रिपोर्ट_____अरुण यादव

आजमगढ़। गोरखपुर-फैजाबाद खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में शिक्षक मतदाता सूची की जांच को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। प्रत्याशी अजय सिंह ने आरोप लगाया है कि मतदाता सूची की जांच के नाम पर विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को फोन कर पिछले तीन वर्षों के अभिलेखों के साथ कार्यालय बुलाया जा रहा है। उन्होंने इस मामले में मुख्य निर्वाचन आयुक्त, मुख्य निर्वाचन अधिकारी उत्तर प्रदेश, रिटर्निंग ऑफिसर समेत संबंधित अधिकारियों को शिकायत भेजकर हस्तक्षेप और उचित कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के मुताबिक, गोरखपुर के जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में कार्यरत दिनेश मौर्य और वरिष्ठ सहायक लिपिक मोइनुद्दीन की ओर से 19 अक्टूबर 2026 से विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधकों एवं प्रधानाचार्यों को फोन किए गए। आरोप है कि उन्हें शिक्षक मतदाता सूची में शामिल शिक्षकों की पिछले तीन वर्षों की उपस्थिति पंजिका, वेतन भुगतान से संबंधित अभिलेख और अन्य दस्तावेज लेकर कार्यालय में उपस्थित होने को कहा गया।

जिलाधिकारी और सीडीओ के निर्देशों का दिया गया हवाला

अजय सिंह का आरोप है कि फोन करने वाले कर्मचारियों ने इस कार्रवाई के लिए जिलाधिकारी और मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशों का हवाला दिया। हालांकि, प्रत्याशी ने सवाल उठाया है कि जब मतदाता सूची में दावे-आपत्तियां दाखिल करने और प्रपत्र-7 भरने की निर्धारित समय-सीमा समाप्त हो चुकी है तथा अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन भी हो चुका है, तो मतदान से महज दो दिन पहले इस तरह की जांच क्यों कराई जा रही है।

बिना लिखित आदेश विद्यालयों को बुलाने पर उठाए सवाल

प्रत्याशी ने शिकायत में कहा है कि बिना लिखित आदेश के विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों को अभिलेखों के साथ बुलाया जाना निर्वाचन प्रक्रिया की निष्पक्षता को लेकर सवाल खड़े करता है। उनका दावा है कि इस तरह की कार्रवाई से शिक्षक मतदाताओं के बीच भय और असमंजस की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने इसे संभावित चुनावी कदाचार से जुड़ा मामला बताते हुए निर्वाचन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर चिंता जताई है।

जांच कर कार्रवाई की मांग

अजय सिंह ने निर्वाचन आयोग और संबंधित अधिकारियों से पूरे प्रकरण का संज्ञान लेने, कथित मौखिक जांच पर रोक लगाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की अनियमितता सामने आती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

प्रत्याशी ने स्वतंत्र, निष्पक्ष और भयमुक्त चुनाव सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि निर्वाचन प्रक्रिया के दौरान किसी भी ऐसी गतिविधि पर ध्यान देना जरूरी है, जिससे मतदाताओं या विद्यालय प्रबंधन के बीच अनावश्यक दबाव अथवा भ्रम की स्थिति उत्पन्न होने की आशंका हो। फिलहाल, यह पूरा मामला प्रत्याशी अजय सिंह की ओर से लगाए गए आरोपों और उनके द्वारा भेजी गई शिकायत पर आधारित है। संबंधित अधिकारियों का पक्ष और शिकायत पर हुई कार्रवाई की जानकारी सामने आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।