आज़मगढ़। शहर कोतवाली क्षेत्र के आहोपट्टी गांव में एक वरिष्ठ राजनीतिक नेता के निधन के बाद घर में वसीयत को लेकर विवाद खड़ा हो गया। तीन बेटों के बीच संपत्ति के बंटवारे को लेकर कहा-सुनी इतनी बढ़ी कि मामला पुलिस तक जा पहुंचा। एक बेटे ने पिता की मौत को संदिग्ध बताते हुए पोस्टमॉर्टम कराने की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया।
मिली जानकारी के अनुसार, नगर कोतवाली क्षेत्र के आहोपट्टी गांव निवासी कांग्रेस नेता रामप्रताप यादव 73 वर्ष का बुधवार को निधन हो गया। निधन के बाद उनकी वसीयत को लेकर परिवार में विवाद शुरू हो गया। बताया जा रहा है कि उन्होंने अपने एक बेटे राजेश यादव के नाम पूरी संपत्ति वसीयत की थी। इस बात की जानकारी मिलने पर बाकी दोनों बेटे रविंद्र यादव और संतोष यादव विरोध करने लगे।
बुधवार की सुबह निधन के बाद घर पर पंचायत बुलाई गई थी, लेकिन बात बनने से पहले ही रविंद्र यादव ने भाई राजेश यादव पर पिता की हत्या का आरोप लगा दिया। इसके बाद घर में गाली-गलौज और हंगामा शुरू हो गया।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। विवाद को देखते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया तथा तीनों भाइयों को कोतवाली बुलाकर पूछताछ की।
कोतवाली प्रभारी यादवेंद्र पांडेय ने बताया कि एक बेटे द्वारा हत्या का आरोप लगाए जाने के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
