रिपोर्ट___आशीष कुमार निषाद                              अतरौलिया । स्थानीय क्षेत्र के बसहिया स्थित भारत गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश व्याप्त है। बुधवार को चिलचिलाती धूप और लू के बीच गैस न मिलने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने एजेंसी गोदाम पर जमकर प्रदर्शन किया। उपभोक्ताओं का आरोप है कि तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर उन्हें घंटों परेशान किया जा रहा है क्षेत्र के विभिन्न गांवों से आए उपभोक्ताओं ने बताया कि वे सुबह 8:00 बजे से ही लाइन में लग गए थे। भीषण गर्मी में घंटों इंतजार करने के बाद जब दोपहर 12:00 बजे एजेंसी के जिम्मेदार लोग पहुंचे, तो उन्होंने ‘प्रिंटर खराब’ होने की बात कहकर वितरण रोक दिया। इससे गुस्साए लोगों ने एजेंसी परिसर में हंगामा शुरू कर दिया।                         *उपभोक्ताओं की जुबानी, अव्यवस्था की कहानी:*।       ममता (पलया करौदी): “हम सुबह 8:00 बजे से लाइन में लगे हैं। अब बहाना बनाया जा रहा है कि मशीन खराब है। केवाईसी के बाद हमें यहाँ भेजा गया था, लेकिन अब सिलेंडर देने से मना कर रहे हैं।” सुनीता (एदिलपुर): “9:00 बजे से 12:30 बज गए हैं, धूप में सब परेशान हैं। सरकार कहती है गैस पर्याप्त है, लेकिन यहाँ घंटों खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है।”रोशन (अतरौलिया): “मेरे घर में शादी है, लेकिन तीन दिनों से चक्कर काट रहा हूँ। परसों 200 लोगों की लाइन थी, लेकिन 100 लोगों को देकर कह दिया गया कि स्टॉक खत्म है। दुकानदार आदमी कहाँ तक परेशान हो?” विश्वदीप कुमार (अतरौलिया): “सरकार की एडवाइजरी है कि धूप में न निकलें, फिर भी हम 9:00 बजे से खड़े हैं। अधिकारी 12:00 बजे आए और कह रहे हैं प्रिंटर खराब है। मेरी 18 तारीख की बुकिंग है, यह चौथी बार है जब मैं लौट रहा हूँ।” पिंकी (गोरथानी): “पांच दिनों से छोटे बच्चों को घर पर भूखा छोड़कर सुबह 6:00 बजे से यहाँ खड़ी रहती हूँ। बच्चे स्कूल कैसे जाएंगे और खाना कैसे बनेगा? प्रशासन को हमारी सुध लेनी चाहिए।” उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि गोदाम परिसर में न तो छाया की व्यवस्था है और न ही पीने के लिए शुद्ध पानी की। भीषण गर्मी और लू के बीच बुजुर्ग और महिलाएं बिना किसी सुविधा के खुले आसमान के नीचे खड़े होने को मजबूर हैं। सरकार के ‘होम डिलीवरी’ के दावों के उलट उपभोक्ताओं को गैस के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने मांग की है कि गैस वितरण प्रणाली को सुधारा जाए और प्रिंटर जैसी तकनीकी समस्याओं का तत्काल समाधान कर उपभोक्ताओं को राहत दी जाए। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही व्यवस्था ठीक नहीं हुई तो वे उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाएंगे। इस संदर्भ में गैस एजेंसी के मैनेजर रामकेश यादव से संपर्क साधा गया तो मोबाइल स्विच ऑफ रही।