रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद में पुलिस व्यवस्था को अधिक जवाबदेह और अनुशासित बनाने के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई करते हुए पवई थाने पर तैनात उपनिरीक्षक (नागरिक पुलिस) ओमप्रकाश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने के भी आदेश दिए गए हैं।
पुलिस विभाग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उपनिरीक्षक ओमप्रकाश मिश्रा के विरुद्ध प्रथम दृष्टया कर्तव्य निर्वहन में घोर लापरवाही, अनुशासनहीनता और स्वेच्छाचारिता के आरोप पाए गए। आरोप है कि थाना पवई पर तैनाती के दौरान उनके पास लंबित कई अभियोगों की विवेचना थी, जिनमें एक गंभीर लूट का मुकदमा भी शामिल था, जिसे बाद में डकैती की धाराओं में परिवर्तित किया गया। इसके बावजूद उच्चाधिकारियों द्वारा कई बार निर्देश दिए जाने पर भी उन्होंने अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए कोई प्रभावी प्रयास नहीं किया और विवेचना के निस्तारण में भी रुचि नहीं दिखाई।
विज्ञप्ति में यह भी उल्लेख किया गया है कि क्षेत्र में भ्रमण, वाहन चेकिंग और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच के दौरान उनका आम नागरिकों के प्रति व्यवहार अमर्यादित और दुर्व्यवहारपूर्ण पाया गया, जिससे पुलिस विभाग की छवि प्रभावित हुई। इसे उनके पदीय दायित्वों के प्रति गंभीर लापरवाही माना गया।
इन आरोपों को गंभीर मानते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने उपनिरीक्षक ओमप्रकाश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
एसएसपी ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट चेतावनी भी दी है कि वे अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, अनुशासन और जिम्मेदारी के साथ करें। कर्तव्य में लापरवाही, अनुशासनहीनता या वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
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रिपोर्ट_______अरुण यादव
आजमगढ़। बाल श्रम उन्मूलन अभियान के तहत गुरुवार को मुबारकपुर कस्बे में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (एएचटी) थाना और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न प्रतिष्ठानों पर सघन जांच अभियान चलाया। कार्रवाई के दौरान मिठाई की दुकानों और रेस्टोरेंटों में 08 बाल श्रमिक कार्य करते मिले। इसके बाद संबंधित प्रतिष्ठानों के संचालकों को श्रम विभाग ने नोटिस जारी किया, जबकि बच्चों के परिजनों को भविष्य में बाल श्रम न कराने की चेतावनी देकर जागरूक किया गया।
यह अभियान निदेशक, मुख्यालय महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के निर्देशन तथा अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात)/नोडल अधिकारी एएचटी के पर्यवेक्षण में चलाया गया।
संयुक्त टीम ने मुबारकपुर कस्बे और बाजार क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों की जांच की। जांच के दौरान मिले बाल श्रमिकों के परिजनों को मौके पर बुलाया गया और बच्चों से मजदूरी न कराने के लिए समझाइश दी गई। वहीं, संबंधित सेवायोजकों के खिलाफ श्रम विभाग ने नियमानुसार नोटिस जारी करते हुए भविष्य में नियमों का पालन करने के निर्देश दिए। वहीं अभियान के दौरान टीम ने दुकानदारों और आमजन को बाल श्रम के दुष्परिणामों से अवगत कराया। मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंट, ढाबों, बेकरी, ऑटोमोबाइल दुकानों और गैराज सहित सार्वजनिक स्थानों पर जागरूकता पोस्टर भी लगाए गए। साथ ही लोगों को 108, 112, 1090, 1930, 1098, 1076 और 181 सहित विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देकर किसी भी प्रकार के बाल श्रम या बाल शोषण की सूचना तत्काल देने की अपील की गई। अभियान में प्रभारी निरीक्षक अभयराज मिश्र (थाना एएचटी), श्रम प्रवर्तन अधिकारी नजरे आलम, रोहित प्रताप, मुख्य आरक्षी रामजनम यादव तथा महिला आरक्षी पूनम द्विवेदी शामिल रहे।
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रिपोर्ट_____SP त्रिपाठी
आजमगढ़। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने पदीय दायित्वों के निर्वहन में घोर लापरवाही, उदासीनता, अनुशासनहीनता तथा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना के आरोप में मेहनगर थानाध्यक्ष निहार नंदन को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं।
निलंबन के बाद उपनिरीक्षक अभिराज को मेहनगर थाने का नया थानाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
पुलिस विभाग के अनुसार निहार नंदन पर पॉक्सो, हत्या और गैंगस्टर अधिनियम से जुड़े मामलों में वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी में शिथिलता बरतने, जनसुनवाई एवं जनशिकायतों के समयबद्ध निस्तारण में लापरवाही करने सहित कई गंभीर आरोप पाए गए। इन अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी ने यह अनुशासनात्मक कार्रवाई की।
