
रिपोर्ट_____अरुण यादव
आजमगढ़। जनपद के मेंहनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र क्षेत्र अंतर्गत ठोठिया गांव में कालरा जैसी बीमारी की आशंका ने ग्रामीणों और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। गांव में अचानक बड़ी संख्या में लोगों में उल्टी-दस्त के लक्षण मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तत्काल मेडिकल टीम भेजकर जांच और उपचार शुरू कर दिया। इस बीच 20 वर्षीय अंतिमा की उपचार से पहले ही मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में दहशत का माहौल है। हालांकि स्वास्थ्य अधिकारियों का कहना है कि बीमारी की वास्तविक पुष्टि लैब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अब तक करीब डेढ़ दर्जन ग्रामीण बीमार पाए गए हैं। इनमें ममता (30), प्रीति (27), कुमार सनाप (25), तेतरी (45), आराध्या (15), राजपत (70), निर्जला (32), रीता (60), प्रमिला (52), आंचल (23), लक्ष्मी (22) और दीपचंद सनाप (85) समेत अन्य लोग शामिल हैं। सभी मरीजों की चिकित्सकीय जांच कर आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई गईं तथा गांव में विशेष स्वास्थ्य शिविर लगाया गया।
गंभीर स्थिति वाले मरीजों में ममता, मंती देवी, आराध्या और राजपत को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कर प्राथमिक उपचार दिया गया। उपचार के बाद तीन मरीजों की हालत में सुधार होने पर उन्हें घर भेज दिया गया, जबकि मंती देवी का इलाज जौनपुर के एक निजी अस्पताल में जारी है।
घटना की सूचना मिलते ही जिला अस्पताल से डिप्टी सीएमओ डॉ. अजीजी स्वास्थ्य टीम के साथ गांव पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि पेयजल स्रोतों, खाद्य पदार्थों और संभावित संक्रमण के कारणों की गहन जांच कराई जा रही है। प्रभावित इलाके में साफ-सफाई, दवा का छिड़काव और जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।
सीएचसी मेंहनगर के अधीक्षक डॉ. जैनेंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रथम दृष्टया कुछ मरीजों में कालरा जैसे लक्षण मिले हैं, लेकिन अंतिम पुष्टि लैब जांच रिपोर्ट आने के बाद ही होगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग पूरे गांव की लगातार निगरानी कर रहा है और लोगों से उबला पानी पीने तथा स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।
