आजमगढ़। जिले के रौनापार थाना क्षेत्र में समाजवादी पार्टी के सगड़ी से विधायक डॉ. हृदय नारायण सिंह पटेल और नैनीजोर निवासी दीपक गुप्ता के बीच विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। मामले की जांच पुलिस कर रही है।
मिली जानकारी के अनुसार, दीपक गुप्ता ने रौनापार थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया कि 31 दिसंबर 2025 को विधायक के कथित गुर्गे अखिलेश यादव ने उन्हें घर में घुसकर जान से मारने की धमकी दी। दीपक ने यह भी कहा कि उनके पास कॉल रिकॉर्डिंग और स्क्रीनशॉट मौजूद हैं, जिसमें जातीय टिप्पणी भी शामिल है। उन्होंने बताया कि यह सब विधायक हृदय नारायण पटेल के इशारे पर हो रहा है, जिससे वे भयभीत हैं। पुलिस ने 5 जनवरी को मामले में अखिलेश यादव के खिलाफ प्राथमिकी पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।
वहीं, विधायक पक्ष की ओर से विधानसभा सगड़ी समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष जगदीश यादव ने दीपक गुप्ता पर सोशल मीडिया के माध्यम से अपमानजनक और मानहानिकारक बयान देने का आरोप लगाया। तहरीर में कहा गया कि दीपक ने विधायक को शिखंडियों की फौज जैसे अपमानजनक शब्दों से संबोधित किया, विधानसभा में जनसमस्याओं को उठाने को रवड़ी रोना बताया, और उन्हें कायर व प्रभावहीन बताते हुए थाने से भागने का आरोप लगाया। इसके आधार पर 3 जनवरी को थानाध्यक्ष मंतोष सिंह ने दीपक गुप्ता के खिलाफ मुकदमा पंजीकृत किया।
थानाध्यक्ष मंतोष सिंह ने बताया, कि दोनों पक्षों की ओर से तहरीर मिली थी। मुकदमा लिखा गया है, जांच की जा रही है।
विधायक प्रतिनिधि मनोज राजभर ने कहा, दीपक गुप्ता की ओर से सोशल मीडिया पर विधायक के खिलाफ अपमानजनक वीडियो पोस्ट किया गया। दीपक को किस अखिलेश यादव ने धमकी दी, इसकी जानकारी मुझे नहीं है। अखिलेश नाम के कई लोग हैं।
