अतरौलिया, आज़मगढ़। सड़क हादसों पर प्रभावी रोकथाम के उद्देश्य से अमडी टोल प्लाजा पर टोल कर्मियों द्वारा वाहनों पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए जाने का अभियान चलाया गया। शनिवार व रविवार को बढ़ती ठंड, घने कोहरे और धुंध को देखते हुए यह विशेष पहल की गई, ताकि खराब मौसम में भी वाहन चालकों को दूर से ही वाहन दिखाई दे सकें और दुर्घटनाओं की आशंका कम हो।
टोल प्रबंधक दिलीप सिंह के नेतृत्व में टोल प्लाजा से गुजरने वाले वाहनों पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाए गए। इस दौरान लाउडस्पीकर के माध्यम से वाहन चालकों को मौसम के अनुरूप सतर्कता से वाहन चलाने के लिए जागरूक भी किया गया। टोल प्रबंधक ने बताया कि घने कोहरे और दृश्यता कम होने के कारण सड़क हादसों में वृद्धि देखी जाती है, जिसे ध्यान में रखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है।
उन्होंने वाहन चालकों से निर्धारित गति से वाहन चलाने, आगे-पीछे सुरक्षित दूरी बनाए रखने, लाइट व इंडिकेटर का सही प्रयोग करने तथा आवश्यकता अनुसार गति कम रखने की अपील की। साथ ही कोहरे में फोग लाइट का उपयोग अनिवार्य रूप से करने की सलाह दी गई।
टोल प्रबंधक दिलीप सिंह ने बताया कि प्रतिदिन लगभग 200 वाहनों पर रेडियम रिफ्लेक्टर लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, जिसे नियमित रूप से पूरा किया जा रहा है।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं को रोकना और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यह आयोजन मेसर्स लालजी पाठक के सहयोग से संपन्न हुआ। मौके पर जनरल मैनेजर कमलेश उपाध्याय, आईटी अधिकारी धीरज कुमार, शिफ्ट इंचार्ज अखिलेश उपाध्याय, उमेश उपाध्याय, अजय राय, सुपरवाइजर नीरज मौर्य सहित अन्य टोल कर्मी मौजूद रहे।
]]>आज़मगढ़। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता, लोकसभा में मुख्य सचेतक, लोक लेखा समिति भारत के सदस्य एवं आज़मगढ़ के सांसद धर्मेंद्र यादव ने आज लोकसभा में अपने संसदीय क्षेत्र से जुड़ी कई गंभीर समस्याओं को प्रखरता से उठाया।
सांसद ने सरकार तथा मंत्री का ध्यान इस तथ्य की ओर आकृष्ट कराया कि आज़मगढ़–वाराणसी मार्ग, जो आगे लुंबिनी तक जाता है, पिछले 10 वर्षों से निर्माणाधीन है। इस मार्ग में जनपद जौनपुर के अंतर्गत लगभग 18 किलोमीटर हिस्सा अब तक दो लेन में ही है, जबकि वाराणसी से लुंबिनी तक का पूरा मार्ग बौद्ध सर्किट के तहत फोर लेन घोषित है। इस 18 किलोमीटर की अपूर्ण सड़क के कारण यात्रियों को घंटों जाम में फंसना पड़ता है।
सांसद ने मंत्री से इस शेष 18 किलोमीटर हिस्से को शीघ्रातिशीघ्र फोर लेन में विकसित कराने का आग्रह किया।
इसके साथ ही उन्होंने कोटिला टोल प्लाजा से जुड़े गंभीर मुद्दे को भी सदन में उठाया। उन्होंने कहा कि टोल कर्मियों ने आसपास के संपर्क मार्गों पर लोहे के बैरियर लगा दिए हैं, जिससे आज़मगढ़ और आसपास के लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। यहां तक कि स्कूल बसों को भी इन संपर्क मार्गों पर चलने नहीं दिया जा रहा है, जिससे छोटे-छोटे बच्चों तक को परेशानियों से गुजरना पड़ रहा है। सांसद ने सदन के माध्यम से मंत्री से एनएचएआई की इस मनमानी और आतंक को तत्काल समाप्त कराने का अनुरोध किया।
शिक्षकों से जुड़े मुद्दे पर बोलते हुए सांसद धर्मेंद्र यादव ने पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी की अनिवार्यता थोपे जाने का विरोध किया। उन्होंने कहा कि टीईटी लागू होने के बाद यह स्पष्ट था कि भविष्य की नियुक्तियाँ टीईटी के आधार पर होंगी, लेकिन टीईटी लागू होने से पहले नियुक्त हुए शिक्षकों के लिए यह शर्त लागू नहीं होती।
उन्होंने बताया कि 1 सितंबर 2025 को आए माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश ने देशभर के लगभग 25 लाख और उत्तर प्रदेश के 2 लाख से अधिक शिक्षकों को असुरक्षा की स्थिति में ला खड़ा किया है। यह स्थिति केंद्र और राज्य सरकारों की कमजोर पैरवी का परिणाम है।
सांसद ने सरकार से मांग की कि संविधान संशोधन अथवा अध्यादेश लाकर देश के लाखों शिक्षकों के भविष्य को सुरक्षित किया जाए।
आजमगढ़ । जिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र स्थित अमौड़ा टोल प्लाज़ा के पास शुक्रवार देर शाम एक अनियंत्रित ऑटो पलट गया, जिसमें दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार देर शाम करीब 6 बजे अमौड़ा टोल प्लाज़ा के पास आजमगढ़-वाराणसी मार्ग पर एक तेज रफ्तार ऑटो अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे में ऑटो चालक बृजेश यादव 32 वर्ष पुत्र राजबली यादव निवासी हुसेपुर और धीरज यादव 21 वर्ष पुत्र तूफानी यादव निवासी सिंघड़ा गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल धीरज यादव शहर के एक निजी अस्पताल में कार्यरत बताए गए हैं जो शुक्रवार की शाम ऑटो से घर लौट रहे थे। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से दोनों घायलों को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मोहम्मदपुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया।
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