रिपोर्ट: अरुण यादव
आज़मगढ़। जिले के साइबर थाना की पुलिस ने राजभवन का फर्जी सिक्रेटरी हर्षवर्धन सिंह राठौर (IAS) बनकर उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों के ग्राम प्रधानों से ऑनलाइन लाखों रुपये ऐंठने वाले शातिर युवक पंकज यादव को रानी की सराय सेमरहा अण्डर पास के पास सर्विस लेन से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से पुलिस ने नकदी व मोबाइल फोन बरामद किया है।
एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने बताया कि करीब नौ माह पहले मुबारकपुर थाना के गोछा गांव निवासी
प्रधानपति मोहम्मद आरिफ ने तहरीर दिया गया कि उनके साथ फर्जी राजभवन का सेक्रेटरी र हर्षवर्धन सिंह राठौर (IAS) बनकर एक व्यक्ति द्वारा 826995/- रुपये का फ्राड कर लिया गया है। जिसके आधार पर पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया । दौरान विवेचना पंकज यादव पुत्र रामलखन यादव पुत्र रामलखन यादव निवासी 35 रामसनेही घाट नाथूपुर सूरजपुर थाना असन्द्रा बाराबंकी का नाम प्रकाश में आया। पंकज कि गिरफ्तारी के लिए पुलिस ने घर पर दबिश दिया। तो वह विभिन्न राज्यों में जगह बदल-बदल कर रहने लगा। यही नहीं इस शातिर ने पुलिस के डर से अपने मर जाने की सूचना फैलाई व मृतक अवस्था की फोटो खिंचवाकर गांव घर व जानने पहचानने वालो के साथ साथ पुलिस को भी भेजवा दिया। लेकिन पुलिस ने विवेचन जारी रखी और आरोपी को रविवार को पुलिस ने रानी की सराय सेमरहा अण्डर पास के पास सर्विस लेन से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दो मोबाइल फोन, 32 सौ रुपया नकदी बरामद किया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि इन्टरनेट से NIC के वेबसाइट से ग्राम प्रधानों व पूर्व प्रधानों की सूची निकालकर उनसे सम्पर्क करता था। जनसूचना अधिकारी व सचिवालय अधिकारी व राजभवन का फर्जी सेक्रेटरी हर्षवर्धन सिंह राठौर (IAS) बनकर उनको कॉल करता था। तथा उनके खिलाफ भ्रष्ट्राचार व जांच आदि के आरोप लगाकर डरा धमकाकर उनसे अपने खाते तथा बताये गये जनसेवा केंद्र के खातों में पैसा मंगा लेता था। । वर्ष 2024 जून में इसने इसी प्रकार फर्जी राजभवन का सेक्रेटरी बनकर आजमगढ़ के ग्राम गोछा के प्रधान आरिफ खान को फोन किया व बताया कि आपके गांव के कई लोगों द्वारा आपकी शिकायत की गयी है जिसकी जांच हो रही है । प्रधान द्वारा बताया गया कि आप आकर जांच कर लिजिए तो मैने बाद मे उसको बताया कि आप सही हो सकते हो लेकिन आपके निधि मे धनराशी कम है । आपके खाते मे कुल पैतालीस लाख, बयालीस लाख नब्बे हजार व पन्द्रह लाख चालीस हजार भेजे जा रहे है तथा मैने सरकारी टैक्स के नाम पर गुमराह कर फर्जी तरीके से उनसे अपने बैंक खाते में 826995/- रुपये जमा करा लिए | इस तरह से कई प्रधानो के साथ आरोपी ने ठगी को अंजाम दिया।