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने जनपद के सभी पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि वे अपने दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता अथवा उच्चाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना पाए जाने पर नियमानुसार कड़ी विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद में पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार लगातार पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों के कार्यों की समीक्षा कर रहे हैं। इसी क्रम में कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही और अनुशासनहीनता पाए जाने पर एक उपनिरीक्षक और एक मुख्य आरक्षी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
पुलिस विभाग से जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, थाना जीयनपुर में तैनात उपनिरीक्षक गोपाल प्रसाद मौर्य ने एक विवेचना के दौरान बिना उच्चाधिकारियों को अवगत कराए गंभीर धाराओं में परिवर्तन कर दिया। इसे विवेचना में घोर लापरवाही और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना माना गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।
वहीं थाना सिधारी में तैनात मुख्य आरक्षी अखिलेश कुमार पर ड्यूटी के दौरान स्वेच्छाचारिता, अनुशासनहीनता और पदीय दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने का आरोप सिद्ध होने पर उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।
एसएसपी डॉ. अनिल कुमार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जनपद के सभी पुलिस अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, मनमानी या अनुशासनहीनता पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के विरुद्ध कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग ने कहा है कि आजमगढ़ पुलिस कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा और अनुशासित पुलिसिंग के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा विभाग में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
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रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जिले में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को और तेज करते हुए आजमगढ़ पुलिस ने “पुलिस की दस्तक, अपराधी के घर तक” अभियान शुरू किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में जनपद के चिन्हित हिस्ट्रीशीटरों की सघन निगरानी और सत्यापन कराया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य अपराधियों पर प्रभावी नजर रखना, अपराध की पुनरावृत्ति रोकना और आमजन में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना है। इस अभियान के तहत जिले में 46 पुलिस टीमों का गठन किया गया है। ये टीमें अपने-अपने थाना क्षेत्रों में हिस्ट्रीशीटरों के घर पहुंचकर उनकी वर्तमान गतिविधियों का सत्यापन कर रही हैं। साथ ही उन्हें भविष्य में किसी भी प्रकार की आपराधिक गतिविधि से दूर रहने की सख्त चेतावनी दी जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई हिस्ट्रीशीटर दोबारा अपराध में संलिप्त पाया गया तो उसके खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के अनुसार नगर सर्किल में कुल 335 हिस्ट्रीशीटर चिन्हित हैं। इनमें कोतवाली थाना क्षेत्र के 106, सिधारी के 87, रानी की सराय के 80 तथा कंधरापुर थाना क्षेत्र के 62 हिस्ट्रीशीटर शामिल हैं। सभी के विरुद्ध निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लगातार निगरानी और सत्यापन की कार्रवाई की जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के जरिए पुलिस अपराधियों में कानून का भय पैदा करने और कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने का प्रयास कर रही है। पुलिस का कहना है कि जनपद में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत अपराध और अपराधियों के खिलाफ ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
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रिपोर्ट______अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद में पुलिस विभाग में अनुशासन और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए यूपी डायल-112 के दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। दोनों पर पीआरवी वाहन के दुर्घटनाग्रस्त होने की सूचना कंट्रोल रूम और वरिष्ठ अधिकारियों से छिपाने का आरोप है।
