रिपोर्ट______अरुण यादव

आजमगढ़। फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जीएसटी पंजीयन कराकर फर्जी इनवाइस के जरिए करीब 2.38 करोड़ रुपये की राजस्व क्षति पहुंचाने के मामले में कोतवाली पुलिस ने एक वांछित अभियुक्त को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को शनिवार को जिला रोडवेज आजमगढ़ के पास से गिरफ्तार किया। उसके खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, कार्यालय उपायुक्त (वि.अनु.शा.), राज्य कर, आजमगढ़ संभाग की जांच रिपोर्ट के आधार पर थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 522/2025 धारा 319(2), 318(4), 338, 336(3) और 340(2) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।

जांच में सामने आया कि मलिक इंटरप्राइजेज नाम से जीएसटी पंजीयन 30 दिसंबर 2024 को कराया गया था। पंजीयन के लिए अपलोड किए गए दस्तावेजों और फर्म के मुख्य व्यापार स्थल की जांच में फर्म मौके पर अस्तित्वहीन और बोगस पाई गई। जांच के दौरान अपलोड किया गया बिजली बिल कूटरचित मिला, जबकि किरायानामा समेत अन्य दस्तावेजों पर भी संदेह सामने आया।

जांच में आरोप है कि फर्म ने वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 के दौरान फर्जी इनवाइस के जरिए करीब 661.33 लाख रुपये की फर्जी आउटवर्ड सप्लाई दर्शाकर लगभग 119.04 लाख रुपये की फर्जी आईटीसी पास-ऑन की। इसके अलावा करीब 661.63 लाख रुपये की फर्जी खरीद दिखाकर लगभग 119.09 लाख रुपये की फर्जी आईटीसी का लाभ लेने का आरोप है। इस तरह कुल करीब 238.13 लाख रुपये यानी 2.38 करोड़ रुपये की राजस्व क्षति होने की बात जांच में सामने आई।

रोडवेज के पास से दबोचा गया आरोपी

पुलिस के मुताबिक, शनिवार 22 अगस्त 2026 को सुबह 11:55 बजे मुखबिर की सूचना पर उप निरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति, कांस्टेबल भूपेन्द्र मिश्रा और कांस्टेबल सचिन कुमार की टीम ने मुकदमे में वांछित अभियुक्त आदिल पुत्र इस्तेयाक (34 वर्ष) को जिला रोडवेज आजमगढ़ के पास से गिरफ्तार किया।

आरोपी मूल रूप से रवाना शिकारपुर, थाना श्योहारा, जनपद बिजनौर का निवासी बताया गया है। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर अग्रिम विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है।

आरोपी का आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार, आदिल के खिलाफ बिजनौर के श्योहारा थाने में मारपीट व धमकी से संबंधित एक मुकदमा भी दर्ज है। इसके अलावा आजमगढ़ कोतवाली में फर्जी फर्म और जीएसटी से संबंधित वर्तमान मुकदमा दर्ज है।

गिरफ्तार करने वाली टीम में उप निरीक्षक मिथिलेश कुमार प्रजापति, कांस्टेबल भूपेन्द्र मिश्रा और कांस्टेबल सचिन कुमार शामिल रहे।