खराब वित्तीय स्थिति को देखते हुए पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन ने पहले-पहल 25 नवंबर को अधिकारियों-अभियंताओं की बैठक में विद्युत वितरण क्षेत्र में सुधार के लिए पीपीपी माडल अपनाने के संबंध में विचार-विमर्श किया था।चूंकि हर लिहाज से सबसे ज्यादा खराब स्थिति पूर्वांचल और दक्षिणांचल डिस्कॉम की है इसलिए फिलहाल इन्हें ही पीपीपी माडल पर निजी हाथों में सौंपने का निर्णय प्रबंधन ने किया है। इस संबंध में गुरुवार को शक्तिभवन मुख्यालय में पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई कारपोरेशन के बोर्ड आफ डायरेक्टर की बैठक में आरएफपी को मंजूरी दी गई।
बोर्ड से मंजूरी के बाद गुरुवार दोपहर बाद मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह की अध्यक्षता वाली एनर्जी टास्कफोर्स की लोकभवन में हुई बैठक में भी कुछ संशोधनों के साथ आरएफपी को मंजूरी मिल गई।सूत्र बताते हैं कि जल्द ही मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता वाली कैबिनेट से भी आरएफपी को मंजूर कराने की तैयारी है। जानकारों के मुताबिक कैबिनेट के बाद कारपोरेशन प्रबंधन को आरएफपी पर नियामक आयोग की अनुमति भी लेनी होगी।
]]>गौरतलब है कि यूपी में जीएमआर, पोलरिस इनटैली स्मार्ट व जीनस कंपनी को स्मार्ट प्रीपेड मीटर का काम मिला है। इनमें से दो कंपनियों को नोटिस भेजा गया है। यह खुलासा होने पर उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने कहा है कि परिषद स्मार्ट प्रीपेड मीटर की खराब गुणवत्ता को लेकर लगातार आवाज उठाता रहा है। स्मार्ट प्रीपेड मीटर में चीन निर्मित कंपोनेंट का प्रयोग अधिक है। अब कॉरपोरेशन की तकनीकी जांच में इसका खुलासा हो गया है। घटिया क्वालिटी का मीटर लगने का खामियाजा प्रदेश के उपभोक्ताओं को भुगतना होगा।
उन्होंने मांग की है कि इन कंपनियों के खिलाफ कठोर कदम उठाते हुए इन्हें काली सूची में डाली जाए। अवधेश वर्मा ने कहा है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर में पावर फैक्टर गलत रिकार्ड करना और आरसीटी में तकनीकी खामियां यह बताने के लिए काफी है कि मीटर खराब गुणवत्ता वाले हैं। उन्होंने बताया है कि निदेशक कामर्शियल ने जीएमआर और पोलरिस इनटैली के सीईओ को नोटिस भेजा है।
प्रदेश में इस समय करीब 2.75 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लग गए हैं। अधिकांश मीटर एलाइड इंजीनियरिंग वर्क्स (एईडब्ल्यू) मेक हैं।
ये खामियां
उपभोक्ता परिषद के मुताबिक उपभोक्ताओं के परिसर में लगाए गए स्मार्ट प्रीपेड मीटर की तकनीकी जांच में पावर फैक्टर गलत रिकॉर्ड करना, आरटीसी का दो घंटे में ट्रिप करना, पीटी रिसीवो का गलत फैक्टर बताना प्रमुख है। मीटर में ये खामियां हैं तो आने वाले समय में स्मार्ट प्रीपेड मीटर की रीडिंग भार व टाइम सब गलत रिकॉर्ड करेगा।
]]>लखनऊ। प्रदेश में दीपावली, छठ पूजा को देखते हुए 15 नवंबर तक बिजली कटौती नहीं की जाएगी। इसके लिए सभी अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि उपभोक्ताओं के फोन जरूर उठाएं।
पावर काॅर्पोरेशन के अध्यक्ष डाॅ.आशीष कुमार गोयल ने बताया कि अनुमानित विद्युत मांग के अनुरूप विद्युत उपलब्धता बरकरार है। उपभोक्ताओं की विद्युत आपूर्ति से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी वितरण निगमों में कंट्रोल रूम क्रियाशील किया गया है। काॅर्पोरेशन मुख्यालय में भी कंट्रोल रूम बनाया गया है। यहां वरिष्ठ अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
जहां भी समस्या आएगी, उसका त्वरित निस्तारण किया जाएगा। उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912 पर कटौती संबंधी शिकायतें कर सकते हैं। उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि कटौती किसी भी कीमत पर न की जाए। अप्रत्याशित ब्रेकडाउन होने की दशा में तत्काल पूरी टीम जुट आए और आपूर्ति बहाल कराएं। इसके लिए पर्याप्त संख्या में कर्मियों की व्यवस्था की गई है।
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