पुलिस विभाग की समीक्षा के दौरान सामने आया कि थाना जहानागंज क्षेत्र में तैनात डायल-112 पीआरवी पर नियुक्त मुख्य आरक्षी बृजलाल पटेल और आरक्षी कमलेश कुमार गौड़ ने 5 जुलाई 2026 को हुई एक दुर्घटना की जानकारी छिपाई। आरोप है कि पीआरवी चालक होमगार्ड राधेश्याम द्वारा वाहन को लापरवाही से चलाने के दौरान वह दीवार से टकराकर क्षतिग्रस्त हो गया, लेकिन इसकी सूचना न तो कंट्रोल रूम को दी गई और न ही संबंधित प्रभारी अधिकारी को अवगत कराया गया।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने दोनों पुलिसकर्मियों के विरुद्ध उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की दंड एवं अपील नियमावली-1991 के तहत विभागीय जांच संस्थित करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि जनपद के सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें। उन्होंने कहा कि कर्तव्य पालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही, अनुशासनहीनता या गैर-जिम्मेदाराना आचरण पाए जाने पर कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस विभाग ने दोहराया कि आजमगढ़ पुलिस कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा और अनुशासित पुलिसिंग के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है तथा ड्यूटी में किसी भी प्रकार की शिथिलता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद में कानून-व्यवस्था को और अधिक प्रभावी, चुस्त-दुरुस्त एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. अनिल कुमार ने बुधवार को पुलिस महकमे में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। जनहित एवं प्रशासनिक आवश्यकताओं के दृष्टिगत जारी स्थानांतरण आदेश के तहत 11 निरीक्षक एवं उपनिरीक्षकों का तत्काल प्रभाव से तबादला किया गया है। सभी अधिकारियों को अपने नवीन तैनाती स्थल पर तत्काल कार्यभार ग्रहण करने के निर्देश दिए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार प्रभारी निरीक्षक जीयनपुर विनय कुमार सिंह को प्रभारी निरीक्षक सिधारी बनाया गया है, जबकि प्रभारी निरीक्षक सिधारी राजीव कुमार मिश्र का स्थानांतरण जन शिकायत प्रकोष्ठ में किया गया है। वहीं पुलिस लाइन में तैनात निरीक्षक संजय कुमार सिंह को प्रभारी निरीक्षक जीयनपुर की जिम्मेदारी सौंपी गई है। थाना स्तर पर भी महत्वपूर्ण बदलाव किए गए हैं। उपनिरीक्षक चन्द्रदीप कुमार को थानाध्यक्ष तरवां से थानाध्यक्ष बरदह तथा उपनिरीक्षक राजीव कुमार सिंह को थानाध्यक्ष बरदह से थानाध्यक्ष तरवां भेजा गया है। इसी क्रम में प्रभारी निरीक्षक देवगांव विमल प्रकाश राय को प्रभारी निरीक्षक रानी की सराय बनाया गया है, जबकि उपनिरीक्षक सुनील कुमार सिंह को थानाध्यक्ष रानी की सराय से थानाध्यक्ष देवगांव स्थानांतरित किया गया है। इसके अलावा प्रभारी निरीक्षक महराजगंज अनुराग कुमार को प्रभारी निरीक्षक कप्तानगंज की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं उपनिरीक्षक जय प्रकाश को थानाध्यक्ष कप्तानगंज से थानाध्यक्ष महराजगंज भेजा गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के पीआरओ के रूप में कार्यरत उपनिरीक्षक मनीष पाल को थानाध्यक्ष पवई नियुक्त किया गया है। वहीं प्रभारी निरीक्षक पवई राकेश कुमार सिंह का स्थानांतरण क्राइम ब्रांच में किया गया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार यह स्थानांतरण जनहित, प्रशासनिक आवश्यकताओं एवं कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से किया गया है। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे तत्काल अपने नए तैनाती स्थल पर कार्यभार ग्रहण कर आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करें। जिले में हुए इस व्यापक प्रशासनिक फेरबदल को पुलिस व्यवस्था में नई ऊर्जा, बेहतर कार्यकुशलता तथा अपराध नियंत्रण को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्थानांतरण सूची जारी होने के बाद दिनभर पुलिस महकमे एवं प्रशासनिक गलियारों में इसकी चर्चा होती रही।
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रिपोर्ट______राजू कुमार
आजमगढ़। जिले के अतरौलिया थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप के पास हुई कथित लूट की घटना को लेकर फैली सनसनी पर पुलिस ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि लूट की सूचना पूरी तरह निराधार और भ्रामक साबित हुई है। जांच में कहीं भी लूटपाट की घटना सामने नहीं आई। एसपी ग्रामीण ने बताया कि अतरौलिया क्षेत्र स्थित एक पेट्रोल पंप के समीप लूट की सूचना मिलने पर तत्काल पीआरबी और स्थानीय पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया। पुलिस ने घटनास्थल पर मौजूद लोगों से पूछताछ की तथा पेट्रोल पंप पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की गहनता से जांच की। जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि मौके पर कुछ युवकों के बीच पानी पीने को लेकर कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच हल्की मारपीट हो गई। हालांकि जांच में किसी भी व्यक्ति के साथ लूटपाट या सामान छीनने जैसी घटना की पुष्टि नहीं हुई।एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान के आधार पर स्पष्ट हो गया है कि लूट की सूचना गलत थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है तथा अफवाह फैलाने वालों पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी घटना की अपुष्ट जानकारी सोशल मीडिया पर साझा करने से बचें और तथ्यात्मक जानकारी के लिए पुलिस के आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें।
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