आज़मगढ़। निदेशक, मुख्यालय महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन, उ०प्र० लखनऊ के निर्देशन में बाल श्रम, बाल भिक्षावृत्ति की रोकथाम और बंधुआ मजदूरों को मुक्त कराने के अभियान के तहत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ के कुशल नेतृत्व में एवं नोडल अधिकारी थाना ए.एच.टी. अपर पुलिस अधीक्षक यातायात के पर्यवेक्षण में थाना एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग और श्रम विभाग की संयुक्त टीम ने मुबारकपुर थाना क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों, मिठाई की दुकानों, ढ़ाबों/रेस्टोरेंट, ऑटोमोबाइल की दुकानों और गैराजों पर सघन चेकिंग की।
अभियान के दौरान कुल 11 बाल श्रमिक कार्यरत पाए गए। मौके पर बच्चों को उनके परिजनों के सुपुर्द कर चेतावनी दी गई तथा हिदायत दी गई कि भविष्य में बच्चों को श्रम में न लगाया जाए। साथ ही, संबंधित प्रतिष्ठानों के सेवायोजकों के विरुद्ध श्रम विभाग द्वारा अधिनियम के उल्लंघन पर नियमानुसार नोटिस जारी किया गया।
संयुक्त टीम ने दुकानदारों और आम जनता को बाल श्रम न कराने के प्रति जागरूक किया। मिठाई की दुकानों, रेस्टोरेंट, ढ़ाबों, ब्रेकरी, ऑटोमोबाइल की दुकानों और गैराजों पर पोस्टर चस्पा कर, इमरजेंसी सहायता हेतु शासन एवं प्रशासन द्वारा जारी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 108, 112, 1090, 1930, 1098, 1076, 181 आदि की जानकारी दी गई।
अभियान में सम्मिलित अधिकारी/कर्मचारी में विशाल श्रीवास्तव, रोहित प्रताप, अभयराज मिश्रा, प्रेमशंकर मिश्र, भाईलाल सोनकर, सुप्रिया पाल और विनोद कुमार शामिल रहे।
