आजमगढ़। महाराजा सुहेलदेव विश्वविद्यालय परिसर के न्यू सेमिनार हॉल में पूर्वांचल का साहित्यिक एवं सांस्कृतिक अवदान विषय पर अंतरराष्ट्रीय हिंदी संगोष्ठी का आयोजन हुआ, कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने की जबकि मुख्य अतिथि अमेरिका से डॉ. मीरा सिंह रहीं, साथ ही डॉ. शिवकुमार निगम, प्रो. दीपक त्यागी, प्रो. प्रभाकर सिंह सहित अनेक शिक्षकों ने भाग लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की वंदना व दीप प्रज्वलन से हुआ, छात्रा सुषमा पांडे ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बनाया, अपने संबोधन में कुलपति प्रो. संजीव कुमार ने कहा कि हिंदी विश्व में तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है और इसे दूसरी भाषा बनाने के लिए प्रयास आवश्यक है, उन्होंने बताया कि विदेश यात्राओं में गल्फ देशों, नेपाल आदि में हिंदी बोलने वालों की संख्या अधिक है, हिंदी को सशक्त बनाने के लिए स्थानीय भाषाओं का सम्मान जरूरी है,
मुख्य अतिथि डॉ. मीरा सिंह ने आजमगढ़ की सांस्कृतिक ऊर्जा की सराहना करते हुए हिंदी को रोजगारपरक भाषा बताया, प्रो. दीपक त्यागी ने आजमगढ़ की साहित्यिक परंपरा, भक्ति आंदोलन और स्वतंत्रता संग्राम में योगदान का उल्लेख किया, प्रो. प्रभाकर सिंह ने पूर्वांचल की ईमानदारी व राष्ट्रवादी विचारधारा को हिंदी की ताकत बताया, उन्होंने हरिऔध, राहुल, कैफ़ी आज़मी जैसे साहित्यकारों के योगदान का हवाला दिया।
अंत में कुल सचिव डॉ. अंजनी मिश्रा एवं आयोजन समिति ने सभी अतिथियों का धन्यवाद किया, कार्यक्रम का संचालन डॉ. निधि सिंह ने किया, इसमें प्रो. गीता, प्रो. हसीन खान, प्रो. अखिलेश, डॉ. नीतू, डॉ. अतुल, डॉ. जयप्रकाश, डॉ. अवनीश, वैशाली, डॉ. प्रियंका सहित कई शिक्षक और छात्र उपस्थित रहे।
