इस महाअभियान में 3869 बीएलओ और 392 सुपरवाइजरों की टीम ने घर–घर जाकर दो प्रतियों में गणना प्रपत्र बांटे, भरवाए और फिर डिजिटाइजेशन तक पूरी प्रक्रिया को युद्धस्तर पर पूरा कराया। जिले में कुल पंजीकृत मतदाता 37,14,258 हैं, जिनमें से विशेष पुनरीक्षण के दौरान 6,13,389 मतदाता नहीं मिले। इनमें 1,00,972 मृतक, 1,54,461 विलुप्त, 2,61,438 बाहर चले गए, 44,672 दोहरी प्रविष्टि और 51,846 अन्य श्रेणी के मतदाता शामिल हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने आदेश दिया है कि जिन बूथों पर गणना प्रपत्र कम जमा हुए हैं, वहां दोबारा वेरीफिकेशन कराया जाएगा। यदि गायब मतदाताओं के बारे में सही जानकारी मिलती है तो उन्हें फिर से सूची में जोड़ा जा सकता है।
सहायक निर्वाचन अधिकारी ब्रजेश श्रीवास्तव ने बताया कि जिले में एसआईआर का काम पूरा हो गया है। बीएलओ, एआरओ, नायब तहसीलदार और कानूनगो आदि जांच कर रहे हैं। कम होने वाले मतदाताओं के बारे में सही जानकारी 11 दिसंबर के बाद मिलेगी।
]]>