आजमगढ़ । जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हेमराज मीना एवं जनप्रतिनिधियों के साथ ग्राम चकिया, ब्लॉक पवई तहसील फूलपुर में मा0 मुख्यमंत्री जी के संभावित भ्रमण कार्यक्रम के दृष्टिगत कार्यक्रम स्थल पर की जा रही तैयारियो का निरीक्षण किया।
जिलाधिकारी ने हेलीपैड, मंच, फोटो गैलरी, सैंड आर्ट आदि का निरीक्षण कर संबंधित नोडल अधिकारियों को समय से सारी व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने ड्यूटी में लगे समस्त नोडल/सहायक नोडल अधिकारियों को निर्देशित किया कि कार्यक्रम स्थल पर निर्धारित समय से 3 घंटा पूर्व उपस्थित होकर सौंपे गए दायित्वों का निर्वहन करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी को निर्देश दिया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कार्यक्रम स्थल तक जाने वाले रास्तों/मोड़ पर जगह-जगह साइनेज लगाना सुनिश्चित करें। उन्होंने डीसी मनरेगा को निर्देशित किया कि वाहनों की पार्किंग के लिए पर्याप्त पार्किंग स्थल का चयन करते हुए इमरजेंसी पार्किंग की भी वैकल्पिक व्यवस्था करना सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारी को निर्देश कि कार्यक्रम स्थल पर शुद्ध पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था एवं पर्याप्त मात्रा में महिला/पुरुष मोबाइल टॉयलेट की व्यवस्था करना सुनिश्चित करें।
जिलाधिकारी ने कहा कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से कार्यक्रम स्थल तक आने-जाने वाले वाहनों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए नामित नोडल अधिकारी, यूपीडा के अधिकारियों से पूर्व में ही वार्ता कर ले। पंडाल का निरिक्षण करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए समय से स्टेज तैयार कर लें तथा कलाकारों से भी समन्वय स्थापित कर समय से कार्यक्रम संपन्न कराना सुनिश्चित करें।
इससे पूर्व जिलाधिकारी ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के साथ कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक कर समस्त एसडीएम/सीओ, समस्त थाना अध्यक्ष की बैठक कर तैयारियों के संबंध में आवश्यक दिशा निर्देश दिए।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने गूगल मैप के माध्यम से सभी अधिकारियों को उनके ड्यूटी स्थल, वाहनों के आने जाने, पार्किंग स्थल, जनसभा स्थल, हेलीपैड स्थल पर तैनात रहकर अपने जिम्मेदारियां का निर्वहन करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी श्री परीक्षित खटाना, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व श्री गंभीर सिंह, पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री चिराग जैन सहित नोडल/सहायक नोडल अधिकारी एवं जनप्रतिनिधिगण उपस्थित रहे।
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आजमगढ़ । भारतीय जनता पार्टी के पूर्व युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष सूरज सिंह ने आज कप्तानगंज मंडल अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद पार्टी के जिला कार्यालय पर धरना शुरू कर दिया। सूरज सिंह ने आरोप लगाया कि एक विशेष जाति को तरजीह देकर रुपए के बदले पद बांटे जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर यही हाल रहा तो भाजपा को आगामी चुनाव में भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है।
कप्तानगंज मंडल के युवा मोर्चा के पूर्व मंडल अध्यक्ष सूरज सिंह ने आज गोरखपुर के शीर्ष नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि जब सपा सरकार थी, तब वे दो बार जेल गए थे, लेकिन आज जब भाजपा की सरकार है, तब भी उनके साथ अन्याय हो रहा है। उनका दावा है कि मंडल अध्यक्ष और जिला अध्यक्ष ने उनके नाम की संस्तुति की थी, लेकिन गोरखपुर के नेताओं ने उनका नाम काट दिया और पैसे लेकर एक विशेष जाति के व्यक्ति को पद दे दिया।
सूरज सिंह ने कहा कि वे अकेले नहीं हैं—सैकड़ों कार्यकर्ता सोशल मीडिया पर अपना आक्रोश जाहिर कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि शीर्ष नेतृत्व ने समय रहते ध्यान नहीं दिया, तो 2027 में भाजपा को आज़मगढ़ की दसों विधानसभा सीटों पर 50-50 हजार वोटों से हार का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि वे पार्टी को इस्तीफा भी सौंपा, जिसे जिला अध्यक्ष ने अस्वीकार कर दिया। सूरज सिंह ने चेतावनी दी कि अगर उनका इस्तीफा स्वीकार नहीं किया गया, तो वे बीजेपी कार्यालय पर ही धरना देंगे। उन्होंने कहा कि वह पार्टी में बिना पद के रहे भी भाजपा के साथ जुड़े रहेंगे और भाजपा के लिए काम करेंगे।
आज़मगढ़। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की नई जिला इकाइयों के ऐलान के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। आज़मगढ़ जिलाध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर पार्टी के अंदर ही विरोध के स्वर उठने लगे हैं। जिससे गुटबाजी खुलकर सामने आ गई है। गुटबाजी का ही असर रहा कि जिला चुनाव अधिकारी के सामने जमकर एक पूर्व जिलाध्यक्ष के पक्ष में नारेबाजी की गई। पूर्व जिलाध्यक्ष के पक्ष में की गई नारेबाजी को पार्टी हाईकमान ने काफी गंभीरता से लिया है । यही नहीं सूत्रों की माने तो पार्टी हाई कमान कार्रवाई के मूड में है।
बताते चले कि रविवार को चुनाव अधिकारी जयपाल जी मस्त और धर्मेंद्र सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष ने आज़मगढ़ और लालगंज के जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा की। जिसमे आज़मगढ़ से ध्रुवकुमार सिंह और लालगंज से विनोद राजभर के नाम की घोषणा हुई । इसी दौरान पार्टी कार्यालय पर एक पूर्व जिलाध्यक्ष के समर्थकों ने नारेबाजी की। इस नारेबाजी से जिला चुनाव अधिकारी और प्रदेश उपाध्यक्ष भी नाराज दिखे। कारण, नाम की घोषणा होने से पहले ही उन्होंने बता दिया गया था कि अगर घोषित जिलाध्यक्ष के नाम से अगर किसी आवेदक या नेता को कोई समस्या हो तो वह सार्वजनिक तरीके से विरोध के बजाय पार्टी के उपयुक्त फोरम पर अपनी बात रखेगा।
आज़मगढ़ में पार्टी में इस गुटबाजी की गूंज प्रदेश मुख्यालय पर भी सुनाई दी। रही सही कसर दूसरे गुट ने पूरी कर दिया। दूसरे गुट ने मोबाइल में कैद किये वीडियो को सबूत के तौर पर शीर्ष नेतृत्व को पकड़ा दिया। पार्टी का शीर्ष नेतृत्व ने इसे गंभीरता से लिया है और कार्रवाई के मूड में है।
पार्टी के सूत्र बता रहे है कि काफी मंथन के बाद पार्टी का शीर्ष नेतृत्व एक पूर्व जिलाध्यक्ष सहित दो लोगों पर कार्रवाई कर सकता है।