
रिपोर्ट__अरुण यादव
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में कानून व्यवस्था को चुनौती देने वाले अपराधियों के खिलाफ पुलिस का ‘ऑपरेशन क्लीन’ लगातार जारी है। इसी क्रम में, थाना जीयनपुर पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए अजमतगढ़ कस्बे में हुई सनसनीखेज हत्या के मुख्य आरोपी को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस और बदमाशों के बीच हुई इस मुठभेड़ में आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मामूली विवाद ने लिया था खूनी मोड़
घटना का आगाज़ 28 अप्रैल 2026 की रात को हुआ था। गोरखपुर जिले के बड़हलगंज निवासी राजेश निषाद के परिवार से एक बारात आजमगढ़ के अजमतगढ़ कस्बे में आई थी। शादी के जश्न के माहौल के बीच कूलर की हवा की दिशा बदलने को लेकर बारातियों और स्थानीय कुछ युवकों के बीच कहासुनी शुरू हुई।
देखते ही देखते यह मामूली विवाद हिंसक झड़प में बदल गया आरोप है कि नीरज निषाद और उसके अन्य साथियों ने मिलकर धारदार चाकू और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में चाकू लगने से एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया था और पुलिस ने तत्काल 09 नामजद अभियुक्तों के खिलाफ हत्या और बलवा सहित विभिन्न धाराओं (BNS) में मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी थी।
देर रात मुठभेड़: पुलिस पर की फायरिंग
30 अप्रैल 2026 की रात को प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह अपनी टीम के साथ वांछित अभियुक्तों की धरपकड़ हेतु गश्त पर थे। इसी बीच मुखबिर से सटीक सूचना मिली कि हत्या की घटना में शामिल मुख्य आरोपी नीरज निषाद अपने दो साथियों के साथ बासूपार-घड़सरा मार्ग से होते हुए भागने की फिराक में है।
पुलिस टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए घेराबंदी की। जब संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया, तो उन्होंने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें मुख्य अभियुक्त नीरज निषाद (18 वर्ष) के दाहिने पैर में गोली लगी और वह गिर पड़ा। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर उसके दो अन्य साथी, आशीष निषाद और सोनू निषाद, मौके से फरार होने में सफल रहे।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने घायल अभियुक्त के पास से एक अदद अवैध तमंचा (.315 बोर ,एक अदद जिंदा कारतूस एक अदद खोखा कारतूस बरामद हुआ है मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ हत्या के पुराने मामले के साथ-साथ पुलिस पर हमला करने (धारा 109(1) BNS) और आर्म्स एक्ट के तहत नया मामला भी दर्ज किया है।
पुलिस टीम की सराहना
इस चुनौतीपूर्ण कार्रवाई को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक विनय कुमार सिंह के साथ उप-निरीक्षक अजय यादव, अमित कुमार वर्मा, और मुख्य आरक्षी केश्वेन्द्र प्रताप सिंह सहित अन्य जवान शामिल रहे। आजमगढ़ पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अपराध और अपराधियों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है। फरार अन्य दो आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दी जा रही है।
“शादी समारोह जैसे मांगलिक अवसरों पर हिंसा फैलाने वालों के लिए समाज में कोई जगह नहीं है। पुलिस टीम ने साहस का परिचय देते हुए मुख्य आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया है।”
