों को आश्वस्त किया कि मंदिर सार्वजनिक आस्था का स्थल है और सभी श्रद्धालु वहां बिना किसी भय के पूजा-अर्चना कर सकते हैं। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने शांति बनाए रखने की अपील की।
]]>अतरौलिया, आज़मगढ़। कैलेश्वर धाम मंदिर परिसर स्थित धर्मशाला पर अवैध रूप से कब्जे की शिकायत पर मंगलवार को प्रशासनिक टीम ने स्थलीय निरीक्षण किया। बताया गया कि सुजीत दास चेला राममिलन दास द्वारा बिना किसी अनुमति के धर्मशाला में अपना घरेलू सामान रखकर परिवार सहित निवास किया जा रहा है। पूर्व में 31 अक्टूबर 2025 तक परिसर खाली करने के लिए मौखिक रूप से निर्देश दिया गया था, लेकिन निर्धारित समय के बाद भी कमरे खाली नहीं किए गए। इसी के मद्देनजर उपजिलाधिकारी नंदिनी शाह, तहसीलदार शैलेश कुमार और क्षेत्राधिकारी अजय प्रताप सिंह ने संयुक्त रूप से निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अवैध कब्जा यथावत पाया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश दिया कि यदि 05 नवंबर 2025 को शाम 4 बजे तक धर्मशाला को खाली नहीं किया गया तो पुलिस बल की सहायता से कब्जा हटाया जाएगा। साथ ही यह भी चेतावनी दी गई कि कब्जा हटाने में आने वाला समस्त खर्च संबंधित व्यक्ति से वसूला जाएगा।
इस संबंध में उप जिलाधिकारी नंदिनी शाह ने बताया कि दो महंत के बीच का विवाद है शिकायत है कि एक महंत के शिष्य द्वारा तीन कमरो में कब्ज़ा किया गया है । एक हफ्ते पहले तहसीलदार गए थे तो 31 तक खाली करने को कहा गया था,लेकिन उसे खाली नही किया गया। आज हम लोगो द्वारा खाली करने का नोटिस चस्पा किया गया।
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