आजमगढ़। मण्डलायुक्त विवेक ने बुधवार देर शाम मंडल कार्यालय सभागार में निर्माण कार्यों, राजस्व वसूली और स्थानीय निकायों के कामकाज की गहन समीक्षा बैठक की। बैठक में जनपद आजमगढ़, मऊ और बलिया के अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

निर्माणाधीन परियोजनाएं और धनाभाव की चुनौतियां

मण्डलायुक्त ने समीक्षा के दौरान पाया कि एक करोड़ या उससे अधिक लागत वाली कई परियोजनाएं धनाभाव के कारण अधूरी हैं। उन्होंने कार्यदायी संस्थाओं को निर्देश दिया कि जहां धन की आवश्यकता है, वहां बजट आवंटन प्राथमिकता पर कराया जाए। उन्होंने  कहा कि परियोजनाओं का कार्य बाधित नहीं होना चाहिए, जिम्मेदार अफसर स्वयं मौके पर जाएं और प्रगति सुनिश्चित करें।

उन्होंने यह भी बताया कि विद्युतीकरण के अभाव में कई पूरी हो चुकी परियोजनाएं हैंडओवर नहीं हो पा रही हैं, जिसे जल्द निस्तारित करने के लिए मुख्य अभियंता विद्युत को निर्देशित किया गया।

जल निगम-ग्रामीण पर भारी नाराजगी

65 परियोजनाएं, जिनमें धनराशि खर्च हो चुकी है, लेकिन भौतिक प्रगति शून्य दर्शाई गई है। इस पर मण्डलायुक्त ने अधीक्षण अभियंता, जल निगम-ग्रामीण की लापरवाही को गंभीर मानते हुए वेतन रोकने और स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया।  मंडलायुक्त ने कहा कि इस तरह की गड़बड़ियां जनपद और मण्डल की रैंकिंग को खराब करती हैं। ।

बलिया में पर्यटन कार्यों पर सवाल

बलिया जनपद में उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की परियोजनाओं की स्थिति बेहद खराब पाई गई। इस पर उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिया कि वे कार्यों की जांच कराएं और संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई हेतु शासन को रिपोर्ट भेजें।

ड्रेनेज मण्डल बलिया की रिपोर्ट पर भी उठे सवाल

कई योजनाओं में बजट से बहुत कम धनराशि प्राप्त होने के बावजूद अत्यधिक भौतिक प्रगति दिखाई गई। इससे स्पष्ट हुआ कि पोर्टल पर अद्यतन जानकारी नहीं दी गई। इस पर मण्डलायुक्त ने ड्रेनेज मण्डल के अधीक्षण अभियंता से स्पष्टीकरण तलब किया।

राजस्व वादों के निस्तारण में अनियमितताएं

मेहनगर तहसील में निरीक्षण के दौरान पाया गया कि कई राजस्व वादों में अनावश्यक रूप से लंबी तारीखें दी जा रही हैं और कई वाद RCCMS पोर्टल पर दर्ज नहीं हैं। मंडलायुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसी लापरवाही अस्वीकार्य है, सभी वाद 15 दिन के भीतर पोर्टल पर दर्ज हों। उन्होंने तीनों जनपदों के एडीएम को नोडल अधिकारी नामित करते हुए वादों की ऑनलाइन एंट्री सुनिश्चित कराने का आदेश दिया।

नगर निकायों में स्वच्छता और जल परीक्षण पर सख्त निर्देश

मण्डलायुक्त ने नगर पंचायतों और पालिकाओं की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देते हुए कहा कि जल निगम की टीमों से वाटर टेस्टिंग कराई जाए। उन्होंने ककह कि बरसात के मौसम में साफ-सफाई, जल निकासी और पीने के पानी की व्यवस्था सुदृढ़ होनी चाहिए।

मुबारकपुर नगर पालिका की सफाई व्यवस्था अत्यंत खराब पाए जाने पर उन्होंने संबंधित ईओ को फटकार लगाई और सफाई अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने कहा कि हैंडपंपों की मरम्मत, नाला सफाई, और शौचालयों की स्थिति पर नियमित निगरानी की जाए।

जनप्रतिनिधियों से सामंजस्य बनाकर कार्य करें

मण्डलायुक्त ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे नगर निकायों के अध्यक्षों और सदस्यों से सामंजस्यपूर्ण संबंध बनाए रखें ताकि योजनाओं का क्रियान्वयन बेहतर हो सके।